गुरुग्राम: नए गुरुग्राम में लंबे समय से अधूरी पड़ी 24 मीटर चौड़ी सड़कों के निर्माण का रास्ता अब साफ होने की उम्मीद है. हरियाणा सरकार गुरुग्राम-मानेसर शहरी क्षेत्र के सेक्टर 58 से 115 के बीच प्रस्तावित सड़कों को पूरा करने के लिए करीब 1158 एकड़ जमीन का अधिग्रहण करने की प्रक्रिया शुरू कर रही है. इससे नए सेक्टरों और बड़ी आवासीय सोसायटियों में रहने वाले हजारों परिवारों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है. टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के निदेशक जे. गणेशन ने इस संबंध में लिखित आदेश जारी किए हैं. योजना के तहत अधूरी सड़कों को पूरा कर सेक्टरों के बीच आवागमन बेहतर करने का लक्ष्य है.
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संकरी सड़कों पर निर्भर हैं लोग
कई नए सेक्टरों में आवासीय परियोजनाएं विकसित हो चुकी हैं, लेकिन स्वीकृत लेआउट के मुताबिक प्रस्तावित आंतरिक सड़कें अभी तक पूरी नहीं हो सकी हैं. इसके चलते लोगों को मुख्य मार्गों तक पहुंचने के लिए गांव की संकरी सड़कों और पुराने राजस्व रास्तों का इस्तेमाल करना पड़ता है. इससे पीक आवर्स में जाम की स्थिति बनती है. बारिश के दौरान जलभराव की समस्या भी लोगों की परेशानी बढ़ा देती है. आपात स्थिति में एंबुलेंस और दमकल वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित होने की बात सामने आई है.
पहले चरण में करीब 38 एकड़ जमीन चिन्हित
सरकार ने फिलहाल प्राथमिकता के आधार पर 37.9845 एकड़ जमीन चिन्हित की है. इसमें सेक्टर 58 से 67ए के बीच 27.1992 एकड़ और सेक्टर 81 में 10.7493 एकड़ जमीन शामिल है. इन भूखंडों के अधिग्रहण से लाइसेंस प्राप्त कॉलोनियों और आसपास के क्षेत्रों को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण 24 मीटर चौड़ी सड़कों के निर्माण में मदद मिलेगी.
जमीन की जांच के लिए बनी संयुक्त समिति
जमीन की स्थिति और सड़क निर्माण के लिए जरूरी भूखंडों की पहचान करने के लिए संयुक्त स्थल निरीक्षण समिति गठित की गई है. इसमें हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP), टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग, जिला प्रशासन तथा भूमि अधिग्रहण और संपदा विभाग के अधिकारी शामिल हैं. समिति जमीन के मालिकाना हक, संबंधित भूखंडों और सड़क निर्माण की तकनीकी व्यवहार्यता की जांच करेगी. इसके बाद तकनीकी प्रस्ताव और व्यवहार्यता रिपोर्ट HSVP के मुख्य प्रशासक को भेजी जाएगी. रिपोर्ट के आधार पर जमीन अधिग्रहण की लागत और प्रस्ताव सरकार के समक्ष रखा जाएगा.
2013 के भूमि अधिग्रहण कानून के तहत होगी प्रक्रिया
प्रस्तावित जमीन अधिग्रहण 2013 के उचित मुआवजा एवं पारदर्शिता के अधिकार संबंधी भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन कानून के तहत किया जाएगा. जमीन मालिकों को 2021 की विकास अधिकार नीति के तहत हस्तांतरणीय विकास अधिकार (TDR) प्रमाणपत्र लेने का विकल्प भी दिए जाने की बात कही गई है.
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सेक्टर 102 और 109 में भी लंबे समय से परेशानी
सेक्टर 102 में कई परिवार लंबे समय से प्रस्तावित 24 मीटर सड़कों के अधूरे रहने के कारण सीमित रास्तों पर निर्भर हैं. इसी तरह सेक्टर 109 की कई आवासीय सोसायटियों के लोगों को भी संकरी राजस्व सड़कों से आवाजाही करनी पड़ती है. बारिश के दौरान जलभराव और सड़क खराब होने से स्थिति और मुश्किल हो जाती है. अब जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होने से नए गुरुग्राम के कई सेक्टरों में वर्षों से अटकी सड़कों के निर्माण को गति मिलने की उम्मीद है.


