Gurugram Faridabad Noida corridor: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में सफर अब सिर्फ दूरी का नहीं, समय का भी खेल बनने जा रहा है. नमो भारत आरटीएस गुड़गांव-फरीदाबाद-नोएडा कॉरिडोर को आखिरकार अंतिम मंजूरी मिल गई है, और इसके साथ ही लाखों लोगों के रोज़ाना के संघर्ष में बड़ी राहत की उम्मीद जाग गई है.
नायब सिंह सैनी ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए विस्तृत रिपोर्ट जल्द तैयार करने के निर्देश दिए हैं. करीब 15 हजार करोड़ रुपये की लागत वाली यह योजना सिर्फ एक कॉरिडोर नहीं, बल्कि NCR की लाइफलाइन बनने की ओर बढ़ रही है.
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नायब सिंह सैनी ने दी हरी झंडी
इस परियोजना को नायब सिंह सैनी ने हरी झंडी दी है और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम को विस्तृत रिपोर्ट जल्द तैयार करने के निर्देश दिए हैं. सरकार की योजना के अनुसार दिसंबर 2026 तक निर्माण कार्य शुरू हो सकता है और 2031 तक इसे चालू करने का लक्ष्य रखा गया है.
इस कॉरिडोर के शुरू होने के बाद गुरुग्राम से नोएडा का सफर, जो अभी 1.5 से 2 घंटे लगता है, घटकर मात्र 38–40 मिनट रह जाएगा. वहीं गुरुग्राम से फरीदाबाद की दूरी भी करीब 20 मिनट में तय हो सकेगी, जिससे रोजाना ऑफिस जाने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलेगी.
घंटो का सफर मिनटों में
नमो भारत ट्रेनें 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगी और हर 5 से 7 मिनट के अंतराल पर उपलब्ध रहेंगी. इससे दिल्ली-एनसीआर की सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा और लोग तेज, सुरक्षित और समयबद्ध यात्रा का लाभ उठा सकेंगे. गुरुग्राम सेक्शन लगभग 14.5 किमी लंबा होगा, जिसकी शुरुआत IFFCO Chowk से होगी.
यह मिलेनियम सिटी सेंटर, सेक्टर-52 और ग्वाल पहाड़ी जैसे प्रमुख इलाकों को कनेक्ट करेगा, जिससे शहर के भीतर कनेक्टिविटी मजबूत होगी.
नोएडा-ग्रेटर नोएडा कनेक्टिविटी एफएनजी एक्सप्रेसवे से
फरीदाबाद सेक्शन करीब 16 किमी लंबा होगा, जो सैनिक कॉलोनी, एनआईटी और बाटा चौक जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों से होकर गुजरेगा. इसके बाद यह रूट बादशाहपुर के पास तक पहुंचेगा, जिससे औद्योगिक और रिहायशी क्षेत्रों को सीधा फायदा मिलेगा. नोएडा-ग्रेटर नोएडा कनेक्टिविटी एफएनजी एक्सप्रेसवे के जरिए सेक्टर 141/168 से जुड़कर सूरजपुर जंक्शन तक जाएगी.
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पूरे कॉरिडोर पर 18 आधुनिक स्टेशन होंगे और यह डुअल मॉडल (RRTS + मेट्रो) सिस्टम पर आधारित होगा, जिससे हाई-स्पीड और लोकल दोनों तरह की यात्रा संभव होगी.


