उम्र बढ़ने के साथ शरीर में कई प्राकृतिक बदलाव होने लगते हैं. 60 साल की उम्र के बाद सबसे आम समस्याओं में से एक है पेट के आसपास चर्बी जमा होना. कई लोग नियमित रूप से टहलते हैं, हल्की-फुल्की एक्सरसाइज भी करते हैं, लेकिन फिर भी पेट का उभार कम नहीं हो पाता. फिटनेस विशेषज्ञों के अनुसार इसका कारण केवल कम एक्टिविटी नहीं बल्कि हार्मोनल बदलाव, मसल्स लॉस और मेटाबॉलिज्म की गति कम होना भी है.
विशेषज्ञों का कहना है कि इस उम्र में केवल कार्डियो या लंबी वॉक पर निर्भर रहने के बजाय ऐसे व्यायाम जरूरी होते हैं जो कोर मसल्स, बैलेंस और पूरे शरीर की ताकत पर काम करें. इसी वजह से स्टैंडिंग एक्सरसाइज को काफी प्रभावी माना जाता है क्योंकि इनमें शरीर के कई हिस्से एक साथ सक्रिय होते हैं.
60 के बाद पेट की चर्बी क्यों बढ़ने लगती है?
फिटनेस एक्सपर्ट्स के मुताबिक उम्र बढ़ने के साथ महिलाओं में एस्ट्रोजन और पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन का स्तर कम होने लगता है. इससे शरीर में फैट स्टोर होने का पैटर्न बदल सकता है और चर्बी पेट के आसपास ज्यादा जमा होने लगती है. इसके अलावा मांसपेशियों का धीरे-धीरे कम होना भी मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करता है.
यही वजह है कि पहले की तरह वजन नियंत्रित रखना कठिन महसूस हो सकता है, भले ही खानपान में बहुत बड़ा बदलाव न हुआ हो.
क्या सिर्फ पेट की चर्बी कम करने वाली एक्सरसाइज काम करती हैं?
विशेषज्ञ साफ कहते हैं कि केवल किसी एक हिस्से की चर्बी को टारगेट करके कम करना संभव नहीं होता. जिसे “स्पॉट रिडक्शन” कहा जाता है, वह वैज्ञानिक रूप से प्रभावी तरीका नहीं माना जाता. पेट की चर्बी कम करने के लिए पूरे शरीर का फैट कम होना जरूरी होता है. इसके लिए नियमित व्यायाम, संतुलित आहार और मसल्स मजबूत करने वाली गतिविधियां साथ में जरूरी होती हैं.
1. हाई नी मार्च (High Knee March)
यह एक सरल लेकिन प्रभावी स्टैंडिंग मूव माना जाता है. इसमें घुटनों को बारी-बारी से ऊपर उठाया जाता है, जिससे कोर और हिप मसल्स सक्रिय होती हैं.
कैसे करें?
- सीधे खड़े हो जाएं
- एक घुटना छाती की तरफ उठाएं
- वापस नीचे लाएं
- दूसरे पैर से दोहराएं
- लगभग 30 सेकंड तक लगातार करें
विशेषज्ञों के अनुसार यह मूव पेट की मांसपेशियों को सक्रिय करने के साथ शरीर के संतुलन और गतिशीलता को भी बेहतर बनाने में मदद करता है.
2. मार्चिंग ऑब्लिक ट्विस्ट (Marching Oblique Twist)
यह एक्सरसाइज कमर के दोनों किनारों यानी ऑब्लिक मसल्स पर काम करती है.
कैसे करें?
- खड़े होकर एक घुटना ऊपर उठाएं
- साथ में शरीर को हल्का मोड़ते हुए विपरीत कोहनी घुटने की तरफ लाएं
- फिर दूसरी तरफ यही प्रक्रिया दोहराएं
- नियंत्रित गति रखें
यह मूव कोर एक्टिवेशन और बैलेंस सुधारने में मदद कर सकता है.
