Weather Update 16 June 2026: देशभर में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है. दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 15 जून को एक और बड़ी प्रगति दर्ज करते हुए आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल के शेष हिस्सों के साथ तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के कुछ और क्षेत्रों को कवर कर लिया है. इसके साथ ही पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना है, जबकि मध्य और दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में अभी भी लू का असर बना रहेगा.
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार 16 और 17 जून के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों में बारिश, आंधी, बिजली गिरने, तेज हवाओं और कुछ इलाकों में उष्ण लहर जैसी स्थितियां देखने को मिल सकती हैं.
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मानसून ने पूर्वी भारत में बढ़ाई पकड़
मौसम विभाग के अनुसार मानसून अब बिहार, झारखंड, ओडिशा, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल के बड़े हिस्सों तक पहुंच चुका है. इसके प्रभाव से पूर्वी भारत के कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी.
ओडिशा में 16 जून तक कई इलाकों में व्यापक वर्षा की संभावना जताई गई है. बिहार और झारखंड में 15 से 21 जून के बीच रुक-रुक कर बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं. बिहार के कुछ हिस्सों में 16 जून को भारी बारिश का भी अलर्ट जारी किया गया है.
दिल्ली, राजस्थान और उत्तर भारत में आंधी-बारिश की संभावना
उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम तेजी से करवट ले रहा है. दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में 16 जून को गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है.
मौसम विभाग ने बताया है कि हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में 16 जून तथा 18 से 20 जून के बीच 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिनकी गति झोंकों में 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है.
राजस्थान के कई इलाकों में भी तेज हवाओं और आंधी की संभावना बनी हुई है. पश्चिमी राजस्थान में धूलभरी आंधी की गतिविधियां भी दर्ज की जा सकती हैं.
उत्तर प्रदेश में कब होगी बारिश?
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 15 से 19 जून तक और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 17 से 18 जून के दौरान कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना जताई गई है.
हालांकि प्रदेश में व्यापक वर्षा की संभावना नहीं है, लेकिन कई जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश लोगों को गर्मी से राहत दे सकती है.
पहाड़ी राज्यों में बारिश और बिजली गिरने का खतरा
जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में अगले कई दिनों तक मौसम सक्रिय बना रहेगा.
15 से 17 जून के बीच जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में बिखरी हुई वर्षा होने की संभावना है. वहीं 18 से 21 जून के दौरान वर्षा की तीव्रता बढ़ सकती है.
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भी 21 जून तक अलग-अलग स्थानों पर बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है. कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक और तेज हवाएं भी चल सकती हैं.
पूर्वोत्तर भारत में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने पूर्वोत्तर राज्यों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है. अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 15 से 21 जून तक व्यापक वर्षा होने की संभावना है.
अरुणाचल प्रदेश में 18 से 21 जून के बीच बहुत भारी बारिश हो सकती है. वहीं असम और मेघालय में 17 से 21 जून के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान लगाया गया है.
लगातार बारिश वाले क्षेत्रों में जलभराव, भूस्खलन और स्थानीय स्तर पर यातायात प्रभावित होने की आशंका बनी रह सकती है.
पश्चिम बंगाल और सिक्किम में बढ़ेगा बारिश का असर
उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम अगले एक सप्ताह तक देश के सबसे अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में शामिल रह सकते हैं.
15 और 16 जून को भारी बारिश तथा 17 से 20 जून के बीच बहुत भारी वर्षा की संभावना व्यक्त की गई है. मौसम विभाग ने स्थानीय प्रशासन और नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है.
मध्य भारत में गरज-चमक के साथ वर्षा
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ क्षेत्र में 15 से 21 जून के बीच बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं.
इन क्षेत्रों में कई स्थानों पर बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है. किसानों और खुले क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है.
तेलंगाना और विदर्भ में जारी रहेगी लू
जहां देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय हो रहा है, वहीं तेलंगाना और विदर्भ के कुछ इलाकों में अभी भी गर्मी का असर बना रहेगा.
मौसम विभाग ने तेलंगाना में 15 और 16 जून तथा विदर्भ में 15 से 17 जून तक उष्ण लहर चलने की संभावना जताई है. इन क्षेत्रों में दिन के समय तापमान सामान्य से अधिक रह सकता है.
दक्षिण भारत में बारिश और तेज हवाओं का दौर
केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के विभिन्न हिस्सों में बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी.
केरल और माहे में 15 से 21 जून तक व्यापक वर्षा का अनुमान है. तमिलनाडु और पुडुचेरी में 16 से 18 जून के दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है.
तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में 15 से 19 जून के बीच तेज सतही हवाएं चलने की संभावना है.
तापमान को लेकर क्या है अनुमान?
IMD के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत में अधिकतम तापमान में 18 जून तक 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक बढ़ोतरी हो सकती है. इसके बाद तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है.
देश के बाकी हिस्सों में 21 जून तक अधिकतम तापमान में कोई महत्वपूर्ण परिवर्तन नहीं होने का अनुमान है.
मौसम विभाग की सलाह
भारी बारिश वाले क्षेत्रों में जलभराव और फिसलन से बचने के लिए सतर्क रहें.
आंधी और बिजली की चेतावनी वाले क्षेत्रों में खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखें.
लू प्रभावित क्षेत्रों में पर्याप्त पानी पिएं और दोपहर के समय अनावश्यक बाहर निकलने से बचें.
स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा अपडेट पर नियमित नजर रखें.
स्रोत: भारतीय मौसम विभाग (India Meteorological Department – IMD) का राष्ट्रीय मौसम बुलेटिन, जारी दिनांक 15 जून 2026.
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FAQ
Q1. 16-17 जून 2026 को किन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है?
उत्तर: उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, बिहार, ओडिशा, केरल और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है.
Q2. क्या दिल्ली-NCR में बारिश होगी?
उत्तर: IMD के अनुसार दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में 16 जून को गरज-चमक, तेज हवाओं और कहीं-कहीं हल्की बारिश की संभावना है.
Q3. किन क्षेत्रों में लू का खतरा बना हुआ है?
उत्तर: तेलंगाना में 15-16 जून और विदर्भ में 15-17 जून तक उष्ण लहर (Heat Wave) की स्थिति रहने की संभावना है.
Q4. उत्तर प्रदेश में मौसम कैसा रहेगा?
उत्तर: पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 15-19 जून और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 17-18 जून के दौरान कई जिलों में बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई गई है.


