देशभर में सिंथेटिक ड्रग्स की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (Central Bureau of Narcotics – CBN) की मध्य प्रदेश इकाई ने Operation Vajra के तहत महाराष्ट्र के पुणे में संचालित एक हाई-टेक मेफेड्रोन (MD) निर्माण लैब का भंडाफोड़ किया है.
कार्रवाई के दौरान उज्जैन (मध्य प्रदेश) और जोधपुर (राजस्थान) से इस अंतरराज्यीय ड्रग तस्करी गिरोह के दो मुख्य साजिशकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया. यह अभियान 1 जुलाई से 10 जुलाई 2026 के बीच खुफिया जानकारी के आधार पर चलाया गया.
पुणे में मिली हाई-टेक ड्रग्स लैब
CBN की टीम ने पुणे के दिग्गी, भोसरी क्षेत्र में स्थित एक अवैध मेफेड्रोन निर्माण प्रयोगशाला पर छापा मारा.
छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने बड़ी मात्रा में.
- हाई-टेक मशीनरी
- प्रयोगशाला उपकरण
- सिंथेटिक ड्रग्स बनाने में इस्तेमाल होने वाले प्रीकर्सर केमिकल
- सुरक्षा उपकरण
- भारी कांच के प्रयोगशाला उपकरण
बरामद किए.
सभी सामान को NDPS Act, 1985 के तहत जब्त कर लिया गया है.
उज्जैन और जोधपुर से दो मुख्य आरोपी गिरफ्तार
जांच के दौरान CBN को पता चला कि गिरोह का मुख्य सरगना लगातार फर्जी पहचान पत्रों का इस्तेमाल करते हुए अलग-अलग राज्यों में अपना ठिकाना बदल रहा था.
गुप्त निगरानी और विशेष अभियान के बाद.
- 3 जुलाई 2026 की देर रात मुख्य आरोपी को उज्जैन से गिरफ्तार किया गया.
- इस कार्रवाई में उज्जैन पुलिस ने भी सहयोग किया.
इसके बाद मिली जानकारी के आधार पर CBN ने 9 जुलाई 2026 की रात पुणे और जोधपुर में एक साथ छापेमारी की.
इस दौरान.
- दूसरे मुख्य साजिशकर्ता को जोधपुर से गिरफ्तार किया गया.
- पुणे स्थित हाई-टेक ड्रग निर्माण लैब को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया.
फरवरी 2026 की कार्रवाई से जुड़ा है मामला
यह कार्रवाई CBN द्वारा फरवरी 2026 में शुरू की गई जांच का विस्तार है.
उस समय.
- मंदसौर में एक यात्री बस से 8.17 किलोग्राम मेफेड्रोन बरामद किया गया था.
- इसके बाद महू के थावलाय क्षेत्र में एक अवैध ड्रग लैब का पता चला.
वहां से.
- 43.82 किलोग्राम मेफेड्रोन
- 261.32 किलोग्राम प्रीकर्सर केमिकल
- आधुनिक ड्रग निर्माण उपकरण
जब्त किए गए थे.
इसी जांच के दौरान पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ और बाद में पुणे की दूसरी लैब का पता चला.
CBN ने कैसे किया ऑपरेशन?
CBN की Preventive Branch, नीमच ने खुफिया जानकारी के आधार पर कई राज्यों में समन्वित जांच की.
जांच के दौरान.
- आरोपियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी गई.
- विभिन्न राज्यों में तकनीकी और फील्ड इंटेलिजेंस का उपयोग किया गया.
- गुप्त अभियान चलाकर मुख्य आरोपियों तक पहुंच बनाई गई.
- कई राज्यों की एजेंसियों के साथ मिलकर संयुक्त कार्रवाई की गई.
CBN क्या है?
Central Bureau of Narcotics (CBN) वित्त मंत्रालय के अधीन कार्य करने वाली एक नियामक एवं कानून प्रवर्तन एजेंसी है.
इसकी प्रमुख जिम्मेदारियां हैं.
- अफीम की वैध खेती की निगरानी.
- लाइसेंस प्राप्त किसानों से अफीम की खरीद.
- साइकोट्रॉपिक पदार्थों एवं प्रीकर्सर केमिकल्स के अंतरराष्ट्रीय व्यापार का नियमन.
- मादक पदार्थों की तस्करी की जांच.
- NDPS Act के तहत कार्रवाई.
- अवैध ड्रग नेटवर्क को खत्म करना.
CBN का मुख्यालय ग्वालियर में स्थित है.
इस वर्ष CBN की बड़ी कार्रवाई
वित्त मंत्रालय के अनुसार वर्ष 2026 में अब तक CBN ने.
- 142 मामले दर्ज किए हैं.
- 193 लोगों को गिरफ्तार किया है.
- 4 अवैध ड्रग निर्माण प्रयोगशालाओं का भंडाफोड़ किया है.
सरकार का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई “नशा मुक्त भारत” अभियान को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.
आगे भी जारी रहेगी जांच
CBN ने बताया कि पुणे लैब से जब्त किए गए उपकरणों, रसायनों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच जारी है.
एजेंसी अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों, वित्तीय लेनदेन और संभावित अंतरराज्यीय एवं अंतरराष्ट्रीय संबंधों की भी जांच कर रही है.
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. Operation Vajra क्या है?
Operation Vajra, CBN द्वारा सिंथेटिक ड्रग्स की तस्करी और अवैध मेफेड्रोन निर्माण नेटवर्क के खिलाफ चलाया गया विशेष अभियान है.
2. इस कार्रवाई में क्या बरामद हुआ?
पुणे की अवैध लैब से हाई-टेक मशीनरी, प्रयोगशाला उपकरण, प्रीकर्सर केमिकल और सुरक्षा उपकरण जब्त किए गए.
3. कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया?
उज्जैन और जोधपुर से गिरोह के दो मुख्य साजिशकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है.
4. CBN ने 2026 में अब तक कितनी कार्रवाई की है?
CBN ने वर्ष 2026 में अब तक 142 मामले दर्ज, 193 गिरफ्तारियां और 4 अवैध ड्रग लैब का भंडाफोड़ किया है.
Source: Ministry of Finance


