Weather Update 21 July 2026: 21 जुलाई 2026 से देश के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के नवीनतम बुलेटिन के अनुसार अगले 4 से 5 दिनों तक उत्तर-पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहने की संभावना है. इस दौरान जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, असम और मेघालय समेत कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है. कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी वर्षा भी दर्ज हो सकती है. वहीं पश्चिम-मध्य भारत और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के अधिकांश हिस्सों में अगले 7 दिनों तक वर्षा गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर रहने की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग ने लोगों से स्थानीय प्रशासन और आधिकारिक मौसम चेतावनियों पर लगातार नजर रखने की अपील की है.
देशभर के लिए IMD की मुख्य चेतावनियां
| मुख्य बिंदु | मौसम विभाग का पूर्वानुमान |
|---|---|
| उत्तर-पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत | अगले 4-5 दिनों तक सक्रिय मानसून |
| जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश | 20 और 21 जुलाई को भारी से अत्यंत भारी बारिश की आशंका |
| उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, असम-मेघालय | 20 जुलाई को भारी से अत्यंत भारी बारिश का पूर्वानुमान |
| पश्चिम-मध्य और दक्षिण भारत | अगले 7 दिनों तक बारिश सामान्य से कमजोर रहने की संभावना |
उत्तर-पश्चिम भारत में कहां रहेगा सबसे ज्यादा असर
उत्तर-पश्चिम भारत में 21 जुलाई से मानसूनी गतिविधियां लगातार बनी रहेंगी. जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में व्यापक वर्षा का दौर जारी रहने की संभावना है. हिमाचल प्रदेश में 21 जुलाई तक भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है, जबकि 22 जुलाई को भी कुछ स्थानों पर बहुत भारी वर्षा की संभावना बनी हुई है. जम्मू-कश्मीर में भी 21 जुलाई तक भारी वर्षा और 22 से 23 जुलाई के दौरान कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अनुमान है. उत्तराखंड में 22 से 26 जुलाई के बीच कई इलाकों में भारी वर्षा का दौर जारी रह सकता है.
उत्तर प्रदेश में पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा. पूर्वी उत्तर प्रदेश में 22 से 24 जुलाई के दौरान भारी वर्षा की संभावना है जबकि 20 और 21 जुलाई को बहुत भारी वर्षा का पूर्वानुमान जारी किया गया था. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 23 से 25 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट है.
हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में भी 23 जुलाई को भारी वर्षा की संभावना है. 20 से 22 जुलाई के दौरान इन क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया था.
राजस्थान में पूर्वी हिस्सों में 20 से 25 जुलाई तक भारी बारिश की संभावना बनी हुई है जबकि पश्चिमी राजस्थान में भी 20 से 24 जुलाई तक कुछ स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है.
मध्य भारत में कैसा रहेगा मौसम
मध्य प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहेगा. पश्चिम मध्य प्रदेश में 20 से 23 जुलाई तक भारी बारिश की संभावना है जबकि पूर्वी मध्य प्रदेश में 22 और 23 जुलाई को भारी वर्षा हो सकती है. 21 जुलाई को पूर्वी मध्य प्रदेश में कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है.
छत्तीसगढ़ में 20 से 26 जुलाई तक अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा का अनुमान है. विदर्भ में भी 23 जुलाई को भारी बारिश की संभावना बनी हुई है.
पूर्वी भारत में बिहार और झारखंड पर विशेष नजर
बिहार में 20 से 23 जुलाई तक भारी बारिश की संभावना बनी हुई है. 21 जुलाई को कुछ स्थानों पर बहुत भारी वर्षा हो सकती है. गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल, झारखंड और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम में भी कई दिनों तक व्यापक वर्षा जारी रहने का अनुमान है.
झारखंड और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम में 21 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है. ओडिशा में 20 से 22 जुलाई तक भारी वर्षा हो सकती है.
पूर्वोत्तर भारत में लगातार सक्रिय रहेगा मानसून
असम और मेघालय में 22 से 26 जुलाई तक भारी वर्षा की संभावना बनी हुई है जबकि 21 जुलाई को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है. नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 22 से 24 जुलाई के दौरान भारी बारिश का अनुमान है.
अरुणाचल प्रदेश में 21 जुलाई तक भारी वर्षा की संभावना है तथा 25 और 26 जुलाई को भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है.
