मुरादाबाद: मुरादाबाद-अलीगढ़ के बीच प्रस्तावित एक्सेस कंट्रोल हाईवे के निर्माण की दिशा में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज हो गई है. जिले की दो तहसीलों के 21 गांवों की करीब 189 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित करने का प्रस्ताव भेजा गया है. हाईवे बनने के बाद मुरादाबाद से अलीगढ़ के बीच तेज और निर्बाध सफर का नया रास्ता मिलने की उम्मीद है.
प्रस्तावित हाईवे के लिए चिह्नित जमीन की खरीद-फरोख्त पर रोक लगा दी गई है. जल्द ही जमीन अधिग्रहण की कानूनी प्रक्रिया शुरू होगी. अधिकारियों के मुताबिक पूरी प्रक्रिया में करीब एक साल तक का समय लग सकता है.
सदर और बिलारी तहसील के गांव आएंगे दायरे में
मुरादाबाद सदर तहसील के चार गांवों की जमीन प्रस्तावित हाईवे की जद में आएगी. इनमें गजगोला नानकबाड़ी, उमरी, गिन्नौर देह माफी और कस्बा मुरादाबाद शामिल हैं. वहीं, बिलारी तहसील के 17 गांवों में जमीन अधिग्रहण प्रस्तावित है. इनमें रतनपुर कलां, मालीपुर, करीमपुर जब्ती, रसूलपुर हमीर, जाफरपुर, लालपुर गंगवारी, फत्तेहपुर खास, मलकपुर, अजमतपुर, ललवारा, कुतुबपुर रायब, खुर्रमनगर बिचौला, मदारपुरा, नौसना शेखूपुर, अल्लापुर भीकन और बघी गोबरधनपुर समेत अन्य गांव शामिल हैं.
करीब 148.5 किलोमीटर लंबा होगा हाईवे
मुरादाबाद-अलीगढ़ एक्सेस कंट्रोल हाईवे की प्रस्तावित लंबाई करीब 148.5 किलोमीटर होगी. मुरादाबाद में इसका रूट दिल्ली-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर पाकबड़ा से पहले सीएनजी पंप के पास से निकलकर रिंग रोड से जुड़ेगा. इसके बाद यह कुंदरकी विधानसभा क्षेत्र और संभल के सिरसी क्षेत्र से होते हुए बुलंदशहर की ओर जाएगा. आगे इसे अलीगढ़ रिंग रोड से जोड़े जाने की योजना है.
गंगा एक्सप्रेसवे की तरह होगा एक्सेस कंट्रोल
यह हाईवे गंगा एक्सप्रेसवे की तर्ज पर एक्सेस कंट्रोल बनाया जाएगा. इसका मतलब है कि आसपास के गांव, मकान या दुकानों से सीधे हाईवे पर वाहन नहीं चढ़ाए जा सकेंगे. वाहनों को प्रवेश और निकासी के लिए निर्धारित इंटरचेंज का इस्तेमाल करना होगा. इसके अलावा प्रस्तावित हाईवे पर दोपहिया और तिपहिया वाहनों के प्रवेश पर भी रोक रहेगी. इस व्यवस्था से हाईवे पर बार-बार रुकने और ट्रैफिक बाधित होने की समस्या कम होने की उम्मीद है.
धारा 3-ए के बाद मांगी जाएंगी आपत्तियां
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से 21 गांवों की करीब 189 हेक्टेयर जमीन के अधिग्रहण का प्रस्ताव विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी को भेजा गया है. पीडी एनएचएआई मुरादाबाद अरविंद कुमार के मुताबिक, धारा 3-ए की अधिसूचना जारी होने के बाद नियमानुसार संबंधित पक्षों से आपत्तियां मांगी जाएंगी. आपत्तियों के निस्तारण के बाद अवार्ड घोषित किया जाएगा और इसके बाद मुआवजा वितरण की प्रक्रिया शुरू करने का लक्ष्य है.
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मुरादाबाद से अलीगढ़ का सफर होगा आसान
हाईवे के तैयार होने के बाद मुरादाबाद और अलीगढ़ के बीच यातायात के लिए एक नया तेज और निर्बाध मार्ग उपलब्ध होगा. एक्सेस कंट्रोल व्यवस्था के कारण स्थानीय ट्रैफिक और हाईवे ट्रैफिक को अलग रखने में मदद मिलेगी. परियोजना पूरी होने के बाद न सिर्फ दोनों शहरों के बीच सफर का समय कम होने की उम्मीद है, बल्कि बुलंदशहर, संभल और आसपास के क्षेत्रों से कनेक्टिविटी को भी नया विकल्प मिल सकता है.


