Kanpur Dehat Yamuna Drowning Incident: उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिले के मूसानगर क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है. रविवार सुबह नया पुरवा गांव के पास यमुना नदी में नहाने गई दो किशोरियां गहरे पानी में समा गईं. किशोरियों को डूबता देख एक 17 वर्षीय युवक ने देवदूत बनकर नदी में छलांग लगा दी. युवक ने अपनी जान पर खेलकर एक किशोरी को तो सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन दूसरी को बचाने के प्रयास में वह खुद भी नदी की तेज धारा में बह गया. इस हादसे के बाद से पूरे गांव में कोहराम मचा हुआ है.
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सुबह नहाने के दौरान हुआ हादसा
मिली जानकारी के अनुसार, मूसानगर कस्बा क्षेत्र के नया पुरवा गांव निवासी भूरी देवी (12 वर्ष) और ज्योति देवी (15 वर्ष) रविवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे यमुना नदी में नहाने गई थीं. नहाते समय दोनों अचानक गहरे पानी में चली गईं और डूबने लगीं.
बहादुरी की मिसाल: किशोरियों की चीख-पुकार सुनकर पास में ही मौजूद सिद्धगोपाल (17 वर्ष) ने बिना वक्त गंवाए यमुना नदी में छलांग लगा दी. सिद्धगोपाल ने हिम्मत दिखाते हुए पहले ज्योति को सुरक्षित बाहर निकाल लिया. इसके बाद वह भूरी को बचाने के लिए दोबारा नदी में उतरा, लेकिन पानी की गहराई और तेज बहाव के कारण वह भूरी को नहीं बचा सका और खुद भी नदी में डूब गया.
दो अन्य महिलाओं को ग्रामीणों ने बचाया
जिस समय यह हादसा हुआ, भूरी की मां पास में ही अपनी भैंसों को नहला रही थीं. बेटी और युवक को डूबता देख उन्होंने शोर मचाना शुरू किया, जिसे सुनकर ग्रामीण मौके पर दौड़े. इस दौरान बचाव के लिए नदी में उतरीं दो अन्य महिलाएं भी गहरे पानी की चपेट में आकर डूबने लगीं, जिन्हें ग्रामीणों ने सूझबूझ दिखाते हुए रस्सी और कपड़ों की मदद से सुरक्षित बाहर निकाल लिया.
प्रशासनिक अमला और SDRF की टीम मौके पर
घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्राधिकारी (CO) भोगनीपुर राजीव सिरोही, नायब तहसीलदार अभिनव चतुर्वेदी और मूसानगर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. स्थानीय गोताखोरों की तीन टीमें तुरंत खोजबीन में जुट गईं. हादसे के करीब चार घंटे बाद SDRF (स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स) की टीम भी मौके पर पहुंच गई. फिलहाल नदी में डूबे सिद्धगोपाल और भूरी की तलाश के लिए बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है.
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गांव में पसरा मातम, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
इस हृदयविदारक घटना के बाद से नया पुरवा गांव में चूल्हा तक नहीं जला है. पीड़ित परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. वहीं, पूरा गांव सिद्धगोपाल की बहादुरी को सलाम कर रहा है, जिसने अपनी जान की परवाह न करते हुए एक लड़की की जान बचाई. प्रशासन ने पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाते हुए हर संभव सरकारी सहायता देने का आश्वासन दिया है.


