Kanpur Metro latest update: कानपुर मेट्रो परियोजना ने बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए IIT से नौबस्ता के बीच अंडरग्राउंड सेक्शन में डाउनलाइन ट्रैक बिछाने का काम पूरा कर लिया है. इससे पूरे कॉरिडोर पर अप और डाउन दोनों लाइनें तैयार हो चुकी हैं, जो मेट्रो संचालन की दिशा में अहम कदम है और शहर में तेज, सुगम और आधुनिक यातायात व्यवस्था को मजबूती देगा.
IIT कानपुर से नौबस्ता तक के रूट में अंडरग्राउंड सेक्शन तैयार होने के बाद मेट्रो संचालन की संभावनाएं तेज हो गई हैं. इस हिस्से में ट्रैक बिछने से यात्रियों को जल्द ही राहत मिलने की उम्मीद है, जिससे सड़क यातायात का दबाव भी कम होगा और यात्रा समय में काफी बचत होगी. कानपुर सेंट्रल से स्वदेशी कॉटन मिल रैंप के बीच लगभग 3 किलोमीटर लंबे भूमिगत हिस्से में ट्रैक पूरी तरह तैयार हो चुका है. इसके साथ ही कॉरिडोर-1 का यह महत्वपूर्ण हिस्सा अब संचालन के करीब पहुंच गया है, जिससे शहर के प्रमुख इलाकों के बीच कनेक्टिविटी और भी मजबूत होगी.
अधिकारियों के अनुसार
अप्रैल के पहले सप्ताह के बाद डाउनलाइन पर टेस्ट रन शुरू करने की योजना है, जबकि अपलाइन पर परीक्षण पहले से जारी है. यदि परीक्षण सफल रहता है, तो जल्द ही यात्रियों के लिए इस रूट पर मेट्रो सेवा शुरू हो सकती है, जिससे शहरवासियों को आधुनिक और सुरक्षित यात्रा का नया विकल्प मिलेगा. कॉरिडोर-1 का कुल शेष हिस्सा लगभग 8 किलोमीटर लंबा है, जिसमें 3 किलोमीटर अंडरग्राउंड और करीब 5.3 किलोमीटर एलिवेटेड सेक्शन शामिल है.
बारादेवी से नौबस्ता तक एलिवेटेड ट्रैक का कार्य पहले ही अक्टूबर 2025 में पूरा हो चुका है, जिससे परियोजना अब अपने अंतिम और निर्णायक चरण में पहुंच चुकी है.
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टनल के अंदर ट्रैक को फ्लैश बट वेल्डिंग तकनीक से जोड़ा गया है, जिससे ट्रैक की मजबूती और सुरक्षा सुनिश्चित होती है. इसके साथ ही थर्ड रेल इंस्टालेशन, सिग्नलिंग, टेलीकॉम और इलेक्ट्रिकल सिस्टम्स का काम तेजी से अंतिम चरण में है, जो मेट्रो संचालन के लिए जरूरी तकनीकी आधार तैयार कर रहे हैं. कानपुर मेट्रो कॉरिडोर 2 में भी टनल निर्माण का काम रिकॉर्ड समय में पूरा हुआ है.
रावतपुर से डबल पुलिया तक 4.80 किलोमीटर लंबे सेक्शन में ‘पार्वती’ और ‘गोमती’ टीबीएम मशीनों ने मात्र 16 महीनों में कार्य पूरा किया, जो आधुनिक इंजीनियरिंग और तेज निर्माण क्षमता का बेहतरीन उदाहरण है.


