Bundelkhand News: कभी सूखे, बेरोजगारी और पलायन के लिए चर्चा में रहने वाला बुंदेलखंड अब विकास की नई कहानी लिख रहा है. बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और तेजी से बढ़ते औद्योगिक विकास ने क्षेत्र की तस्वीर बदलनी शुरू कर दी है. बेहतर कनेक्टिविटी के साथ जमीन की कीमतों में भी जबरदस्त उछाल आया है. कई इलाकों में जमीन के दाम पांच गुना तक बढ़ने का दावा किया जा रहा है.
बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे बनने के बाद बांदा, हमीरपुर, महोबा और चित्रकूट समेत आसपास के क्षेत्रों में जमीन की मांग तेजी से बढ़ी है. शहर से सटे भूरागढ़ क्षेत्र में जमीनों की कीमतों में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. स्थानीय लोगों के मुताबिक, जो जमीन कभी बेहद कम कीमत पर बिकती थी, उसकी कीमत अब कई गुना हो चुकी है.
हजार रुपये बिस्वा से एक लाख तक पहुंची कीमत
स्थानीय लोगों के मुताबिक, कुछ क्षेत्रों में कभी करीब एक हजार रुपये बिस्वा बिकने वाली जमीन अब करीब एक लाख रुपये बिस्वा तक पहुंच गई है. चित्रकूट के पहाड़ी और राजापुर क्षेत्र में भी पहले करीब चार लाख रुपये बीघा में मिलने वाली जमीन की कीमत अब करीब 20 लाख रुपये बीघा तक बताई जा रही है. वहीं, कुछ इलाकों में सड़क किनारे जमीन की कीमत 500 रुपये प्रति वर्गफुट से बढ़कर 1500 से 2000 रुपये प्रति वर्गफुट तक पहुंचने की बात सामने आई है.
एक्सप्रेसवे ने खोले विकास के नए रास्ते
करीब 296 किलोमीटर लंबा बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे इटावा से चित्रकूट तक कनेक्टिविटी देता है. यह जालौन के 64, चित्रकूट के 9, बांदा के 28, महोबा के 8 और हमीरपुर के 29 गांवों से होकर गुजरता है. एक्सप्रेसवे के जरिए बुंदेलखंड की कनेक्टिविटी आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से जुड़ चुकी है. इसके अलावा गंगा एक्सप्रेसवे और प्रस्तावित अटल एक्सप्रेसवे से जुड़ाव की योजनाओं से आने वाले समय में क्षेत्र की कनेक्टिविटी और मजबूत होने की उम्मीद है.
डिफेंस कॉरिडोर और उद्योगों से बढ़ी जमीन की मांग
एक्सप्रेसवे के आसपास डिफेंस कॉरिडोर, सोलर परियोजनाएं और औद्योगिक गलियारे विकसित किए जाने की योजनाओं ने जमीन की मांग को और बढ़ाया है. नए कारखानों, बाजारों, होटल और ढाबों के खुलने से सड़क किनारे कारोबार को भी रफ्तार मिली है. कई किसानों ने एक्सप्रेसवे निर्माण के दौरान अपनी जमीन दी थी. अब बेहतर कनेक्टिविटी के बाद कुछ किसान बची जमीन पर रियल एस्टेट कारोबार की संभावनाएं तलाश रहे हैं. एक्सप्रेसवे के आसपास होटल, ढाबे और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा हो रहे हैं.
युवाओं के लिए अपने क्षेत्र में रोजगार का मौका
कनेक्टिविटी मजबूत होने के साथ क्षेत्र में उद्योग और कारोबार आने लगे हैं. इसका असर रोजगार पर भी दिखाई दे रहा है. स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, बुंदेलखंड के युवाओं में अब अपने क्षेत्र में ही कारोबार शुरू करने की रुचि बढ़ी है, जिससे पलायन में भी कमी आने लगी है. चित्रकूटधाम मंडल के मंडलायुक्त अजीत कुमार के अनुसार, पिछले दस वर्षों में बुंदेलखंड में काफी बदलाव आया है. उनके मुताबिक जमीन की कीमत बढ़ने की सबसे बड़ी वजह बेहतर कनेक्टिविटी है. साथ ही स्थानीय युवा अब अपने क्षेत्र में ही व्यवसाय शुरू करने की ओर बढ़ रहे हैं.
शनि की चाल बदलते ही 3 राशियों की चमकेगी किस्मत, करियर में लगेगा जबरदस्त उछाल!
यानी जिस बुंदेलखंड को कभी पिछड़ेपन और पलायन के लिए जाना जाता था, वहां अब एक्सप्रेसवे की रफ्तार जमीन की कीमतों, उद्योगों और रोजगार के नए अवसरों को भी गति दे रही है.


