Lucknow Global City Plan: राजधानी लखनऊ को एक ग्लोबल सिटी के रूप में विकसित करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने एक बेहद महत्वाकांक्षी योजना का खाका तैयार किया है. उत्तर प्रदेश राज्य राजधानी क्षेत्र (UPSCR) के तहत तैयार किए गए इस प्रस्ताव में गोमती नदी के किनारों को पूरी तरह बदलने और यातायात व्यवस्था को मजबूत करने पर बड़ा फैसला लिया गया है.
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे पर टोल टैक्स शुरू, अब सिर्फ 35 मिनट में सफर, जानें क्या हैं नए रेट्स?
गोमती किनारे बनेगा 7.5 किमी लंबा ‘स्पोर्ट्स कॉरिडोर’
राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल के आसपास गोमती नदी के 7.5 किलोमीटर लंबे तटीय क्षेत्र का कायाकल्प किया जाएगा. इसे ‘निर्मल गोमती स्पोर्ट्स कॉरिडोर’, ‘वाटरफ्रंट रीजुवनेशन’ और ‘सिटी फॉरेस्ट’ के रूप में विकसित करने का महाप्लान है. यहां इनडोर और आउटडोर स्पोर्ट्स एरिना, कम्युनिटी स्पोर्ट्स क्लब, ओपन एयर थिएटर और ग्लैम्पिंग साइट्स (लक्जरी कैंपिंग) बनाई जाएंगी. इसे इकाना स्टेडियम के पास के विकसित क्षेत्रों से जोड़कर खेल गतिविधियों का मुख्य हब बनाया जाएगा. पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए पैदल यात्रियों और साइकिल चालकों के लिए बिल्कुल अलग और सुरक्षित ट्रैक तैयार किए जाएंगे.
राष्ट्र प्रेरणा स्थल तक मेट्रो विस्तार को हरी झंडी
हाल ही में प्रधानमंत्री द्वारा लोकार्पित किए गए राष्ट्र प्रेरणा स्थल तक आम जनता की पहुँच को आसान बनाने के लिए मेट्रो चलाने की तैयारी तेज हो गई है. शासन स्तर पर हुई बैठक में वसंत कुंज से राष्ट्र प्रेरणा स्थल तक मेट्रो के विस्तार को सैद्धांतिक सहमति मिल गई है. इस नए प्रस्तावित खंड की लंबाई 3 किलोमीटर से अधिक होगी. उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (UPMRC) के प्रारंभिक आकलन के अनुसार, इस प्रोजेक्ट पर करीब 500 करोड़ रुपये की लागत आएगी. इसके लिए लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) से वित्तीय सहयोग की मांग की गई है.
UPSCR की हर इंच जमीन की होगी डिजिटल निगरानी
लखनऊ समेत छह जिलों (लखनऊ, उन्नाव, बाराबंकी, हरदोई, सीतापुर और रायबरेली) के सुनियोजित विकास के लिए एक बड़ी डिजिटल छलांग लगाई गई है. अब इन क्षेत्रों के विकास की पूरी तस्वीर केवल एक क्लिक पर उपलब्ध होगी. एलडीए एक जियोग्राफिक इंफॉर्मेशन सिस्टम (GIS) बेस्ड मास्टर प्लान तैयार कर रहा है.
शाहजहांपुर IMLC में प्लॉट आवंटन शुरू, निवेश मित्र पोर्टल से निवेशकों को मिलेगा मौका
एक क्लिक पर पूरी जानकारी
इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए किसी भी भूखंड (Plot) का लैंड-यूज, जलाशय, वन क्षेत्र, ग्रीन बेल्ट और आवासीय या व्यावसायिक क्षेत्र की स्थिति को लाइव ट्रैक किया जा सकेगा. सोमवार को प्रमुख सचिव आवास पी. गुरुप्रसाद की अध्यक्षता में हुई बैठक में सभी छह जिलों के जिलाधिकारियों ने ऑनलाइन जुड़कर इस रणनीति पर चर्चा की. इस मेगा प्रोजेक्ट के पूरे होने से लखनऊ न केवल पर्यटन और खेल के क्षेत्र में एक नई पहचान बनाएगा, बल्कि अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल निगरानी के मामले में देश के अग्रणी शहरों में शामिल हो जाएगा.


