UP Weather Update: उत्तर प्रदेश में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलने जा रहा है. मौसम विभाग (आईएमडी) के ताजा बुलेटिन के अनुसार 7 अप्रैल 2026 की सुबह से अगले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और ओलावृष्टि होने की संभावना जताई गई है. खासतौर पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों के लिए विभाग ने विशेष चेतावनी जारी की है, जहां तेज हवाओं के साथ बड़े आकार के ओले गिर सकते हैं. मौसम में इस अचानक बदलाव को देखते हुए प्रशासन और कृषि विशेषज्ञों ने लोगों और किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है.
इन जिलों में ओलावृष्टि की सबसे अधिक संभावना
मौसम विभाग ने 7 अप्रैल 2026 की सुबह 08:30 बजे से अगले दिन सुबह तक के लिए कुछ जिलों को विशेष रूप से चिह्नित किया है, जहां ओलावृष्टि की संभावना सबसे ज्यादा बताई जा रही है. इनमें बिजनौर, मेरठ, बागपत, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, मथुरा, सहारनपुर, आगरा, फिरोजाबाद और शामली सहित आसपास के क्षेत्र शामिल हैं. इन जिलों में तेज गरज-चमक के साथ बारिश होने और बड़े ओले गिरने की आशंका जताई गई है. मौसम विभाग के अनुसार इन क्षेत्रों में अचानक मौसम बिगड़ सकता है, इसलिए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है.
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इन जिलों में बारिश का अलर्ट
ओलावृष्टि के अलावा प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी बारिश और तेज हवाओं का अनुमान है. विभाग के अनुसार अलीगढ़, अमरोहा, बदायूं, बरेली, बिजनौर, बुलंदशहर, हापुड़, कासगंज, मेरठ, बागपत, मुरादाबाद, गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर, गौतम बुद्ध नगर, पीलीभीत, रामपुर, मथुरा, हाथरस, सहारनपुर, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, संभल, शाहजहांपुर, शामली, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर समेत कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है. इन इलाकों में मौसम अचानक बदलने से तापमान में भी गिरावट देखने को मिल सकती है.
किसानों के लिए बढ़ी चिंता
अप्रैल के महीने में होने वाली ओलावृष्टि किसानों के लिए परेशानी का कारण बन सकती है. इस समय कई जगहों पर गेहूं सहित रबी की फसलें कटाई के दौर में हैं या कटकर खेतों और खलिहानों में रखी हुई हैं. ऐसे में ओले गिरने से फसलों को भारी नुकसान होने की आशंका है. कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि फसल कट चुकी है तो किसानों को उसे सुरक्षित स्थान पर ढककर रखना चाहिए, ताकि बारिश और ओलों से नुकसान कम किया जा सके.
तेज हवाओं और आंधी की भी संभावना
मौसम विभाग के अनुसार प्रभावित जिलों में ओलावृष्टि के साथ-साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी और तेज हवाएं भी चल सकती हैं. इसके साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से वायुमंडल में अचानक बदलाव आया है, जिसके कारण यह स्थिति बन रही है.
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लोगों के लिए सावधानी जरूरी
खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है. तेज आंधी या बारिश के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे खड़े न हों. वाहन चलाते समय भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है. मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर आगे भी चेतावनी जारी की जाएगी.


