Ganga Expressway inaugurated: उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी को नई रफ्तार देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन कर इसे देश को समर्पित किया. यह एक्सप्रेसवे पश्चिमी यूपी के मेरठ को पूर्वी छोर के प्रयागराज से जोड़ते हुए राज्य के विकास को नई दिशा देगा.
मेरठ को पूर्वी छोर प्रयागराज से जोड़ते हुए विकास की नई दिशा तय करती है और बुनियादी ढांचे को मजबूती देती है. इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से मेरठ से प्रयागराज के बीच यात्रा समय में भारी कमी आई है.
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पहले यह दूरी तय करने में 12-14 घंटे लगते थे, जबकि अब यह सफर केवल 6-7 घंटे में पूरा किया जा सकेगा. इससे न सिर्फ समय की बचत होगी, बल्कि परिवहन और यात्रा अनुभव भी अधिक सुविधाजनक और तेज हो जाएगा.
यह एक्सप्रेसवे 12 प्रमुख जिलों मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज को सीधे जोड़ता है. इससे इन क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और लोगों के बीच संपर्क बेहतर होगा, जिससे क्षेत्रीय संतुलित विकास को नई गति मिलेगी.
प्रधानमंत्री ने इसे आधुनिक भारत की जीवन रेखा बताते हुए कहा कि मां गंगा के आशीर्वाद से यह परियोजना प्रदेश के विकास को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी. इसके जरिए श्रद्धालुओं को संगम और काशी जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों तक पहुंचने में आसानी होगी, जिससे धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.
वहीं सीएम योगी आदित्यनाथ ने इसे राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए गेमचेंजर बताया. एक्सप्रेसवे के दोनों ओर विकसित हो रहे औद्योगिक कॉरिडोर से एमएसएमई, कृषि और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को मजबूती मिलेगी, जिससे स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाने में आसानी होगी और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे.
यह एक्सप्रेसवे फिलहाल 6 लेन का है, जिसे भविष्य में 8 लेन तक विस्तारित किया जा सकता है. शाहजहांपुर के पास बनी 3.5 किमी लंबी हवाई पट्टी इसकी विशेषता है, जहां आपात स्थिति में वायुसेना के लड़ाकू विमान उतर सकेंगे. इसके अलावा जनसुविधा केंद्र और आधुनिक ट्रैफिक सिस्टम जैसी सुविधाएं यात्रियों को बेहतर अनुभव देंगी.
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गंगा एक्सप्रेसवे केवल दूरी घटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उत्तर प्रदेश को एक नई आर्थिक ताकत के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम है. बेहतर कनेक्टिविटी से निवेश बढ़ेगा, उद्योगों को प्रोत्साहन मिलेगा और राज्य के समग्र विकास को गति मिलेगी, जिससे प्रदेश देश की अर्थव्यवस्था में और मजबूत भूमिका निभा सकेगा.


