Kanpur Metro Route Update: औद्योगिक नगरी कानपुर में मेट्रो परियोजना तेजी से अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रही है, जिससे शहर के सार्वजनिक परिवहन में बड़ा बदलाव आने वाला है. योगी सरकार इस परियोजना को प्राथमिकता दे रही है, और मास रैपिड ट्रांजिट सिस्टम के तहत इसे आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित किया जा रहा है. इससे लोगों को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का विकल्प मिलेगा.
कानपुर मेट्रो के कॉरिडोर-1 की कुल लंबाई लगभग 23 किलोमीटर है, जो आईआईटी से नौबस्ता तक फैला हुआ है. इसमें से करीब 15.4 किलोमीटर हिस्से में पहले से मेट्रो संचालन शुरू हो चुका है. बाकी हिस्सों में अंडरग्राउंड और एलिवेटेड दोनों प्रकार के निर्माण कार्य तेजी से किए जा रहे हैं, ताकि पूरे कॉरिडोर को जल्द चालू किया जा सके.
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झकरकट्टी से ट्रांसपोर्ट नगर तक बनने वाले दो अंडरग्राउंड स्टेशनों का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है. इन स्टेशनों में अब फिनिशिंग का कार्य अंतिम चरण में है. टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) के जरिए बनाई गई सुरंग में अप लाइन पर ट्रैक बिछाया जा चुका है, जबकि डाउन लाइन पर भी काम लगभग पूरा होने की स्थिति में है.
बारादेवी से नौबस्ता तक पांच एलिवेटेड स्टेशनों का ढांचा तैयार हो चुका है और अब इन पर तेजी से फिनिशिंग का काम चल रहा है. इस सेक्शन में जनवरी 2026 से मेट्रो ट्रेनों की टेस्टिंग और ट्रायल रन भी शुरू हो चुका है. उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही इस हिस्से में यात्रियों के लिए मेट्रो सेवा शुरू कर दी जाएगी.
कॉरिडोर-2 के तहत सीएसए यूनिवर्सिटी से बर्रा तक करीब 8.6 किलोमीटर लंबी मेट्रो लाइन का निर्माण कार्य भी तेज गति से चल रहा है. इस कॉरिडोर में रावतपुर से डबल पुलिया के बीच तीन अंडरग्राउंड स्टेशन बनाए जा रहे हैं, जिनमें सुरंग निर्माण का काम लगभग पूरा हो चुका है और अब अन्य तकनीकी कार्यों पर ध्यान दिया जा रहा है.
कॉरिडोर-2 में सीएसए यूनिवर्सिटी या विजय नगर से बर्रा तक पांच एलिवेटेड स्टेशनों का निर्माण भी तेजी से आगे बढ़ रहा है. इस पूरे कॉरिडोर को मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. इसके पूरा होने से शहर के कई प्रमुख इलाकों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी और लोगों का समय भी बचेगा.
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कानपुर मेट्रो परियोजना के पूरा होने से शहर की ट्रैफिक व्यवस्था में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा. इससे सड़कों पर वाहनों का दबाव कम होगा और प्रदूषण में भी कमी आएगी. साथ ही, यह परियोजना शहर के आर्थिक विकास को भी गति देगी और कानपुर को एक आधुनिक, स्मार्ट और पर्यावरण के अनुकूल शहर बनाने में अहम भूमिका निभाएगी.


