ठाणे: मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में बड़ा काम तेजी से आगे बढ़ रहा है. MMRDA के 6.5 किलोमीटर लंबे गैमुख-पायगांव क्रीक ब्रिज का करीब 25 फीसदी निर्माण कार्य पूरा हो चुका है. वहीं ठाणे क्रीक वाले हिस्से में पाइलिंग का काम 95 फीसदी से अधिक पूरा हो गया है. पियर और पियर कैप का निर्माण भी तेजी से चल रहा है.
यह पुल ठाणे के गैमुख को चिचोटी और पायगांव से जोड़ेगा. इसके बनने के बाद भिवंडी, वसई और MMR के उत्तरी हिस्सों तक सीधी और तेज कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी. सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि ठाणे से इन इलाकों की आवाजाही के लिए मौजूदा घोड़बंदर मार्ग और फेरी रूट पर निर्भरता कम होगी.
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क्रीक सेक्शन में पाइलिंग अंतिम चरण में
MMRDA के मुताबिक, गैमुख-पायगांव क्रीक ब्रिज के क्रीक सेक्शन में पाइल फाउंडेशन और पियर निर्माण का काम अंतिम चरण में पहुंच गया है. ठाणे क्रीक हिस्से में 95 प्रतिशत से ज्यादा पाइलिंग पूरी हो चुकी है. इसके साथ ही पियर खड़े करने और पियर कैप बनाने का काम भी तेजी से आगे बढ़ रहा है. परियोजना के दोनों सिरों गायमुख और पायगांव पर भी निर्माण कार्य ने रफ्तार पकड़ ली है. अब तक पूरे प्रोजेक्ट का लगभग 25 फीसदी काम पूरा होने की जानकारी है.
घोड़बंदर रोड के ट्रैफिक से मिलेगी राहत
घोड़बंदर रोड ठाणे की सबसे व्यस्त सड़कों में शामिल है. इस मार्ग पर ठाणे शहर, मुंबई के पश्चिमी उपनगरों, मीरा-भायंदर और मुंबई-अहमदाबाद हाईवे के बीच बड़ी संख्या में वाहनों की आवाजाही होती है. भारी वाहनों के कारण कई बार यहां यातायात दबाव और जाम की स्थिति बनती है. वर्तमान में ठाणे से चिचोटी, पायगांव और वसई जाने वाले यात्रियों को घोड़बंदर के फेरी रूट से होकर गुजरना पड़ता है. क्रीक ब्रिज बनने के बाद यह फेरी रूट बायपास हो जाएगा, जिससे यात्रियों के साथ माल ढुलाई वाले वाहनों को भी ज्यादा सीधा और सुविधाजनक मार्ग मिलेगा.
कई बड़े प्रोजेक्ट्स से जुड़ेगा पुल
गायमुख-पायगांव क्रीक ब्रिज को MMRDA के व्यापक मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट नेटवर्क का अहम हिस्सा माना जा रहा है. यह क्षेत्र के कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स से कनेक्टिविटी मजबूत करेगा. इनमें मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल, ठाणे कोस्टल रोड, विरार-अलीबाग मल्टीमॉडल कॉरिडोर, दिवा-वसई रेलवे लाइन, नेशनल हाईवे-48 और अंजूर-चिचोटी रोड प्रमुख हैं.
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ठाणे को मिलेगी नई मोबिलिटी पहचान
गायमुख-पायगांव क्रीक ब्रिज को सिर्फ एक सड़क पुल के तौर पर नहीं देखा जा रहा है. यह सड़क, रेल, मेट्रो और सुरंग परियोजनाओं को जोड़ने वाले एकीकृत परिवहन नेटवर्क का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा. इसके पूरा होने के बाद ठाणे और आसपास के क्षेत्रों में आवागमन आसान होने के साथ व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. यानी आने वाले समय में यह पुल ठाणे की ट्रैफिक तस्वीर बदलने के साथ-साथ पूरे उत्तरी MMR की कनेक्टिविटी को नई दिशा दे सकता है.


