देशभर में वन्यजीवों की अवैध तस्करी के खिलाफ चलाए गए एक बड़े अभियान में राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने कई राज्यों में एक साथ कार्रवाई करते हुए 440 से अधिक संकटग्रस्त और संरक्षित वन्यजीवों को बचाया है. इस दौरान करीब 15 किलोग्राम हाथीदांत और हाथीदांत से बने सामान भी जब्त किए गए. विभिन्न राज्यों में चलाए गए इन अभियानों के दौरान 33 लोगों को गिरफ्तार किया गया.
वित्त मंत्रालय के अनुसार यह कार्रवाई खुफिया सूचनाओं के आधार पर की गई और इसमें कई केंद्रीय एवं राज्य स्तरीय एजेंसियों ने मिलकर काम किया.
राजस्थान में 11 किलो हाथीदांत बरामद
10 जुलाई 2026 को DRI अधिकारियों ने राजस्थान के सुजानगढ़ में हाथीदांत की अवैध खरीद-बिक्री में शामिल लोगों को पकड़ा.
इस कार्रवाई में.
- लगभग 11 किलोग्राम हाथीदांत जब्त किया गया.
- 4 लोगों को हिरासत में लिया गया.
- आरोपियों और जब्त हाथीदांत को आगे की कार्रवाई के लिए वन विभाग को सौंप दिया गया.
भारतीय हाथी Wildlife (Protection) Act, 1972 की अनुसूची-I (Schedule I) में शामिल है, जिसके तहत हाथियों और उनसे बने उत्पादों का व्यापार प्रतिबंधित है. भारत में हाथीदांत का व्यावसायिक व्यापार भी CITES और विदेशी व्यापार नीति के तहत प्रतिबंधित है.
हावड़ा और मैसूर में भी बड़ी कार्रवाई
पश्चिम बंगाल के हावड़ा में DRI ने दो लोगों को गिरफ्तार कर हाथीदांत से बनी दो धार्मिक प्रतिमाएं बरामद कीं. प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई है कि इन्हें बांग्लादेश से तस्करी कर भारत लाया गया था.
वहीं मैसूर (कर्नाटक) में अधिकारियों ने लगभग 4 किलोग्राम हाथीदांत बरामद किया और अवैध कारोबार में शामिल 3 लोगों को गिरफ्तार किया. बाद में इन्हें भी वन विभाग के हवाले कर दिया गया.
महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़
7 और 8 जुलाई 2026 को DRI ने CBI की आर्थिक अपराध शाखा (EOB) और Wildlife Crime Control Bureau (WCCB) के सहयोग से महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में संयुक्त अभियान चलाया.
इस अभियान में कई दुर्लभ वन्यजीव सुरक्षित बरामद किए गए, जिनमें शामिल हैं.
- 15 स्लो लोरिस
- 2 बिंटुरोंग
- 28 स्टार कछुए
- 6 मिस्री गिद्ध
- 2 शिकरा पक्षी
इस मामले में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और आगे की जांच CBI कर रही है.
अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर तस्करी की कई कोशिशें नाकाम
DRI ने बैंकॉक, कुआलालंपुर और कोलंबो से भारत आने वाले यात्रियों के जरिए वन्यजीवों की तस्करी की कई कोशिशों को भी विफल किया.
इन अभियानों में कई विदेशी और संरक्षित प्रजातियों को बचाया गया, जिनमें.
- Albino Red Eared Turtle
- African Spurred Tortoise
- Green Iguana
- Borneo Python
- Mangrove Monitor Lizard
- Yellow Cheeked Gibbon
- Goeldi’s Marmoset
- Siamang Gibbon
- Woolly Monkey
- Ball Python की विभिन्न प्रजातियां
सहित अनेक दुर्लभ जीव शामिल हैं.
कई राज्यों में एक साथ चला अभियान
DRI ने देश के कई शहरों और राज्यों में एक साथ कार्रवाई की.
इनमें प्रमुख स्थान रहे.
- बेंगलुरु
- वारंगल
- पुणे
- सूरत
- चेन्नई
- कोलकाता
- तिरुचिरापल्ली
- मदुरै
- श्रीकाकुलम
- होजाई (असम)
- मैसूर
- हावड़ा
- राजस्थान
इन अभियानों में वन्यजीवों के अलावा कई अन्य प्रतिबंधित वन उत्पाद भी जब्त किए गए.
इनमें.
- पैंगोलिन के शल्क (Pangolin Scales)
- तेंदुए की खाल
- सी-हॉर्स से बने उत्पाद
- लाल चंदन (Red Sanders)
- गिब्बन
- छिपकलियां
- कछुए
- पक्षी
- गिलहरियां
- सांप
- रेड सैंड बोआ
जैसी संरक्षित प्रजातियां शामिल हैं.
कई एजेंसियों ने मिलकर की कार्रवाई
इन अभियानों में DRI के साथ कई अन्य एजेंसियों ने भी सहयोग किया.
इनमें शामिल हैं.
- केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI)
- Wildlife Crime Control Bureau (WCCB)
- विभिन्न हवाई अड्डों की कस्टम्स एयरपोर्ट इंटेलिजेंस यूनिट
- राज्य वन विभाग
- स्थानीय पुलिस
वन्यजीव तस्करी पर लगातार कार्रवाई जारी
वित्त मंत्रालय के अनुसार इन समन्वित अभियानों का उद्देश्य संगठित वन्यजीव तस्करी नेटवर्क को समाप्त करना और संकटग्रस्त जीवों की अवैध खरीद-बिक्री पर रोक लगाना है.
सरकार का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई भारत की CITES के प्रति अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं को मजबूत करती है और देश की जैव विविधता के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है.
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. DRI ने इस अभियान में क्या बरामद किया?
DRI ने 440 से अधिक संरक्षित वन्यजीवों को बचाया, लगभग 15 किलोग्राम हाथीदांत जब्त किया और कई अन्य प्रतिबंधित वन्यजीव उत्पाद बरामद किए.
2. इस अभियान में कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया?
देशभर में चलाए गए विभिन्न अभियानों के दौरान 33 लोगों को गिरफ्तार किया गया.
3. किन राज्यों में प्रमुख कार्रवाई हुई?
राजस्थान, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक सहित कई राज्यों में एक साथ कार्रवाई की गई.
4. हाथीदांत का व्यापार भारत में क्यों प्रतिबंधित है?
भारतीय हाथी Wildlife (Protection) Act, 1972 की Schedule-I में शामिल है. इसके अलावा CITES और भारत की विदेशी व्यापार नीति के तहत हाथीदांत का व्यावसायिक व्यापार प्रतिबंधित है.
Source: Ministry of Finance


