Aaj Ka Mausam 10 March: देश के अधिकांश हिस्सों में इन दिनों गर्मी का असर तेजी से बढ़ रहा है. मार्च की शुरुआत में ही लोगों को अप्रैल-मई जैसी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है. मौसम विभाग के अनुसार इस बार मार्च का महीना सामान्य से अधिक गर्म रह सकता है और जल्द ही देश के कई हिस्सों में लू (हीटवेव) चलने की संभावना है. ऐसे में लोगों को मौसम को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है. फिलहाल उत्तर भारत के कई राज्यों-राजस्थान, दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहार में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जिससे दिन के साथ-साथ रात में भी गर्मी महसूस की जा रही है. हालांकि बिहार में अगले दो दिनों के लिए तेज आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है.
भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार अगले 24 से 72 घंटों के दौरान एक नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना है. इसके प्रभाव से हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश और बर्फबारी हो सकती है. इससे इन क्षेत्रों में ठंडक बनी रहेगी, जबकि मैदानी इलाकों में मौसम सामान्यतः साफ रहने का अनुमान है. मौसम एजेंसी स्काईमेट के मुताबिक 10 से 11 मार्च के बीच सिक्किम, असम, अरुणाचल प्रदेश और पश्चिम बंगाल में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं. इन इलाकों में 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और तेज बारिश होने की संभावना है. इस दौरान आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी जताया गया है. देश के कई अन्य हिस्सों में अधिकतम तापमान 35 से 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने के संकेत मिल रहे हैं, जो हीटवेव की स्थिति की ओर इशारा करते हैं.
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बिहार में अगले दो दिनों तक मौसम बदला हुआ रह सकता है. राज्य के कई जिलों में आंधी, बारिश और वज्रपात को लेकर अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग के अनुसार सोमवार से राज्य के उत्तर और पूर्वी भागों में मौसम में बदलाव देखा गया है. सीमांचल क्षेत्र के पूर्णिया, किशनगंज, अररिया, पटना, मुजफ्फरपुर और जमुई में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने के साथ घने बादल छाए रहने की संभावना है. वहीं दरभंगा, समस्तीपुर, सुपौल, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, सहरसा, मधेपुरा, कटिहार, भागलपुर, बांका, खगड़िया और मुंगेर समेत कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है. इन क्षेत्रों में वज्रपात की भी चेतावनी दी गई है, इसलिए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. मौसम विभाग का अनुमान है कि 11 मार्च की रात तक राज्य में मौसम का यह बदलाव बना रह सकता है. इसका असर पड़ोसी राज्यों छत्तीसगढ़ और झारखंड के कुछ हिस्सों में भी देखने को मिल सकता है.
उत्तर प्रदेश में भी गर्मी का असर लगातार बढ़ रहा है. प्रदेश के अधिकतर जिलों में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक दर्ज किया जा रहा है. दिन के साथ-साथ रात में भी गर्मी महसूस होने लगी है और कई जगहों पर लोग पंखे और कूलर का इस्तेमाल करने लगे हैं. हालांकि मौसम विभाग ने पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में अगले दो दिनों तक बादल छाए रहने और हल्की बूंदाबांदी की संभावना जताई है. इस दौरान 25 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिससे मौसम कुछ हद तक नरम रह सकता है. फिलहाल आगरा में अधिकतम तापमान लगभग 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जो हीटवेव की स्थिति के करीब माना जा रहा है.
दिल्ली-एनसीआर में भी गर्मी तेजी से बढ़ रही है. यहां न्यूनतम तापमान सामान्य से लगभग पांच डिग्री अधिक यानी करीब 110 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है. मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद और गुरुग्राम में आसमान साफ रहेगा. यहां अधिकतम तापमान करीब 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 17 से 110 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है. अगले कुछ दिनों तक तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होने के आसार हैं, जिससे जल्द ही लू चलने की संभावना भी जताई जा रही है. हालांकि तेज हवाओं के कारण वायु गुणवत्ता में कुछ सुधार देखा गया है और फिलहाल एक्यूआई करीब 200 के आसपास यानी खराब श्रेणी में बना हुआ है.
राजस्थान में भी तापमान लगातार बढ़ रहा है. आईएमडी के अनुसार राज्य के दो स्थानों पर तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है. झुंझुनूं जिले के पिलानी में अधिकतम तापमान 40.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि बाड़मेर में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस रहा. मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले दिनों में भी राज्य के कई हिस्सों में गर्म मौसम बना रहेगा और जल्द ही हीटवेव का अलर्ट जारी किया जा सकता है. फिलहाल किसी बड़ी मौसमी गतिविधि की संभावना नहीं है.
पंजाब और हरियाणा में भी तापमान में लगातार वृद्धि देखी जा रही है. हरियाणा का हिसार सबसे गर्म स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 37.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से लगभग छह डिग्री अधिक है. अंबाला में 32.5 डिग्री, करनाल में 31.7 डिग्री, नारनौल में 36.8 डिग्री, गुरुग्राम में 34.4 डिग्री और भिवानी में 36.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज होने का अनुमान है. वहीं पंजाब में चंडीगढ़ में 32.3 डिग्री, फरीदकोट में 33.6 डिग्री, लुधियाना में 33 डिग्री, पटियाला में 33.2 डिग्री और अमृतसर में 30.8 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया जा सकता है.
हिमाचल प्रदेश में पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है. चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, किन्नौर और लाहौल-स्पीति में 11 और 12 मार्च को गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं का येलो अलर्ट जारी किया गया है. इन क्षेत्रों में बर्फबारी की भी संभावना है. वहीं मैदानी इलाकों में मौसम शुष्क रहने और गर्मी महसूस होने का अनुमान है.
जम्मू-कश्मीर में अगले दो से तीन दिनों तक मौसम बदला हुआ रह सकता है. 10 से 12 मार्च के बीच कई ऊंचे इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना है. अनंतनाग, कुपवाड़ा, बांदीपोर और गांदरबल के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मध्यम बर्फबारी हो सकती है. इससे दिन के तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है.
पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश, असम, सिक्किम और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में 10 से 11 मार्च के बीच गरज-चमक के साथ तेज हवाएं और बारिश की संभावना है. यहां 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चल सकती है और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी रहेगा.
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मौसम विभाग के अनुसार मैदानी क्षेत्रों में जब तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक हो जाए और यह सामान्य से कम से कम 4.5 डिग्री ज्यादा हो, तब हीटवेव की स्थिति मानी जाती है. तटीय क्षेत्रों के लिए यह सीमा 37 डिग्री और पहाड़ी क्षेत्रों के लिए 30 डिग्री सेल्सियस निर्धारित की गई है. हीटवेव के दौरान डीहाइड्रेशन, हीट क्रैम्प्स और हीटस्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है.
गर्मी के मौसम में सनबर्न का खतरा भी बढ़ जाता है. सनबर्न तब होता है जब त्वचा लंबे समय तक सूर्य की तेज पराबैंगनी (यूवी) किरणों के संपर्क में रहती है. इससे त्वचा में जलन, लाल दाग, सूजन और छाले जैसी समस्याएं हो सकती हैं. चिकित्सीय भाषा में इसे डर्माटाइटिस सोलारिस कहा जाता है. इसलिए गर्मियों में धूप से बचाव के उपाय अपनाना जरूरी माना जाता है.


