चित्रकूट: बुंदेलखंड के विकास को एक नई दिशा देने के लिए चित्रकूट जिले में ‘सरदार वल्लभ भाई पटेल औद्योगिक क्षेत्र’ की स्थापना की तैयारी पूरी हो चुकी है. रामशैय्या के पास 50 एकड़ भूमि पर बनने वाला यह पार्क बुंदेलखंड क्षेत्र का पहला और पूरे उत्तर प्रदेश का दूसरा ऐसा औद्योगिक क्षेत्र होगा. इस पहल से न केवल क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के बड़े अवसर भी पैदा होंगे.
तीन साल का इंतजार हुआ खत्म
जिले में बीते तीन वर्षों से कई बड़े व्यापारी निवेश के प्रस्ताव लेकर आ रहे थे, लेकिन उपयुक्त भूमि न मिल पाने के कारण उद्योग स्थापित नहीं हो पा रहे थे. ‘जिला उद्योग बंधु’ की बैठकों में उद्यमी लगातार एक अलग औद्योगिक क्षेत्र की मांग कर रहे थे. पिछले दो वर्षों से जिला प्रशासन सभी तहसीलों से ‘लैंड बैंक’ का विवरण मांगकर भूमि की तलाश में जुटा हुआ था, जो अब रामशैय्या के पास पूरी हो गई है.
इन गांवों की भूमि की गई चिह्नित
औद्योगिक क्षेत्र के लिए रामशैय्या के पास स्थित तीन प्रमुख गांवों हरसौली, रानीपुर खाकी और संग्रामपुर में 50 एकड़ जमीन चिह्नित की गई है. इसकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर जल्द ही शासन (राज्य सरकार) को मंजूरी के लिए भेजी जा रही है. शासन से हरी झंडी मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा.
बड़े उद्योग और MSME एक साथ आएंगे
इस नए औद्योगिक पार्क में देश के कई दिग्गज औद्योगिक घराने और सूक्ष्म व लघु उद्योग (MSME) एक साथ नजर आएंगे. हिंडाल्को, एनटीपीसी (NTPC), और एनसीएल (NCL) जैसे बड़े प्रतिष्ठान अपनी इकाइयां स्थापित करेंगे. उद्यमियों की सहूलियत के लिए प्रशासन खुद ‘तैयार फैक्टरी शेड’ (Ready Factory Sheds) का निर्माण कराएगा.
विश्वस्तरीय बुनियादी सुविधाएं होंगी उपलब्ध
निवेशकों को आकर्षित करने के लिए इस क्षेत्र में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा, जिसमें 24×7 बिजली और पानी की आपूर्ति, चौड़ी सड़कें और बेहतरीन सीवरेज नेटवर्क, हाई-स्पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी, कौशल विकास से संवरेगा युवाओं का भविष्य शामिल हैं. इस औद्योगिक क्षेत्र की सबसे बड़ी खासियत यहां बनने वाला कौशल विकास केंद्र होगा.
पलायन पर रोक
युवाओं को सूचना प्रौद्योगिकी (IT), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और ऊर्जा जैसे आधुनिक क्षेत्रों के अनुकूल ट्रेनिंग दी जाएगी. स्थानीय स्तर पर ही ट्रेनिंग और नौकरी मिलने से युवाओं को रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा. बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से कच्चे माल और तैयार माल के परिवहन की लागत घटेगी, जिससे यहां बनने वाले उत्पाद बाजार में प्रतिस्पर्धा कर सकेंगे.
जिलाधिकारी का बयान
जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने कहा कि चित्रकूट में औद्योगिक क्षेत्र के लिए उपयुक्त भूमि तलाश ली गई है. जल्द ही इसका प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा जा रहा है. मंजूरी मिलते ही धरातल पर काम शुरू हो जाएगा. इस औद्योगिक क्षेत्र के बनने से हमारे युवाओं को प्रशिक्षण और रोजगार के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा.