3. स्टैंडिंग वुडचॉप (Standing Woodchop)
वुडचॉप एक्सरसाइज पूरे धड़ को सक्रिय करती है और घुमाव वाली गतिविधियों के दौरान कोर को मजबूत बनाने में मदद करती है.
कैसे करें?
- दोनों हाथों को सामने जोड़ लें
- ऊपर से नीचे की ओर लकड़ी काटने जैसी मूवमेंट करें
- एक तरफ से दूसरी तरफ नियंत्रित घुमाव रखें
- दोनों दिशाओं में दोहराएं
विशेषज्ञों के अनुसार यह व्यायाम शरीर की कार्यात्मक ताकत और कोर कंट्रोल बेहतर करने में मदद कर सकता है.
4. स्टैंडिंग स्ट्रेट लेग रेज (Standing Straight Leg Raise)
यह एक्सरसाइज पेट, कूल्हों और पैरों की मांसपेशियों पर काम करती है.
कैसे करें?
- सीधे खड़े रहें
- जरूरत हो तो दीवार या कुर्सी का सहारा लें
- एक पैर को बिना मोड़े ऊपर उठाएं
- धीरे-धीरे वापस नीचे लाएं
- दोनों पैरों से दोहराएं
फिटनेस ट्रेनर्स के अनुसार यह मूव शरीर की स्थिरता और कोर कंट्रोल को बेहतर बनाने में मदद कर सकती है.
स्टैंडिंग एक्सरसाइज को क्यों माना जाता है बेहतर?
विशेषज्ञों का कहना है कि स्टैंडिंग एक्सरसाइज में केवल पेट ही नहीं बल्कि पैर, कंधे, कमर और बैलेंस सिस्टम भी एक साथ सक्रिय होते हैं. इससे शरीर को ज्यादा ऊर्जा खर्च करनी पड़ती है और मसल्स एक्टिवेशन बढ़ता है. इसके अलावा:
- फर्श पर बैठने या लेटने की जरूरत नहीं होती
- जोड़ों पर कम दबाव पड़ता है
- रोजाना करना आसान होता है
- सीनियर लोगों के लिए अधिक सुविधाजनक माना जाता है
कितनी बार करनी चाहिए ये एक्सरसाइज?
फिटनेस विशेषज्ञों की सलाह है कि सप्ताह में कम से कम 2 से 3 बार स्ट्रेंथ और कोर आधारित वर्कआउट शामिल किए जाएं. शुरुआत में कम समय और कम रिपीटेशन से शुरू करना बेहतर रहता है.
यदि किसी को घुटनों, कमर या हृदय से जुड़ी समस्या है तो एक्सरसाइज शुरू करने से पहले डॉक्टर या फिटनेस प्रोफेशनल की सलाह लेना जरूरी माना जाता है.
सिर्फ एक्सरसाइज नहीं, ये आदतें भी जरूरी
विशेषज्ञों के अनुसार पेट के आसपास जमा चर्बी कम करने के लिए केवल व्यायाम पर्याप्त नहीं होता. इसके साथ:
- पर्याप्त प्रोटीन लें
- रोजाना एक्टिव रहें
- लंबे समय तक लगातार बैठने से बचें
- पर्याप्त नींद लें
- संतुलित कैलोरी सेवन रखें
इन आदतों को भी उतना ही महत्वपूर्ण माना जाता है.
क्या वास्तव में फर्क दिख सकता है?
फिटनेस विशेषज्ञों का कहना है कि नियमित रूप से किए गए स्टैंडिंग एक्सरसाइज शरीर की ताकत, बैलेंस, पोस्टर और कोर कंट्रोल में सुधार ला सकते हैं. हालांकि पेट की चर्बी कम होना एक धीरे-धीरे होने वाली प्रक्रिया है और इसके लिए लगातार व्यायाम व स्वस्थ जीवनशैली जरूरी होती है.
इसलिए तेजी से परिणाम की उम्मीद करने के बजाय नियमितता पर ध्यान देना ज्यादा महत्वपूर्ण माना जाता है.