पश्चिम भारत का मौसम
कोंकण और गोवा में 20 से 26 जुलाई तक वर्षा गतिविधियां बनी रहेंगी. 23 से 25 जुलाई के दौरान भारी बारिश की संभावना है. मध्य महाराष्ट्र में 23 से 25 जुलाई तक भारी वर्षा हो सकती है. गुजरात क्षेत्र में 21, 22, 25 और 26 जुलाई को भारी बारिश की संभावना जताई गई है.
दक्षिण भारत में कैसी रहेगी स्थिति
हालांकि मौसम विभाग के अनुसार अगले 7 दिनों तक दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में वर्षा गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर रहेंगी, लेकिन कई राज्यों में स्थानीय स्तर पर भारी बारिश हो सकती है. तटीय आंध्र प्रदेश, तटीय कर्नाटक, केरल, माहे, उत्तर आंतरिक कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना और रायलसीमा में 20 जुलाई को अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना जताई गई थी. कई क्षेत्रों में तेज हवाएं, गरज और बिजली गिरने का भी अनुमान है.
तेज हवा और आकाशीय बिजली का भी खतरा
मौसम विभाग के अनुसार जम्मू-कश्मीर में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलने वाली हवाएं 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती हैं. राजस्थान, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा, तमिलनाडु, तेलंगाना, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और कई अन्य राज्यों में भी गरज, बिजली और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है. कई स्थानों पर हवा की गति 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक रह सकती है.
लोगों पर संभावित असर
- निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है.
- पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और पत्थर गिरने का खतरा बढ़ सकता है.
- नदियों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है.
- बिजली गिरने की घटनाओं का जोखिम बना रहेगा.
- तेज हवाओं से पेड़, बिजली के खंभे और कमजोर संरचनाएं प्रभावित हो सकती हैं.
- सड़क और रेल यातायात में स्थानीय स्तर पर बाधाएं आ सकती हैं.
- किसानों को खेतों में जलनिकासी की व्यवस्था पर विशेष ध्यान देना चाहिए.
मौसम विभाग की सावधानियां
- भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें.
- जलभराव वाले क्षेत्रों में वाहन चलाते समय अतिरिक्त सतर्कता रखें.
- गरज और बिजली के समय खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें.
- पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन संभावित मार्गों से बचें.
- स्थानीय प्रशासन और IMD की आधिकारिक चेतावनियों का पालन करें.
- आपदा की स्थिति में केवल आधिकारिक सूचना पर भरोसा करें.
21 जुलाई 2026 का मौसम निष्कर्ष
21 जुलाई 2026 से उत्तर-पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहने वाला है. हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है. कई इलाकों में तेज हवाएं, गरज और बिजली भी लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकती हैं. दूसरी ओर पश्चिम-मध्य और दक्षिण भारत में व्यापक स्तर पर बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर रहने का अनुमान है, हालांकि कुछ स्थानों पर स्थानीय भारी वर्षा संभव है. ऐसे में लोगों को मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा चेतावनियों पर लगातार नजर रखने और आवश्यक सावधानियां अपनाने की सलाह दी गई है.
स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department – IMD), All India Weather Warning Bulletin, जारी मौसम चेतावनी और वर्षा पूर्वानुमान, 20 जुलाई 2026.
FAQs
Q1. 21 जुलाई 2026 को सबसे अधिक भारी बारिश किन राज्यों में होने की संभावना है?
उत्तर. हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार तथा पूर्वोत्तर भारत के कुछ राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है.
Q2. क्या उत्तर प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक बारिश जारी रहेगी?
उत्तर. हां. पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अलग-अलग दिनों में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है.
Q3. क्या बिजली गिरने और तेज हवाओं का भी खतरा है?
उत्तर. हां. कई राज्यों में गरज, आकाशीय बिजली और 30 से 60 किमी प्रति घंटा तक की तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है.
Q4. किन लोगों को सबसे ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए?
उत्तर. पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोग, नदी किनारे बसे परिवार, किसान, यात्री और खुले क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को विशेष सतर्क रहने की जरूरत है.
Q5. मौसम की सबसे विश्वसनीय और आधिकारिक जानकारी कहां मिलेगी?
उत्तर. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की आधिकारिक मौसम चेतावनियां और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी अपडेट सबसे विश्वसनीय स्रोत हैं.


