Sambhal News: उत्तर प्रदेश के संभल जिले के लिए विकास का एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है. अलीगढ़-मुरादाबाद ग्रीनफील्ड एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे के निर्माण की दिशा में कदम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं. इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को तेज कर दिया है. संभल जिले के 69 गांव इस हाईवे के रूट में शामिल हैं, जिससे क्षेत्र में आर्थिक और बुनियादी ढांचे (Infrastructure) का कायाकल्प होना तय माना जा रहा है.
कैसा होगा हाईवे और क्या है इसका रूट?
यह नया ग्रीनफील्ड हाईवे लगभग 148.5 किलोमीटर लंबा होगा. यह पूरी तरह से ‘एक्सेस कंट्रोल्ड’ होगा, जिसका मतलब है कि इसमें गाड़ियां बिना किसी बड़े मोड़, जिगजैग मार्ग या शहरों की भीड़-भाड़ के फर्राटा भर सकेंगी.
यह हाईवे मुरादाबाद की तरफ से संभल जिले में प्रवेश करेगा. यह असमोली क्षेत्र से सटे ग्रामीण इलाकों, संभल तहसील के गांवों, प्रसिद्ध कैला देवी धाम और रजपुरा क्षेत्र से होकर गुजरेगा. रजपुरा से आगे बढ़कर यह हाईवे गंगा नदी को पार करते हुए बुलंदशहर और फिर अलीगढ़ तक पहुंचेगा. यह हाईवे रास्ते में ‘गंगा एक्सप्रेसवे’ को ओवरपास करेगा, जिससे एक्सप्रेसवे और उसके किनारे बन रहे औद्योगिक गलियारे (Industrial Corridor) तक लोगों की सीधी पहुंच आसान हो जाएगी.
भूमि अधिग्रहण के दायरे में आने वाले गांव
इस बड़ी परियोजना के लिए संभल जिले के कुल 69 गांवों की जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है. इसे पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है.
संभल तहसील: 40 गांव
गुन्नौर तहसील: 29 गांव
भू-माफियाओं और अवैध निर्माण पर रोक लगाने के लिए संभल, मुरादाबाद, अलीगढ़, बुलंदशहर और अमरोहा जिलों में प्रभावित जमीनों के क्रय-विक्रय, लैंड यूज (भूमि उपयोग) परिवर्तन और नए निर्माण कार्यों पर निगरानी कड़ी कर दी गई है.
इस हाईवे से क्षेत्र को होने वाले 5 बड़े फायदे
जाम से मुक्ति और समय की बचत
वर्तमान में संचालित आगरा-मुरादाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 509 पर वाहनों का भारी दबाव रहता है. नए हाईवे के बनने से इस रूट पर ट्रैफिक कम होगा. साथ ही अनूपशहर पुल और नरोरा गंगा बैराज पर लगने वाले लंबे और कष्टदायी जाम से यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी.
जमीनों के दामों में आएगा उछाल
संभल के जिन ग्रामीण इलाकों से यह हाईवे गुजर रहा है, वहां अब तक कोई बड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग नहीं था. कनेक्टिविटी बेहतर होने से इन गांवों में जमीनों की कीमतें तेजी से बढ़ेंगी. इसके अलावा किसानों को जमीन का उचित मुआवजा भी मिलेगा.
रोजगार और व्यापार के नए अवसर
हाईवे के दोनों तरफ व्यावसायिक गतिविधियों को पंख लगेंगे. आने वाले समय में यहाँ बड़े पैमाने पर
वेयरहाउस और लॉजिस्टिक्स हब
पेट्रोल पंप, होटल और ढाबे
ट्रांसपोर्ट और छोटे उद्योग
स्थापित होंगे, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा.
धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा
इस हाईवे के बनने से संभल के प्रसिद्ध कैला देवी धाम और बुलंदशहर जिले के कर्णवास जैसे ऐतिहासिक व धार्मिक स्थलों तक पहुंचना बेहद सुगम हो जाएगा. डिबाई और आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालु भी आसानी से यात्रा कर सकेंगे, जिससे पर्यटन उद्योग को मजबूती मिलेगी.
औद्योगिक गलियारे से सीधा जुड़ाव
अलीगढ़ और मुरादाबाद के पीतल व अन्य उद्योगों के साथ-साथ गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे विकसित हो रहे औद्योगिक क्षेत्रों तक संभल के व्यापारियों की सीधी पहुंच हो जाएगी, जो व्यापार और निवेश के लिए गेमचेंजर साबित होगा.


