UP News: उत्तर प्रदेश के एटा और कासगंज के बीच दशकों से लंबित रेल लाइन परियोजना अब हकीकत बनने की ओर बढ़ रही है. पूर्वोत्तर रेलवे ने इस बहुप्रतीक्षित रेल लाइन के निर्माण के लिए 428 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली निविदाएं जारी कर दी हैं. परियोजना पूरी होने के बाद दोनों जिलों के बीच यात्रा समय काफी कम हो जाएगा और क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी.
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रेलवे के अनुसार एटा से कासगंज के बीच कुल 27.284 किलोमीटर लंबी नई ब्रॉडगेज रेल लाइन बिछाई जाएगी. इस परियोजना पर करीब 428 करोड़ 53 लाख 19 हजार 809 रुपये खर्च किए जाएंगे. फाइनल सर्वेक्षण पूरा होने के बाद अब टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.
नई रेल लाइन एटा रेलवे स्टेशन के पास स्थित नगला गोकुल गांव के पास से होकर गुजरेगी. रेलवे इंजीनियरों ने निर्माण कार्य के लिए चेनेज संख्या तय कर कई स्थानों पर पीले रंग के पोल लगाकर जमीन का चिन्हांकन भी कर दिया है. कुछ स्थानों पर रेलवे लाइन के करीब आने वाले घरों की जमीन भी परियोजना में शामिल होगी, जिसके कारण सीमित स्तर पर तोड़फोड़ भी की जा सकती है.
स्थानीय लोगों के अनुसार फाइनल सर्वे के दौरान वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए पहले के प्रस्ताव में कुछ बदलाव भी किए गए हैं, ताकि रेल लाइन का निर्माण तकनीकी रूप से आसान और सुरक्षित हो सके. रेलवे अधिकारियों का कहना है कि टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा. इस परियोजना के लिए दो साल की समय-सीमा तय की गई है, यानी अगर सब कुछ तय योजना के अनुसार चलता रहा तो अगले दो वर्षों में इस रूट पर ट्रेन दौड़ने लगेगी.
सीपीआरओ पूर्वोत्तर रेलवे पंकज सिंह के मुताबिक एटा-कासगंज के बीच नई सिंगल लाइन ब्रॉडगेज परियोजना के लिए टेंडर जारी कर दिए गए हैं और 26 मई को टेंडर खोले जाएंगे. इसके बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा. इस रेल लाइन के बनने से न केवल यात्रियों को सीधा रेल संपर्क मिलेगा, बल्कि व्यापार, रोजगार और क्षेत्रीय विकास को भी बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. एटा और कासगंज के बीच लंबे समय से चल रहा रेल कनेक्टिविटी का सपना अब जल्द ही साकार होता दिखाई दे रहा है.


