Unnao industrial corridor: लखनऊ से कानपुर के बीच बन रहा नया एक्सप्रेसवे न सिर्फ दोनों शहरों की दूरी और सफर के समय को कम करेगा, बल्कि यह क्षेत्र में औद्योगिक क्रांति और आवासीय विकास का नया प्रवेश द्वार भी बनने जा रहा है. इस एक्सप्रेसवे से सटे उन्नाव के सदर तहसील क्षेत्र में देसी और विदेशी निवेशकों की दिलचस्पी तेजी से बढ़ी है. एक्सप्रेसवे के किनारे स्थित सरांय कटियान गांव के पास 132 हेक्टेयर भूमि पर एक विशाल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (औद्योगिक गलियारा) विकसित किया जा रहा है.
बुनियादी ढांचे के लिए ₹186 करोड़ जारी
उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) और जिला प्रशासन इस महत्वाकांक्षी परियोजना को धरातल पर उतारने में जुटे हैं. प्रदेश सरकार ने इस कॉरिडोर में विश्वस्तरीय आधारभूत ढांचा (Infrastructure) तैयार करने के लिए 186 करोड़ रुपये का बजट जारी कर दिया है. इस फंड से कॉरिडोर के भीतर निम्नलिखित सुविधाएं विकसित की जा रही हैं.
चौड़ी और मजबूत आंतरिक सड़कें
निर्बाध बिजली और पानी की आपूर्ति
CETP (कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट) की स्थापना (पर्यावरण संरक्षण के लिए)
पेट्रोल पंप और अन्य नागरिक सुविधाएं
दूसरे चरण में होगा बड़ा विस्तार (Phase 2)
औद्योगिक गलियारे को लेकर निवेशकों के बढ़ते रुझान को देखते हुए सरकार ने इसके विस्तार की रूपरेखा भी तैयार कर ली है. पहले चरण (132 हेक्टेयर) के बाद, दूसरे फेज में इसका दायरा 316 हेक्टेयर और बढ़ाया जाएगा. वर्तमान में कई विदेशी कंपनियों द्वारा यहां अपनी फैक्ट्रियां स्थापित करने का काम तेजी से चल रहा है.
1 लाख लोगों को मिलेगा रोजगार, रियल एस्टेट में भी उछाल
जिला प्रशासन का दावा है कि इस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के पूरी तरह चालू होने से जिले और आसपास के लगभग एक लाख लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे. इसके साथ ही, एक्सप्रेसवे के आजाद मार्ग चौराहा (उन्नाव) तक के हिस्से के चलते रियल एस्टेट सेक्टर में भी भारी उछाल देखा जा रहा है. नामी बिल्डर्स और कारोबारी इस क्षेत्र में आधुनिक टाउनशिप और आवासीय योजनाएं विकसित करने की कार्ययोजनाओं पर तेजी से काम कर रहे हैं. यह परियोजना आने वाले समय में उन्नाव को उत्तर प्रदेश के एक प्रमुख औद्योगिक और आवासीय हब के रूप में स्थापित करेगी.
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रियल एस्टेट सेक्टर में भी उछाल
बेहतर और रफ्तार भरी कनेक्टिविटी का असर सिर्फ उद्योगों पर ही नहीं, बल्कि जमीनों की कीमतों और आवासीय योजनाओं पर भी दिखने लगा है. बड़ी-बड़ी रियल एस्टेट कंपनियां उन्नाव शहर और एक्सप्रेसवे के आसपास के इलाकों में आधुनिक टाउनशिप विकसित करने की बड़ी योजनाओं पर काम कर रही हैं, जिससे आने वाले दिनों में यहाँ विश्वस्तरीय आवासीय सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी. लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे सिर्फ दो बड़े शहरों को जोड़ने वाला रास्ता नहीं, बल्कि उन्नाव के आर्थिक और सामाजिक विकास का एक्सप्रेसवे साबित होने जा रहा है. औद्योगिक निवेश, रियल एस्टेट और रोजगार की इन त्रिकोणीय परियोजनाओं से उन्नाव बहुत जल्द प्रदेश के मानचित्र पर एक चमकते हुए औद्योगिक केंद्र के रूप में उभरेगा.


