Lakhpati Didi Yojana: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने बजट 2026–27 में महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की घोषणा की है. इस बजट में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जुड़ी महिलाओं को प्रोत्साहित करने और उन्हें उद्यमिता से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया गया है. सरकार का स्पष्ट उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाते हुए ‘लखपति दीदी’ अभियान को और गति देना है.
इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश महिला उद्यमी क्रेडिट कार्ड योजना के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. इस योजना के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को लघु उद्योग और स्वरोजगार शुरू करने के लिए आसान, ब्याज मुक्त और चरणबद्ध तरीके से पूंजी उपलब्ध कराई जाएगी. इसका मकसद महिलाओं को छोटे स्तर पर कारोबार शुरू करने में मदद देना है, ताकि वे अपने परिवार की आय बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभा सकें.
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महिलाएं स्थापित करेंगी अपना व्यवसाय
सरकार चाहती है कि महिलाएं कर्ज पर निर्भर रहने के बजाय खुद की उद्यमी बनें. जब महिलाएं अपना व्यवसाय स्थापित करेंगी, तो ग्रामीण परिवारों की आय में स्थायी वृद्धि संभव होगी. यही सोच ‘लखपति दीदी’ अभियान की आधारशिला है, जिसके तहत स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की वार्षिक आय एक लाख रुपये या उससे अधिक करने का लक्ष्य रखा गया है.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया कि राज्य सरकार महिलाओं और युवाओं को उद्यमिता के माध्यम से सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है. मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना के तहत भी युवाओं को छोटे उद्योग शुरू करने के लिए ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है. इससे ग्रामीण इलाकों में स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा.
तीन वर्षों तक इन दुकानों का किराया सरकार वहन करेगी
महिलाओं के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने विपणन व्यवस्था को भी सशक्त करने का निर्णय लिया है. मुख्यमंत्री महिला उद्यमी उत्पाद विपणन योजना के अंतर्गत 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है. इस योजना के तहत रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन, एयरपोर्ट और बड़े बाजारों में दुकानें या शोरूम किराये पर लिए जाएंगे, जिनका संचालन पूरी तरह महिलाओं द्वारा किया जाएगा. विशेष बात यह है कि शुरुआती तीन वर्षों तक इन दुकानों का किराया सरकार वहन करेगी. इसके बाद स्वयं सहायता समूह और महिला उद्यमी अपने कारोबार की जिम्मेदारी खुद संभालेंगी. इससे महिलाओं को बाजार तक सीधी पहुंच मिलेगी और उनके उत्पादों को बेहतर मंच प्राप्त होगा.
महिला उद्यमिता को बढ़ावा मिलने से ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी. गांवों में उत्पादन और बिक्री की मजबूत व्यवस्था से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे. इससे महिलाओं की आय बढ़ेगी और परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा. वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि यह बजट प्रदेश के विकास को नई दिशा देने वाला है. उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘सबका साथ, सबका विकास’ की नीति के अनुरूप समाज के हर वर्ग को विकास की धारा से जोड़ने का काम कर रही है.
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लखपति दीदी अभियान और महिला उद्यमी क्रेडिट कार्ड योजना से प्रदेश की लाखों महिलाओं को लाभ मिलने की उम्मीद है. ब्याज मुक्त ऋण, विपणन सहायता और शुरुआती वर्षों में किराये का खर्च सरकार द्वारा उठाए जाने से महिलाओं के लिए व्यवसाय शुरू करना पहले से अधिक आसान होगा. यह पहल महिला सशक्तिकरण के साथ-साथ प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में भी एक ठोस कदम साबित हो सकती है. आने वाले समय में उत्तर प्रदेश की हजारों महिलाएं सफल उद्यमी बनकर ‘लखपति दीदी’ का लक्ष्य हासिल करेंगी और ग्रामीण विकास की नई मिसाल पेश करेंगी.


