गाजियाबाद: गाजियाबाद में मधुबन बापूधाम के बाद करीब दो दशक के लंबे अंतराल के बाद गाजियाबाद में एक बड़ी आवासीय टाउनशिप आकार लेने लगी है. हरनंदीपुरम को अब चरणबद्ध तरीके से जमीन पर उतारने की तैयारी तेज हो गई है. पहले फेज के RERA पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू होने के बाद अब दूसरे फेज को लॉन्च करने की कवायद भी तेज कर दी गई है. दूसरे फेज के लिए चिह्नित 40 हेक्टेयर जमीन में से करीब 30 हेक्टेयर जमीन GDA खरीद चुका है. अब बाकी 10 हेक्टेयर जमीन किसानों से खरीदने और उसका लैंडयूज कन्वर्जन कराने की प्रक्रिया तेज की जा रही है.
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10 हेक्टेयर जमीन खरीदने के निर्देश
GDA उपाध्यक्ष नन्द किशोर कलाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में दूसरे फेज की जमीन, लेआउट और आगे होने वाले विकास कार्यों पर चर्चा की गई. उपाध्यक्ष ने अधिकारियों को शेष जमीन की खरीद की प्रक्रिया जल्द पूरी कराने के निर्देश दिए हैं. इसके बाद दूसरे फेज का लेआउट तैयार कर उसे भी हरनंदीपुरम योजना का हिस्सा बनाया जाएगा. जिन जमीनों का मौजूदा भू-उपयोग कृषि है, उनके आवासीय उपयोग में लैंडयूज कन्वर्जन की प्रक्रिया पूरी कराने के भी निर्देश दिए गए हैं.
49 हेक्टेयर में पहला फेज, RERA नंबर का इंतजार
हरनंदीपुरम का पहला फेज करीब 49 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है. इसका लेआउट GDA बोर्ड से मंजूर हो चुका है और अब इसे RERA पंजीकरण के लिए भेजा गया है. RERA नंबर मिलने के बाद पहले फेज को औपचारिक रूप से लॉन्च करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी. इस फेज में सिर्फ आवासीय प्लॉट ही नहीं होंगे, बल्कि व्यावसायिक क्षेत्र, सामुदायिक सुविधाएं, हरित क्षेत्र, मनोरंजन स्थल और सड़क नेटवर्क भी विकसित किया जाएगा.
गोल्फ कोर्स समेत मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
हरनंदीपुरम की सबसे खास बात इसका सुनियोजित टाउनशिप मॉडल है. इसे सामान्य कॉलोनी की तरह केवल प्लॉट काटकर विकसित करने के बजाय एक प्लान्ड टाउनशिप के रूप में विकसित करने की तैयारी है. पहले फेज में गोल्फ कोर्स समेत आधुनिक सुविधाएं प्रस्तावित हैं. इसके अलावा पार्क, हरित क्षेत्र, सीवरेज, ड्रेनेज, सड़क और सामुदायिक सुविधाओं का नेटवर्क भी विकसित किया जाएगा.
521 हेक्टेयर में फैलेगी पूरी टाउनशिप
हरनंदीपुरम को व्यापक रूप से करीब 521 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित करने की योजना है. इसमें आठ गांवों की जमीन शामिल की जा रही है. GDA किसानों से जमीन खरीदने और आपसी सहमति के आधार पर बैनामा कराने की प्रक्रिया पहले से चला रहा है. पूरी योजना के आकार लेने के बाद यह गाजियाबाद के बड़े नए विकास केंद्रों में शामिल हो सकती है.
हरियाली से लेकर सड़क तक, पूरा प्लान तैयार
पहले फेज के स्वीकृत लेआउट में जमीन का बड़ा हिस्सा अलग-अलग सुविधाओं के लिए तय किया गया है.
- 50.18% क्षेत्र आवासीय उपयोग के लिए
- 6.30% व्यावसायिक क्षेत्र
- 5.46% सामुदायिक सुविधाएं
- 7.42% मनोरंजन के लिए
- 30.66% यातायात और सड़क नेटवर्क के लिए
यानी योजना में सिर्फ घर बनाने पर जोर नहीं है, बल्कि सड़क, पार्क, हरियाली, कारोबार, मनोरंजन और रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी सुविधाओं को भी साथ विकसित करने की तैयारी है.
मधुबन बापूधाम के बाद बड़ी आवासीय पहल
मधुबन बापूधाम के बाद हरनंदीपुरम को GDA की सबसे महत्वपूर्ण नई आवासीय योजनाओं में माना जा रहा है. करीब दो दशक बाद प्राधिकरण इतनी बड़ी टाउनशिप को चरणबद्ध तरीके से विकसित करने जा रहा है. योजना के आसपास प्रस्तावित बड़े प्रोजेक्ट और बेहतर कनेक्टिविटी भविष्य में इस क्षेत्र के विकास को नई दिशा दे सकते हैं. फिलहाल GDA का फोकस जमीन खरीद, लैंडयूज कन्वर्जन और दूसरे फेज के लेआउट को जल्द तैयार करने पर है.


