रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के ध्वस्तीकरण आदेश से जुड़े मामले में अपीलकर्ता पक्ष को बड़ी राहत मिली है. मुरादाबाद मंडलायुक्त न्यायालय ने अगली सुनवाई तक यूनिवर्सिटी के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी है. यह आदेश उस समय आया जब रामपुर विकास प्राधिकरण की ओर से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई किए जाने की आशंका जताई जा रही थी.
मामले में अपीलकर्ता ने न्यायालय से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए ध्वस्तीकरण पर रोक लगाने की अपील की थी. न्यायालय ने अनुरोध पर विचार करते हुए अगली सुनवाई तक यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए हैं. हालांकि, अदालत ने स्पष्ट किया है कि यह केवल अंतरिम राहत है और मामले का अंतिम फैसला अभी होना बाकी है.
ध्वस्तीकरण की आशंका के बीच दायर की गई अपील
रामपुर विकास प्राधिकरण की ओर से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की संभावना को देखते हुए अपीलकर्ता ने मुरादाबाद मंडलायुक्त न्यायालय का दरवाजा खटखटाया.
अपीलकर्ता पक्ष ने अदालत से अनुरोध किया कि अंतिम निर्णय आने तक किसी भी प्रकार की ध्वस्तीकरण कार्रवाई पर रोक लगाई जाए, ताकि अपील की सुनवाई प्रभावित न हो. अदालत ने इस मांग पर त्वरित सुनवाई करते हुए अंतरिम राहत प्रदान की.
स्थानीय अधिवक्ता के निधन के कारण मांगी गई त्वरित सुनवाई
मामले की नियमित सुनवाई 28 जुलाई को प्रस्तावित थी. हालांकि, रामपुर में एक स्थानीय अधिवक्ता के निधन के कारण अदालत के कार्य प्रभावित होने की संभावना जताई गई.
इसी परिस्थिति को देखते हुए अपीलकर्ता ने न्यायालय से शीघ्र सुनवाई का अनुरोध किया. अदालत ने इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए मामले पर तत्काल विचार किया और अगली सुनवाई तक ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर रोक लगाने का आदेश जारी कर दिया.
अगली सुनवाई तक लागू रहेगी अंतरिम रोक
मुरादाबाद मंडलायुक्त न्यायालय के आदेश के अनुसार, अगली सुनवाई होने तक मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के ध्वस्तीकरण से संबंधित कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी.
इस अंतरिम आदेश का उद्देश्य मामले की निष्पक्ष सुनवाई सुनिश्चित करना है, ताकि दोनों पक्ष अपने-अपने तर्क और साक्ष्य अदालत के समक्ष प्रस्तुत कर सकें.
राज्य सरकार और विकास प्राधिकरण रखेंगे अपना पक्ष
डीजीसी (रेवेन्यू) मंडल दिनेश चौहान ने स्पष्ट किया कि न्यायालय का यह आदेश केवल अंतरिम राहत है और इसे अंतिम निर्णय नहीं माना जाना चाहिए.
उन्होंने बताया कि मामले की मुख्य सुनवाई अभी बाकी है. राज्य सरकार और रामपुर विकास प्राधिकरण अदालत के समक्ष अपने साक्ष्यों और कानूनी पक्ष के साथ पूरी तैयारी से उपस्थित होंगे.
उन्होंने कहा कि अंतिम फैसला न्यायालय द्वारा दोनों पक्षों की दलीलें और उपलब्ध साक्ष्यों पर विचार करने के बाद ही सुनाया जाएगा.
फिलहाल, मुरादाबाद मंडलायुक्त न्यायालय के आदेश के बाद जौहर यूनिवर्सिटी के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर अगली सुनवाई तक रोक रहेगी और मामले की आगे की सुनवाई में ही अंतिम निर्णय की दिशा स्पष्ट होगी.
स्रोत: मुरादाबाद मंडलायुक्त न्यायालय से संबंधित जानकारी / डीजीसी (रेवेन्यू) मंडल दिनेश चौहान का बयान.


