नई दिल्ली, 12 अगस्त 2026. नागरिकों तक सरकारी सेवाओं की आसान और डिजिटल पहुंच सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार ने UMANG और DigiLocker जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए सेवाओं का दायरा लगातार बढ़ाया है. डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के तहत शुरू की गई इन सुविधाओं के जरिए नागरिक सरकारी सेवाओं और डिजिटल दस्तावेजों को मोबाइल और वेब प्लेटफॉर्म के माध्यम से कहीं से भी एक्सेस कर सकते हैं.
31 जुलाई 2026 तक UMANG प्लेटफॉर्म पर देशभर में करीब 2,575 सेवाएं उपलब्ध थीं. इनमें 880 केंद्र सरकार और 1,695 राज्य सरकारों की सेवाएं शामिल हैं. वहीं DigiLocker पर 5,437 तरह के दस्तावेज और सेवाएं उपलब्ध हैं. इनमें 661 केंद्र सरकार और 4,776 राज्य सरकारों से जुड़ी सेवाएं और दस्तावेज शामिल हैं.
UMANG पर 11.66 करोड़ से ज्यादा रजिस्टर्ड यूजर्स
सरकार के अनुसार UMANG पर 11.66 करोड़ से ज्यादा रजिस्टर्ड यूजर्स हैं. पिछले तीन वर्षों में इस प्लेटफॉर्म पर करीब 798 करोड़ ट्रांजैक्शन दर्ज किए गए हैं.
UMANG यानी Unified Mobile Application for New-age Governance को नागरिकों को अलग-अलग सरकारी सेवाओं तक एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म से पहुंच उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विकसित किया गया है.
मोबाइल एप और वेब पोर्टल दोनों के जरिए UMANG की सेवाओं का इस्तेमाल किया जा सकता है. इससे नागरिकों को सरकारी सेवाओं के लिए अलग-अलग जगहों पर जाने की जरूरत कम होती है.
DigiLocker पर 72.43 करोड़ से ज्यादा यूजर्स
DigiLocker का इस्तेमाल भी बड़े स्तर पर हो रहा है. 31 जुलाई 2026 तक DigiLocker पर 72.43 करोड़ से ज्यादा रजिस्टर्ड यूजर्स थे.
पिछले तीन वर्षों में DigiLocker पर करीब 72.86 करोड़ document access transactions हुए हैं. प्लेटफॉर्म पर 5,437 document types और services उपलब्ध हैं.
DigiLocker डिजिटल दस्तावेजों को सुरक्षित तरीके से उपलब्ध कराने और उनके इस्तेमाल को आसान बनाने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में काम करता है.
ग्रामीण और दूरदराज इलाकों तक पहुंच रहे CSC
सरकार ने डिजिटल सेवाओं की पहुंच ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों तक बढ़ाने के लिए Common Service Centres यानी CSCs का नेटवर्क भी विस्तार किया है.
30 जून 2026 तक ग्राम पंचायत स्तर पर 4,07,122 CSCs काम कर रहे थे. इनमें से 70,069 CSCs महिलाओं द्वारा Village Level Entrepreneurs के रूप में संचालित किए जा रहे थे.
CSC के जरिए सरकारी सेवाओं के साथ बैंकिंग, वित्तीय, बीमा, पेंशन और यूटिलिटी भुगतान जैसी नागरिक-केंद्रित सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं.
UMANG और DigiLocker में Digital Public Infrastructure का इस्तेमाल
UMANG और DigiLocker को प्रमुख Digital Public Infrastructure यानी DPI components के साथ जोड़ा गया है. इनमें Aadhaar, eSign, API Setu और अन्य प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म शामिल हैं.
इनके एकीकरण का उद्देश्य सरकारी सेवाओं की डिजिटल डिलीवरी को आसान और paperless बनाना है. इसके जरिए डिजिटल सेवाओं और दस्तावेजों तक पहुंच को अधिक सहज बनाने की व्यवस्था की गई है.
डिजिटल सेवाओं में सुरक्षा और consent-based sharing
सरकार के अनुसार UMANG और DigiLocker दोनों प्लेटफॉर्म secure authentication, digital document verification और consent-based sharing जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराते हैं.
इससे नागरिकों को दस्तावेजों और सेवाओं से जुड़े कई काम डिजिटल तरीके से पूरे करने में मदद मिलती है. साथ ही physical visits और paper-based processes की जरूरत कम करने का प्रयास किया गया है.
डिजिटल साक्षरता बढ़ाने पर भी जोर
डिजिटल सेवाओं के विस्तार के साथ सरकार डिजिटल साक्षरता और जागरूकता पर भी काम कर रही है.
इसके लिए PMGDISHA यानी Pradhan Mantri Gramin Digital Saksharta Abhiyan जैसी पहलों के माध्यम से डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा दिया जाता है. इसके अलावा नागरिकों को डिजिटल प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल के प्रति जागरूक करने के लिए awareness campaigns भी चलाए जाते हैं.
कई भारतीय भाषाओं में सेवाएं
UMANG और DigiLocker पर सेवाओं को अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए कई भारतीय भाषाओं में सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं.
सरकार के अनुसार इन प्लेटफॉर्म पर accessibility और user experience को लगातार बेहतर किया जा रहा है, ताकि डिजिटल सेवाएं ज्यादा से ज्यादा नागरिकों के लिए आसान और समावेशी बन सकें.
सरकारी विभागों की सेवाएं लगातार जोड़ी जा रही हैं
UMANG और DigiLocker पर नई सेवाओं और डिजिटल दस्तावेजों को लगातार जोड़ा जा रहा है. केंद्र और राज्य सरकारों के विभागों को इन प्लेटफॉर्म पर onboard किया जा रहा है.
इसका उद्देश्य नागरिकों को अधिक से अधिक सरकारी सेवाएं और डिजिटल दस्तावेज एक ही डिजिटल इकोसिस्टम के जरिए उपलब्ध कराना है.
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डिजिटल इंडिया के जरिए नागरिक-केंद्रित सेवाओं का विस्तार
भारत सरकार ने जुलाई 2015 में Digital India कार्यक्रम शुरू किया था. इसके तहत डिजिटल पहुंच बढ़ाने और नागरिक-केंद्रित सरकारी सेवाओं की डिलीवरी को आसान बनाने के लिए कई पहल की गई हैं.
UMANG, DigiLocker और CSC नेटवर्क इसी दिशा में महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं के रूप में काम कर रहे हैं. उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार इन प्लेटफॉर्म पर करोड़ों नागरिक पंजीकृत हैं और पिछले वर्षों में बड़ी संख्या में डिजिटल ट्रांजैक्शन हुए हैं.
यह जानकारी केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 7 अगस्त 2026 को राज्यसभा में दी.


