Ghaziabad News: गाजियाबाद शहर में इंटीग्रेटेड टाउनशिप विकसित करने की प्रक्रिया अब तेजी से आगे बढ़ रही है. शाहपुर बम्हैटा गांव में टाउनशिप के लिए करीब 4.1921 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा. जिला प्रशासन की ओर से सोशल इम्पैक्ट असेसमेंट (SIA) स्टडी के तहत सर्वे पूरा कर लिया गया है. अब जमीन अधिग्रहण के लिए कमेटी गठित की जाएगी. अधिकारियों के मुताबिक, कमेटी करीब दो महीने में अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी कर सकती है. अधिग्रहण के बाद इस जमीन पर रेजिडेंशियल और कमर्शियल प्लॉटों की योजना विकसित की जाएगी. इससे गाजियाबाद में अपना घर बनाने की चाह रखने वाले लोगों को नए विकल्प मिलेंगे. टाउनशिप में सड़क, हरियाली और अन्य बुनियादी सुविधाओं को भी विकसित करने की योजना है.
205 एकड़ में विकसित हो रही शौर्यापुरम टाउनशिप
गाजियाबाद में इंटीग्रेटेड टाउनशिप विकसित करने की योजना नई नहीं है. वर्ष 2005 में जिले के कई बिल्डरों को इंटीग्रेटेड टाउनशिप के लाइसेंस दिए गए थे. इसके बाद वर्ष 2014 की संशोधित पुनरीक्षित इंटीग्रेटेड टाउनशिप नीति और उत्तर प्रदेश टाउनशिप नीति-2023 के तहत एनएच-9 के पास मैसर्स एसएमवी एजेंसीज प्राइवेट लिमिटेड करीब 205 एकड़ क्षेत्र में इंटीग्रेटेड टाउनशिप विकसित कर रही है.
इसी परियोजना के तहत शौर्यापुरम टाउनशिप भी विकसित की जा रही है. परियोजना से जुड़ी अड़चनों को दूर करने के लिए हाल ही में जीडीए उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल ने बिल्डरों के साथ बैठक की थी. उन्होंने टाउनशिप के विकास में आ रही बाधाओं को दूर करते हुए काम में तेजी लाने के निर्देश दिए थे.
जमीन अधिग्रहण के बाद आएगी प्लॉट योजना
शौर्यापुरम टाउनशिप को पूरी तरह विकसित करने के लिए अब जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज की गई है. अधिकारियों के अनुसार, अधिग्रहित जमीन पर रेजिडेंशियल और कमर्शियल प्लॉट विकसित किए जाएंगे. इससे लोगों को आवासीय और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए जमीन उपलब्ध हो सकेगी. जीडीए के अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि शासन के निर्देश पर गाजियाबाद में इंटीग्रेटेड टाउनशिप को तेजी से विकसित कराया जा रहा है. एजेंसी की रिपोर्ट आने के बाद जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा. टाउनशिप में रेजिडेंशियल और कमर्शियल प्लॉटों की योजनाएं आने से लोगों को लाभ मिलेगा.
वैशाली में बनेगा आधुनिक उत्सव भवन, 20.11 करोड़ रुपये होंगे खर्च
इंटीग्रेटेड टाउनशिप के साथ गाजियाबाद विकास प्राधिकरण शहर में एक और बड़ी परियोजना पर काम कर रहा है. वैशाली में करीब 20.11 करोड़ रुपये की लागत से उत्सव भवन विकसित किया जाएगा. इसके निर्माण, संचालन और रखरखाव के लिए प्राधिकरण ने आरपीएफ जारी कर दिया है. जीडीए के मुताबिक, चयनित एजेंसी उत्सव भवन का निर्माण करने के साथ ही उसके संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी भी संभालेगी. परियोजना को 15 वर्ष के लीज मॉडल पर विकसित किया जाएगा.
वैशाली जैसे विकसित इलाके में उत्सव भवन बनने से लोगों को विवाह समारोह, सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ सरकारी आयोजनों के लिए भी बेहतर स्थान उपलब्ध होगा. फिलहाल ऐसे आयोजनों के लिए लोगों को निजी बैंक्वेट हॉल पर निर्भर रहना पड़ता है. जीडीए का मानना है कि उत्सव भवन शुरू होने से एक तरफ नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, वहीं दूसरी ओर प्राधिकरण के लिए राजस्व का नया स्रोत भी तैयार होगा.


