दिल्ली: पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव पर दिल्ली स्थित उनके आवास पर हुए कथित हमले के मामले में नया मोड़ आ गया है . इस केस में गिरफ्तार बुलंदशहर निवासी सुमित गिरी की मां ने बेटे को निर्दोष बताते हुए उसकी रिहाई की मांग की है . उन्होंने कहा कि उनका बेटा रोज की तरह लंच बॉक्स लेकर दफ्तर गया था और उसे इस तरह हत्या की साजिश से जोड़ना पूरी तरह निराधार है.
रविवार को पप्पू यादव के दिल्ली स्थित आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अचानक एक युवक ने कथित तौर पर उन तक पहुंचने की कोशिश की . मौके पर मौजूद समर्थकों ने उसे पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया . घटना के बाद पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि यह उनके और उनके परिवार की हत्या की सुनियोजित साजिश थी .
पुलिस सूत्रों के अनुसार
हालांकि, पुलिस जांच के दौरान आरोपी सुमित गिरी का मेडिकल परीक्षण लेडी हार्डिंग अस्पताल में कराया गया . मेडिकल रिपोर्ट में उसके नशे की हालत में होने की पुष्टि हुई है . पुलिस सूत्रों के अनुसार, सुमित ने किसी मादक पदार्थ का सेवन किया था, जबकि उसका साथी हैप्पी शर्मा घटना के समय बाहर मौजूद था .
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक
जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के रहने वाले हैं . मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुमित गिरी भाजपा का नगर मंत्री और हैप्पी शर्मा मंडल महामंत्री बताया जा रहा है . हालांकि, इस संबंध में भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है .
पप्पू यादव पर हमले के आरोपी की मां बोलीं
बुलंदशहर में सुमित के परिवार ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें यह तक पता नहीं था कि सुमित दिल्ली कब गया . उसकी मां ने कहा कि मीडिया में तस्वीरें देखने के बाद ही उन्हें पूरे मामले की जानकारी मिली . परिवार का दावा है कि हत्या की साजिश का आरोप पूरी तरह बेबुनियाद है .
दिल्ली-वाराणसी समेत कई शहरों में एफआईआर दर्ज
इस घटना के पीछे संभावित वजह के तौर पर हाल ही में संसद परिसर में पप्पू यादव द्वारा किए गए एक नुक्कड़ नाटक को भी देखा जा रहा है . राम मंदिर चंदा चोरी के मुद्दे पर हुए इस कार्यक्रम में साधु के वेश में कलाकार की प्रस्तुति को लेकर विवाद हुआ था . इसके बाद भाजपा, विश्व हिंदू परिषद और अन्य हिंदू संगठनों ने विरोध जताया था तथा दिल्ली, वाराणसी समेत कई शहरों में शिकायतें और एफआईआर दर्ज कराई गई थीं .
वहीं, घटना से कुछ दिन पहले पप्पू यादव को उनकी आधिकारिक वेबसाइट के शिकायत पोर्टल पर जान से मारने की धमकियां मिलने की बात भी सामने आई थी . फिलहाल दिल्ली पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है . अभी तक जांच एजेंसियों ने किसी सुनियोजित साजिश की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और मामले की सभी पहलुओं से पड़ताल जारी है .


