Rajasthan Weather Update 21 September 2026: राजस्थान में मानसून की विदाई का दौर शुरू हो गया है, लेकिन 21 सितंबर, सोमवार को प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है. मौसम केंद्र जयपुर की ओर से जारीमौसम पूर्वानुमान के अनुसार 21 सितंबर को पूर्वी राजस्थान के कोटा, उदयपुर और अजमेर संभागों में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है. वहीं पश्चिमी राजस्थान में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने का अनुमान है.
21 सितंबर को राजस्थान में कैसा रहेगा मौसम
मौसम केंद्र जयपुर के पूर्वानुमान के मुताबिक 21 सितंबर को पूर्वी राजस्थान के कोटा, उदयपुर और अजमेर संभागों में कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है. इसके विपरीत पश्चिमी राजस्थान में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है. यानी बारिश का असर पूरे प्रदेश में एक जैसा नहीं रहेगा और मुख्य रूप से पूर्वी हिस्सों के कुछ इलाकों में मौसम बदल सकता है.
मौसम केंद्र के अनुसार राजस्थान के कुछ और हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं. अगले 2-3 दिनों में राज्य के कुछ और हिस्सों से मानसून के आगे बढ़कर विदा होने की संभावना जताई गई है.
इन जिलों में है बारिश और तेज हवा की चेतावनी
21 सितंबर के लिए मौसम चेतावनी तालिका में पूर्वी राजस्थान के चार जिलों में मेघगर्जन, वज्रपात और 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है. इनमें बारां, झालावाड़, कोटा और प्रतापगढ़ जिल शामिल है.
पश्चिमी राजस्थान में मौसम रहेगा शुष्क
पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर और बीकानेर संभागों के अधिकांश हिस्सों में अगले 5-7 दिनों के दौरान मौसम शुष्क रहने की प्रबल संभावना है. 21 सितंबर के दैनिक पूर्वानुमान में भी पश्चिमी राजस्थान के लिए मौसम शुष्क रहने की संभावना जताई गई है.
20 सितंबर को राज्य में कहीं-कहीं हल्की बारिश हुई थी. इस दौरान सबसे अधिक अधिकतम तापमान जैसलमेर में 40.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि बाड़मेर में अधिकतम तापमान 39.2 डिग्री सेल्सियस रहा. जोधपुर शहर में 4.5 मिमी बारिश दर्ज की गई.
बारिश और तेज हवा का क्या असर हो सकता है
बारां, झालावाड़, कोटा और प्रतापगढ़ में मेघगर्जन और वज्रपात के साथ तेज झोंकेदार हवाओं की चेतावनी को देखते हुए खुले स्थानों पर रहने वाले लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए. तेज हवा के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर ढांचों के आसपास खड़े होने से बचना उचित रहेगा. बिजली चमकने और गरज के दौरान खुले मैदान में रहने से भी बचना चाहिए.
बारिश वाले क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर सड़क पर फिसलन और आवागमन में परेशानी जैसी स्थिति बन सकती है. किसानों के लिए भी मौसम केंद्र ने विशेष सलाह जारी की है. तैयार और खुले में रखी फसलों को भीगने से बचाने के उचित उपाय करने तथा कृषि और अनाज मंडियों में खुले में रखे अनाज एवं जिंसों को बारिश से बचाने की सलाह दी गई है.
किसानों के लिए जरूरी सावधानी
मौसम केंद्र जयपुर ने किसानों को सलाह दी है कि फसलों में कीटनाशक और अन्य रसायनों का छिड़काव आगामी दिनों में बारिश की संभावना को ध्यान में रखकर ही करें. खुले आसमान में रखी तैयार फसल और कृषि उपज को सुरक्षित स्थान पर रखने की व्यवस्था करना जरूरी है.
22 सितंबर के बाद कैसा रहेगा मौसम
मौसम पूर्वानुमान के अनुसार 22 सितंबर को भी कोटा और उदयपुर संभागों में कहीं-कहीं बारिश की संभावना है, जबकि पश्चिमी राजस्थान में मौसम शुष्क रह सकता है. 23 और 24 सितंबर को पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने का अनुमान है. इसके बाद 25 और 26 सितंबर को कोटा और उदयपुर संभागों में फिर कहीं-कहीं बारिश की संभावना दी गई है.
FAQ
1. 21 सितंबर को राजस्थान में कहां बारिश हो सकती है?
कोटा, उदयपुर और अजमेर संभागों में कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है.
2. 21 सितंबर को किन जिलों में तेज हवा और वज्रपात की चेतावनी है?
बारां, झालावाड़, कोटा और प्रतापगढ़ में मेघगर्जन, वज्रपात और 30-40 किमी प्रति घंटे की झोंकेदार तेज हवाओं की चेतावनी है.
3. क्या पश्चिमी राजस्थान में भी बारिश होगी?
21 सितंबर को पश्चिमी राजस्थान में मौसम शुष्क रहने की संभावना है.
4. किसानों को क्या सावधानी रखनी चाहिए?
खुले में रखी तैयार फसलों और अनाज को बारिश से बचाने की व्यवस्था करनी चाहिए. रसायनों का छिड़काव भी बारिश की संभावना को ध्यान में रखकर करना चाहिए.
5. क्या राजस्थान से मानसून की विदाई शुरू हो गई है?
मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार राज्य के कुछ और हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं और अगले 2-3 दिनों में कुछ और हिस्सों से इसके विदा होने की संभावना है.
स्रोत: मौसम केंद्र जयपुर, भारत मौसम विज्ञान विभाग.


