UP Link Expressway: उत्तर प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए पांच लिंक एक्सप्रेसवे परियोजनाओं पर इसी महीने काम शुरू करने की तैयारी है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चित्रकूट, फर्रुखाबाद, आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल, झांसी और जेवर लिंक एक्सप्रेसवे परियोजनाओं का काम निर्धारित समय में पूरा करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने भूमि अधिग्रहण, निविदा और विभागीय मंजूरियों से जुड़ी बाधाओं को तत्काल दूर करने पर भी जोर दिया.
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गुरुवार को मुख्यमंत्री ने अपने आवास पर राज्य परिवर्तन आयोग की आठवीं बैठक की अध्यक्षता की. इस दौरान उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) के अधिकारियों ने विभिन्न लिंक एक्सप्रेसवे परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी दी. मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाए, ताकि इनके निर्माण में अनावश्यक देरी न हो.
चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे की निविदा प्रक्रिया लगभग पूरी
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए निविदा प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है. वहीं, फर्रुखाबाद, आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल, झांसी और जेवर लिंक एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण का काम तेजी से किया जा रहा है. इन परियोजनाओं में करीब 80 से 91 प्रतिशत तक भूमि उपलब्ध हो चुकी है. शेष भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है. अधिकारियों के मुताबिक, बाकी परियोजनाओं की निविदा प्रक्रिया भी इसी महीने पूरी करने की तैयारी है, जिसके बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि भूमि अधिग्रहण, प्रशासनिक स्वीकृति, निविदा और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय से संबंधित समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाए.
ग्रेटर नोएडा में माल परिवहन केंद्र का निर्माण जल्द पूरा करने के निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्रेटर नोएडा में प्रस्तावित बहुउद्देशीय माल परिवहन केंद्र का निर्माण जल्द पूरा कराने के निर्देश भी दिए. अधिकारियों ने बताया कि परियोजना के लिए कुल 323 हेक्टेयर भूमि में से 301 हेक्टेयर पर कब्जा प्राप्त हो चुका है. इस परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए शेष प्रक्रियाओं में तेजी लाने पर जोर दिया गया.
कामकाजी महिलाओं के लिए बनेंगे छात्रावास
बैठक में कामकाजी महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई. मुख्यमंत्री ने महिला छात्रावासों के निर्माण में तेजी लाने और उनके संचालन के लिए प्रभावी नीति तैयार करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि महिलाओं को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने के लिए जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं, ताकि वे रोजगार के अवसरों का लाभ उठा सकें.
जीरो पावर्टी अभियान में पात्र परिवारों को मिले योजनाओं का लाभ
मुख्यमंत्री ने ‘जीरो पावर्टी’ अभियान की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि केवल गरीब परिवारों की पहचान तक सीमित न रहा जाए, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया जाए कि पात्र परिवारों को सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ मिले. उन्होंने मंडियों में साफ-सफाई, जल निकासी और किसानों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया. इसके साथ ही आपदा प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति जल्द बहाल करने और बिजली संबंधी शिकायतों के लिए टोल फ्री नंबर को 24 घंटे सक्रिय रखने के निर्देश दिए.
बिजली चोरी रोकने और अग्नि सुरक्षा पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने बिजली चोरी और लाइन हानि पर अंकुश लगाने के लिए फीडरवार जांच कराने के निर्देश दिए. उन्होंने संबंधित अधिकारियों से बिजली व्यवस्था की नियमित निगरानी करने को कहा. इसके अलावा अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और होटलों में अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र की वैधता सुनिश्चित करने के निर्देश अग्निशमन विभाग के अधिकारियों को दिए. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि बुनियादी ढांचे के विकास के साथ-साथ जनसुविधाओं, महिला सुरक्षा, किसानों की आवश्यकताओं और आपदा प्रबंधन से जुड़े कार्यों को भी प्राथमिकता दी जाए.
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