UP Weather Update: अप्रैल का महीना अभी आधा भी नहीं बीता, लेकिन उत्तर प्रदेश में गर्मी ने जून जैसी तीव्रता दिखानी शुरू कर दी है. आसमान से बरसती तेज धूप, शुष्क हवाएं, बढ़ता हीट इंडेक्स और बिजली-पानी की किल्लत ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है. हालात ऐसे हैं कि अब केवल दिन ही नहीं, बल्कि रातें भी राहत देने के बजाय लोगों को बेचैन कर रही हैं. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा अलर्ट ने चिंता और बढ़ा दी है, क्योंकि निकट भविष्य में राहत के कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिख रहे हैं.
लखनऊ में बढ़ती गर्मी से बेहाल लोग
राजधानी लखनऊ में सोमवार को अधिकतम तापमान 41.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.1 डिग्री अधिक है. वहीं न्यूनतम तापमान करीब 24 डिग्री सेल्सियस बना हुआ है. मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार और बुधवार को भी तापमान 41 से 42 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है. शुष्क और गर्म हवाओं के कारण उमस बढ़ रही है, जिससे लोगों को भारी असहजता का सामना करना पड़ रहा है.
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प्रदेशभर में 40 डिग्री के पार पारा
उत्तर प्रदेश के अधिकांश जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है. प्रयागराज और वाराणसी में पारा 44 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच गया है, जो सामान्य से लगभग 5 डिग्री अधिक है. बुंदेलखंड क्षेत्र के बांदा और झांसी में भी तापमान करीब 45 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जिससे ये इलाके प्रदेश के सबसे गर्म क्षेत्रों में शामिल हो गए हैं.
वॉर्म नाइट से बढ़ी परेशानी
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ, गाजियाबाद और नोएडा जैसे जिलों में वॉर्म नाइट की स्थिति बनी हुई है. यहां रात का तापमान 25 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच रह रहा है. इससे लोगों को रात में भी राहत नहीं मिल पा रही और नींद तक प्रभावित हो रही है. लगातार दिन-रात बनी गर्मी ने लोगों की दिनचर्या को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है.
लू के पीछे मौसमीय कारण
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पछुआ हवाओं और उत्तर भारत के ऊपर बने एंटी-साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण वातावरण में नमी की भारी कमी हो गई है. इसी वजह से हीट इंडेक्स बढ़ गया है और लू का असर अधिक खतरनाक हो गया है. अगले पांच दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में लू चलने की संभावना जताई गई है.
स्वास्थ्य पर बढ़ता खतरा
भीषण गर्मी के कारण डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा तेजी से बढ़ रहा है. मौसम विभाग ने विशेष रूप से दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है. छोटे बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है.
बिजली-पानी संकट से दोहरी मार
गर्मी के साथ-साथ कई इलाकों में बिजली और पानी की समस्या भी गहराने लगी है. तेज धूप और बढ़ती गर्मी के कारण बिजली की मांग बढ़ गई है, जिससे कटौती हो रही है. वहीं पानी की कमी ने लोगों की परेशानियों को और बढ़ा दिया है.
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राहत के आसार नहीं
मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल कोई सक्रिय मौसम प्रणाली ऐसी नहीं है, जो प्रदेश में बारिश ला सके. 23 अप्रैल से एक पश्चिमी विक्षोभ हिमालयी क्षेत्रों में सक्रिय हो सकता है, लेकिन इसका असर उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में बेहद सीमित रहने की संभावना है. ऐसे में 26 अप्रैल तक तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे गर्मी का प्रकोप जारी रहने के आसार हैं.


