Martyr Shaheed Jitendra Sharma: नम आंखें, देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने का गर्व और “भारत माता की जय” के गगनभेदी जयघोष… असम के जोरहाट में हुए दर्दनाक वायुसेना विमान हादसे में शहीद हुए सार्जेंट जितेंद्र शर्मा का पार्थिव शरीर सोमवार को पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनके पैतृक गांव सालपुर (टप्पल, अलीगढ़) पहुंचा. अपने वीर सपूत के अंतिम दर्शन के लिए इलाके में जनसैलाब उमड़ पड़ा. पूरे क्षेत्र में शोक और गर्व का एक ऐसा माहौल देखने को मिला, जहां हर आंख नम थी, लेकिन हर दिल जितेंद्र के बलिदान पर गर्व से भरा हुआ था.
वायुसेना के विशेष विमान से शहीद का पार्थिव शरीर पहले हिंडन एयरफोर्स स्टेशन लाया गया, जहां से सैन्य वाहन के जरिए यमुना एक्सप्रेसवे होते हुए टप्पल, जट्टारी और हजियापुर मार्ग से सालपुर पहुंचाया गया. पूरे रास्ते लोगों ने तिरंगा लहराकर और पुष्पवर्षा कर अपने वीर जवान को श्रद्धांजलि दी. ‘भारत माता की जय’, ‘वंदे मातरम्’ और ‘जितेंद्र शर्मा अमर रहें’ के नारों से माहौल गूंज उठा.
मां के आंसुओं ने किया भावुक
शहीद बेटे का पार्थिव शरीर देखते ही मां राजेश्वरी देवी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया. परिवार और ग्रामीणों की आंखें भी नम हो गईं. हालांकि शोक के इस माहौल में परिजनों ने गर्व के साथ कहा कि उनका बेटा देश की सेवा करते हुए शहीद हुआ है और यह पूरे परिवार के लिए सम्मान की बात है.
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने दी श्रद्धांजलि
शहीद के घर पर श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लगा रहा. राज्य मंत्री सुरेंद्र सिंह दिलेर, सांसद सतीश गौतम, जिलाधिकारी अवनीश कुमार सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नीरज जादौन समेत कई जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने पहुंचकर परिवार को सांत्वना दी और शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की.
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देशभक्ति के रंग में डूबा सालपुर
टप्पल से लेकर सालपुर तक लोगों की भारी भीड़ उमड़ी रही. बाइक, ट्रैक्टर, कार और पैदल पहुंचे लोगों ने अपने वीर सपूत को अंतिम सलाम किया. गांव की गलियां देशभक्ति के नारों से गूंजती रहीं.


