Amroha-Haridwar Ganga Expressway: अमरोहा से हरिद्वार तक बनने वाले गंगा एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया अब तेज हो गई है. नए सर्किल रेट लागू होने के साथ ही किसानों की जमीन की खरीद की प्रक्रिया आगे बढ़ने लगी है. खास बात यह है कि किसानों को निर्धारित सर्किल रेट के आधार पर चार गुना मुआवजा मिलेगा. इससे लंबे समय से भूमि के सर्किल रेट बढ़ने का इंतजार कर रहे किसानों को बड़ी राहत मिली है.
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146.24 किलोमीटर लंबा होगा हरिद्वार एक्सप्रेसवे
अमरोहा के हसनपुर तहसील क्षेत्र में हरिद्वार एक्सप्रेसवे को मेरठ-प्रयागराज गंगा एक्सप्रेसवे के टी-प्वाइंट मंगरौला के पास रूखालू गांव के नजदीक से जोड़ा जाएगा. यहां से हरिद्वार तक प्रस्तावित एक्सप्रेसवे की लंबाई करीब 146.24 किलोमीटर होगी.
तहसील क्षेत्र के 17 गांवों में एक्सप्रेसवे की परिधि में आने वाली किसानों की जमीन और परिसंपत्तियों का सर्वे पूरा किया जा चुका है. अब गाटा संख्या और भूमि के रकबे का समाचार पत्रों में प्रकाशन होने के बाद किसानों से भूमि के बैनामा कराने की प्रक्रिया शुरू होगी.
नए सर्किल रेट से किसानों को फायदा
अमरोहा जिले में जमीन के नए सर्किल रेट 11 सितंबर से लागू हो गए हैं. प्रशासन ने 2026-27 के प्रस्तावित सर्किल रेट पर किसानों और अन्य लोगों से आपत्तियां मांगी थीं. 8 सितंबर को तहसील सभागार में सुनवाई के बाद आपत्तियों का निस्तारण करते हुए नई दरें घोषित की गईं.
हसनपुर तहसील के शिकरौली और रूखालू गांवों में लंबे समय से सर्किल रेट नहीं बढ़ाया गया था. अब यहां जमीन का सर्किल रेट 28 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर से बढ़ाकर 36 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर कर दिया गया है. एक्सप्रेसवे के लिए अधिग्रहित होने वाली जमीन पर किसानों को इसी सर्किल रेट के आधार पर चार गुना मुआवजा मिलेगा.
‘दो एक्सप्रेसवे से बदलेगी गांवों की तस्वीर’
स्थानीय किसानों का कहना है कि जमीन जाने का दुख जरूर है, लेकिन एक्सप्रेसवे बनने से क्षेत्र के विकास को नई रफ्तार मिलेगी. किसानों को उम्मीद है कि गंगा किनारे बसे गांवों में व्यापार और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे.
किसान सुभाष शर्मा ने कहा कि कई वर्षों से सर्किल रेट नहीं बढ़ा था. अब 28 लाख से बढ़ाकर 36 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर किए जाने का फैसला स्वागत योग्य है. वहीं, डूंगर सिंह ने कहा कि मेरठ से प्रयागराज और रूखालू से हरिद्वार तक गंगा एक्सप्रेसवे बनने से जनता को काफी फायदा होगा. दो एक्सप्रेसवे बनने से गंगा किनारे के गांवों के विकास और व्यापार को गति मिलने की उम्मीद है.
मुकेश कुमार ने कहा कि किसानों को अपनी जमीन जाने का गम है, लेकिन क्षेत्र के विकास और हरिद्वार की दूरी कम होने की खुशी भी है. ओमकार सिंह ने कहा कि लंबे समय बाद सर्किल रेट बढ़ने से किसानों को लाभ मिलेगा और हरिद्वार एक्सप्रेसवे के लिए जमीन का बेहतर मुआवजा मिलने की उम्मीद है.
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जल्द शुरू होगी बैनामा प्रक्रिया
हसनपुर के एसडीएम हिमांशु उपाध्याय ने बताया कि अमरोहा-हरिद्वार गंगा एक्सप्रेसवे के अंतर्गत आने वाले गांवों के लिए नई सर्किल रेट सूची जारी हो गई है और शुक्रवार से नई दरें प्रभावी हैं. जल्द ही किसानों से भूमि के बैनामा कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी.


