देश में जल संरक्षण और जल सुरक्षा को मजबूत बनाने के उद्देश्य से आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) ने ‘Catch the Rain – Where it Falls, When it Falls’ अभियान को और तेज कर दिया है. AMRUT 2.0 के तहत देशभर के शहरों में वर्षा जल संचयन, भूजल रिचार्ज और जलाशयों के पुनर्जीवन से जुड़े कई बड़े कार्य तेजी से किए जा रहे हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान के अनुरूप चलाए जा रहे इस अभियान का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों को भविष्य के लिए जल-सुरक्षित बनाना और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए मजबूत आधार तैयार करना है.
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900 से अधिक शहरी निकाय अभियान से जुड़े
मंत्रालय के अनुसार, 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग 900 शहरी स्थानीय निकाय (Urban Local Bodies – ULBs) इस अभियान में सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं.
AMRUT 2.0 के तहत शहरों में.
- वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting)
- भूजल रिचार्ज
- जल संरक्षण
- टिकाऊ जल प्रबंधन
जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है.
दो लाख के करीब रिचार्ज संरचनाओं पर काम
जल शक्ति अभियान-जन भागीदारी (JSJB) 2.0 के साथ मिलकर बड़े पैमाने पर भूजल रिचार्ज संरचनाएं तैयार की जा रही हैं.
मंत्रालय के अनुसार.
- 79 नगर निगमों में 1,99,278 रिचार्ज संरचनाओं पर कार्य किया गया है.
- इसके अलावा 738 शहरी निकायों में 73,036 रिचार्ज संरचनाएं विकसित की जा रही हैं.
इन संरचनाओं का उद्देश्य वर्षा जल को जमीन के भीतर पहुंचाकर भूजल स्तर को बेहतर बनाना है.
वैज्ञानिक तरीके से बढ़ाया जा रहा भूजल रिचार्ज
AMRUT 2.0 के तहत Shallow Aquifer Management (SAM) कार्यक्रम भी चलाया जा रहा है.
इस कार्यक्रम के माध्यम से वैज्ञानिक तकनीकों का उपयोग कर भूजल भंडारों (Aquifers) का अध्ययन किया जा रहा है और स्थानीय जरूरतों के अनुसार रिचार्ज संरचनाएं विकसित की जा रही हैं.
कई शहरों में इसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं.
- बर्दवान (पश्चिम बंगाल) और विजयनगरम (आंध्र प्रदेश) में इंजेक्शन बोरवेल वाले रिचार्ज पिट बनाए गए हैं.
- ईटानगर (अरुणाचल प्रदेश) में रूफटॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के साथ स्टोरेज सुविधा विकसित की गई है.
- कोरबा (छत्तीसगढ़) और वारंगल (तेलंगाना) में मानसून से पहले ही रिचार्ज संरचनाएं तैयार कर ली गई हैं, ताकि बारिश के पानी का अधिकतम उपयोग किया जा सके.
1.21 लाख एकड़ जलाशयों का होगा पुनर्जीवन
AMRUT 2.0 के Water Body Rejuvenation (WBR) घटक के तहत देशभर में लगभग 1.21 लाख एकड़ क्षेत्रफल वाले जलाशयों के पुनर्जीवन का कार्य किया जा रहा है.
इन परियोजनाओं में.
- गाद हटाना (Desilting)
- इनलेट और आउटलेट में सुधार
- तट संरक्षण
- हरित विकास (Landscaping)
- जैव विविधता को बढ़ावा देना
जैसे कार्य शामिल हैं.
इन प्रयासों से जल संग्रहण क्षमता बढ़ेगी, भूजल रिचार्ज में सुधार होगा और शहरी बाढ़ के जोखिम को कम करने में मदद मिलेगी.
हरित क्षेत्रों के विकास पर भी जोर
जल संरक्षण के साथ-साथ शहरों में हरित क्षेत्र विकसित करने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है.
मंत्रालय के अनुसार, 18,000 एकड़ से अधिक क्षेत्र में पार्क और ग्रीन स्पेस विकसित किए जा रहे हैं.
इन परियोजनाओं से.
- पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा.
- शहरी गर्मी (Urban Heat) का प्रभाव कम होगा.
- वर्षा जल के प्राकृतिक अवशोषण में मदद मिलेगी.
- नागरिकों को बेहतर सार्वजनिक स्थान उपलब्ध होंगे.
जल सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
केंद्र सरकार का मानना है कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण और बदलते जलवायु परिदृश्य के बीच जल संरक्षण अत्यंत आवश्यक हो गया है.
AMRUT 2.0 के तहत चल रहे ये प्रयास.
- वर्षा जल का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करेंगे.
- भूजल स्तर सुधारने में मदद करेंगे.
- शहरों की जल सुरक्षा मजबूत करेंगे.
- भविष्य में जल संकट की चुनौतियों को कम करने में योगदान देंगे.
मंत्रालय ने कहा है कि “आज बचाई गई हर बूंद, आने वाली पीढ़ियों की जल सुरक्षा में निवेश है.”
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. Catch the Rain अभियान क्या है?
यह केंद्र सरकार का जल संरक्षण अभियान है, जिसका उद्देश्य वर्षा जल का अधिकतम संग्रह और उपयोग सुनिश्चित करना है.
2. AMRUT 2.0 के तहत कितने शहर इस अभियान से जुड़े हैं?
लगभग 900 शहरी स्थानीय निकाय (ULBs) इस अभियान में भाग ले रहे हैं.
3. कितने क्षेत्रफल के जलाशयों का पुनर्जीवन किया जा रहा है?
AMRUT 2.0 के तहत लगभग 1.21 लाख एकड़ जलाशयों के पुनर्जीवन का कार्य चल रहा है.
4. इस अभियान का मुख्य उद्देश्य क्या है?
वर्षा जल संचयन बढ़ाना, भूजल रिचार्ज करना, जल संरक्षण को मजबूत बनाना और शहरों को जल-सुरक्षित बनाना.
Source: Ministry of Housing & Urban Affairs


