UP Government Scheme: उत्तर प्रदेश सरकार राज्य में रेशम क्षेत्र को आत्मनिर्भरता, रोजगार सृजन और किसानों की आय बढ़ाने का मजबूत माध्यम बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के तहत रेशम उत्पादन को गति देने और विभागीय योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए लखनऊ स्थित रेशम निदेशालय में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता प्रदेश के खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान ने की. इस दौरान उन्होंने विभाग की योजनाओं, बजट व्यय, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और प्रशासनिक कार्यों का ब्यौरा लिया.
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समीक्षा बैठक के मुख्य बिंदु और कड़े निर्देश
योजनाओं में पारदर्शिता और समयबद्धता
मंत्री राकेश सचान ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रेशम विभाग की सभी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक बिना किसी देरी के पहुंचे. किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.कार्यों का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) करने और नियमित निगरानी रखने के निर्देश दिए गए.
गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण से स्वरोजगार
रेशम विभाग के प्रशिक्षण केंद्रों की कार्यप्रणाली में सुधार करने पर जोर दिया गया. प्रशिक्षणार्थियों को व्यावहारिक और गुणवत्तापूर्ण ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि वे सीधे स्वरोजगार और रेशम उत्पादन से जुड़ सकें.
बजट का प्रभावी और पारदर्शी उपयोग
स्वीकृत धनराशि का समयबद्ध और नियमानुसार उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश. प्रत्येक मद में हुए खर्च का सत्यापन कर विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के आदेश जारी किए गए हैं.
केंद्र सरकार की योजनाओं का अधिकतम लाभ
केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर बल दिया गया.
संबंधित प्रस्ताव समय पर केंद्र सरकार को भेजने के निर्देश दिए गए ताकि केंद्रीय योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ प्रदेश को मिल सके.
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वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति
बैठक में अपर मुख्य सचिव बी. एल. मीणा समेत रेशम और वस्त्रोद्योग विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे. सभी अधिकारियों ने विभागीय प्रगति रिपोर्ट पेश की और तय समय-सीमा के भीतर लक्ष्यों को पूरा करने की प्रतिबद्धता जताई. सरकार के इस प्रयास से न केवल राज्य के रेशम उद्योग को नया जीवन मिलेगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ-साथ युवाओं के लिए स्वरोजगार के नए द्वार खुलेंगे.


