ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे पर देर रात एक स्लीपर बस में भीषण आग लगने से 9 यात्रियों की मौत हो गई. हादसे के दौरान बस में करीब 35 यात्री सवार बताए गए हैं. आग इतनी तेजी से फैली कि कई यात्रियों ने खिड़कियों से कूदकर अपनी जान बचाई.
हादसा दयानतपुर गांव के पास हुआ, जो जेवर थाना क्षेत्र में आता है. बिहार नंबर की यह स्लीपर बस नोएडा से आगरा की ओर जा रही थी. रात करीब 12 बजे के आसपास बस में अचानक आग लग गई. चालक ने बस को एक्सप्रेसवे के किनारे रोकने की कोशिश की, लेकिन कुछ ही समय में आग ने पूरे वाहन को अपनी चपेट में ले लिया.
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खिड़कियों से कूदकर यात्रियों ने बचाई जान
बस में आग लगने के बाद यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई. आग तेजी से फैलने के कारण यात्रियों ने बस से बाहर निकलने की कोशिश शुरू कर दी.
कई यात्रियों ने खिड़कियों के रास्ते बाहर निकलकर अपनी जान बचाई. हालांकि, आग की लपटें बढ़ने के कारण कुछ यात्री बस के अंदर ही फंस गए. हादसे में 9 यात्रियों की जलकर मौत हो गई.
घटना की जानकारी मिलते ही जेवर थाना पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंचे. इसके बाद यात्रियों को बाहर निकालने और आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया.
9 मृतकों की पहचान अभी नहीं हुई
पुलिस के मुताबिक, हादसे में जान गंवाने वाले नौ यात्रियों की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है. पुलिस और संबंधित टीमें मृतकों की पहचान करने की कोशिश कर रही हैं.
इसके साथ ही पीड़ितों के परिवारों को सूचना देने की प्रक्रिया भी जारी है. हादसे में घायल यात्रियों के इलाज की व्यवस्था की जा रही है.
पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. फिलहाल बस में आग लगने की वजह स्पष्ट नहीं हुई है. आग किस कारण से लगी, इसकी जांच की जा रही है.
CM योगी ने जताया दुख
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बस में आग लगने की घटना पर दुख जताया है. उन्होंने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और अधिकारियों को घायलों के समुचित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.
घटना के बाद पुलिस और बचाव दल की ओर से राहत एवं बचाव कार्य किया गया. हादसे में घायल यात्रियों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जारी है.
राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और PM मोदी ने जताया शोक
ग्रेटर नोएडा में बस आग की घटना पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शोक व्यक्त किया है.
उन्होंने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे में मारे गए प्रत्येक व्यक्ति के परिजन के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है.
इसके अलावा हादसे में घायल लोगों को 50 हजार रुपये की सहायता देने की बात कही गई है.
आग लगने की वजह की जांच जारी
यमुना एक्सप्रेसवे पर हुए इस हादसे में सबसे बड़ा सवाल बस में आग लगने की वजह को लेकर है. फिलहाल पुलिस ने आग लगने के कारण की पुष्टि नहीं की है.
जेवर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. जांच के दौरान आग लगने की वजह और हादसे से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी सामने आने की उम्मीद है.
फिलहाल पुलिस का मुख्य फोकस मृतकों की पहचान करने और उनके परिवारों तक सूचना पहुंचाने पर है. वहीं घायलों के इलाज की व्यवस्था भी की जा रही है.
देर रात हुए इस हादसे में स्लीपर बस में सवार यात्रियों को अचानक आग की चपेट में आना पड़ा. कुछ यात्रियों ने खिड़कियों से कूदकर जान बचाई, लेकिन नौ यात्रियों की इस घटना में मौत हो गई.
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