Dharm/Jyotish Desk: सोमवार का दिन हिंदू धर्म में खास माना जाता है. यह दिन भगवान शिव को समर्पित होता है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस दिन व्रत रखते हैं, शिवलिंग पर जल अर्पित करते हैं और मनोकामना पूरी होने की कामना करते हैं. मान्यता है कि सोमवार की पूजा से मन को शांति मिलती है और जीवन में संतुलन बना रहता है. लेकिन कानपुर के वरिष्ठ ज्योतिषाचार्य पंडित दिनेश शास्त्री का कहना है कि सिर्फ पूजा कर लेना ही काफी नहीं होता.
उनके अनुसार, लोग अक्सर विधि-विधान से पूजा तो कर लेते हैं, लेकिन दिनभर की कुछ आदतें ऐसी होती हैं जो सोमवार के प्रभाव को कमजोर कर देती हैं.
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पंडित दिनेश बताते हैं कि सोमवार चंद्रमा और भगवान शिव से जुड़ा दिन है, इसलिए इस दिन मन और व्यवहार दोनों का शांत रहना बहुत जरूरी होता है. आइए जानते हैं सोमवार के दिन कौन-से काम नहीं करने चाहिए और क्यों.
झूठ बोलने और छल-कपट से बचें
वे कहते हैं कि सोमवार के दिन झूठ बोलने और छल-कपट से बचना चाहिए. कई लोग छोटी-छोटी बातों में भी दिखावा या बहाने का सहारा लेते हैं, लेकिन यही आदत चंद्र ग्रह को कमजोर करती है. चंद्र के कमजोर होने से व्यक्ति को बिना वजह चिंता, बेचैनी और मानसिक अस्थिरता महसूस होने लगती है.
बड़ों की अपमान न करें
पंडित दिनेश के मुताबिक, बड़ों और माता-पिता की अनदेखी करना भी सोमवार को शुभ नहीं माना जाता. उनका कहना है कि इस दिन किया गया ऐसा व्यवहार गुरु और सूर्य ग्रह पर असर डालता है. इसका परिणाम यह होता है कि व्यक्ति का आत्मविश्वास धीरे-धीरे कम होने लगता है और समाज में सम्मान भी प्रभावित होता है.
गुस्सा और कठोर वाणी से बचें
वे यह भी बताते हैं कि सोमवार के दिन गुस्सा और कठोर वाणी से खासतौर पर बचना चाहिए. चंद्रमा का स्वभाव शांत माना जाता है और जब व्यक्ति इस दिन जरूरत से ज्यादा क्रोध करता है या कड़वे शब्द बोलता है, तो उसका असर सीधे रिश्तों पर पड़ता है. घर का माहौल बिगड़ सकता है और मन में चिड़चिड़ापन बना रहता है.
सोमवार के दिन अशुभ हैं ये चीजें
एक और आम गलती की ओर इशारा करते हुए पंडित दिनेश कहते हैं कि बेवजह पानी बहाना या प्रकृति को नुकसान पहुंचाना भी सोमवार के दिन अशुभ माना जाता है. चूंकि यह दिन जल तत्व से जुड़ा है, इसलिए जल का सम्मान करना मानसिक शांति के लिए जरूरी होता है.
खास बात तो यह है कि पंडित दिनेश किसी कठिन पूजा या विशेष अनुष्ठान की बात नहीं करते. वे कहते हैं कि सोमवार के दिन शांत रहने की कोशिश करें, सच बोलें, किसी जरूरतमंद की मदद करें और मन में नकारात्मकता न रखें. उनका मानना है कि ऐसे छोटे व्यवहारिक बदलावों से ही भगवान शिव की कृपा बनी रहती है.
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पंडित दिनेश शास्त्री का कहना है कि सोमवार केवल पूजा का दिन नहीं है, यह अपने मन को संभालने का दिन है. जब इंसान खुद को संतुलित करता है, तो जीवन भी धीरे-धीरे संतुलन में आने लगता है.


