गोरखपुर: ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी (GBC) के पांचवें संस्करण में गोरखपुर के औद्योगिक विस्तार की तस्वीर इस बार और बड़ी होने जा रही है. शासन ने जिले के लिए करीब 7000 करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य तय किया है. इसके सापेक्ष करीब 5000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव औपचारिक रूप से प्राप्त हो चुके हैं. वहीं, गीडा स्तर पर 7400 करोड़ रुपये से अधिक की 164 परियोजनाएं ग्राउंड ब्रेकिंग के लिए तैयार बताई जा रही हैं. इन परियोजनाओं से करीब 19,985 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है.
औद्योगिक निवेश के अलावा हाउसिंग और पर्यटन क्षेत्र की करीब 2000 करोड़ रुपये की परियोजनाएं भी पाइपलाइन में हैं. ऐसे में गोरखपुर से निर्धारित निवेश लक्ष्य के बराबर या उससे अधिक प्रस्ताव सामने आने की संभावना है.
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सिर्फ कागजों पर नहीं, जमीन पर उतर रही परियोजनाएं
GBC-5.0 की खास बात यह है कि निवेश का बड़ा हिस्सा केवल प्रस्तावों तक सीमित नहीं है. गीडा की कई परियोजनाओं के लिए भूखंड आवंटित किए जा चुके हैं, जबकि कुछ मामलों में भूमि पूजन की प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है.
जिले में करीब 272 औद्योगिक इकाइयों की स्थापना प्रस्तावित है. इनमें डिस्टिलरी, सीमेंट, स्टील ट्यूब, प्लास्टिक, ऑटो पार्ट्स, कैटल फीड, इंफ्रास्ट्रक्चर, पेय पदार्थ और घरेलू उपकरण से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं.
बड़े उद्योगों से बनेगा नया औद्योगिक आधार
GBC-5.0 में गोरखपुर के लिए प्रस्तावित प्रमुख निवेशों में अमृत बाटलर्स, अंबुजा सीमेंट, श्रेयस डिस्टिलरी, केयान डिस्टिलरी, एपीएल अपोलो ट्यूब्स और समर कूल होम अप्लायंसेज जैसी परियोजनाएं शामिल हैं. इन बड़े उद्योगों के आने से उत्पादन के साथ-साथ पैकेजिंग, परिवहन, लॉजिस्टिक्स, भंडारण और अन्य सहायक कारोबार के लिए भी संभावनाएं बढ़ने की उम्मीद है.
1879 करोड़ की डिस्टिलरी, 1200 करोड़ की दूसरी बड़ी परियोजना
प्रस्तावित निवेश में श्रेयस डिस्टिलरी एंड एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड की करीब 1879 करोड़ रुपये की परियोजना प्रमुख है. इससे करीब 500 लोगों को रोजगार मिलने का अनुमान है.
वहीं, गरुणा कंस्ट्रक्शन की करीब 1200 करोड़ रुपये की परियोजना भी प्रस्तावित है, जिसमें करीब 5000 रोजगार की संभावना जताई गई है. इसके अलावा केयान डिस्टिलरी की करीब 800 करोड़ रुपये की परियोजना भी निवेश सूची में शामिल है.
वरुण बेवरेज और अन्य मौजूदा औद्योगिक इकाइयों के विस्तार से खाद्य प्रसंस्करण और पेय पदार्थ क्षेत्र में भी निवेश बढ़ रहा है.
धुरियापार बनेगा बड़े उद्योगों का नया ठिकाना
गोरखपुर के औद्योगिक विस्तार में धुरियापार की भूमिका तेजी से बढ़ रही है. बड़े भूखंड की जरूरत वाले उद्योगों के लिए यहां औद्योगिक टाउनशिप विकसित की जा रही है. अडाणी समूह और श्रेयस डिस्टिलरी जैसी परियोजनाओं के लिए इसी क्षेत्र में जमीन उपलब्ध कराई गई है.
सड़क, बिजली, पानी और परिवहन सुविधाओं के विस्तार के साथ रेलवे संपर्क विकसित करने की योजना भी बड़े उद्योगों के लिए अहम मानी जा रही है. इससे कच्चे माल और तैयार उत्पादों की आवाजाही आसान हो सकती है.
हाउसिंग और पर्यटन से भी आएगा बड़ा निवेश
औद्योगिक निवेश के साथ गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) की ओर से भी करीब 2144 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव दिए गए हैं. इनमें रामगढ़ताल क्षेत्र में करीब 600 करोड़ रुपये का वर्ल्ड ट्रेड सेंटर प्रोजेक्ट, राप्तीनगर टाउनशिप एवं स्पोर्ट्स सिटी में करीब 500 करोड़ रुपये की परियोजना और करीब 600 करोड़ रुपये का ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट प्रमुख हैं.
GDA उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल के मुताबिक, इन परियोजनाओं के साथ हाउसिंग, होटल, मल्टीप्लेक्स, टाउनशिप और अन्य शहरी विकास से जुड़ी गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है.
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GBC-3 से GBC-5 तक कई गुना बढ़ा दायरा
गोरखपुर में औद्योगिक निवेश के बढ़ते दायरे को पिछले दो GBC के आंकड़ों से भी समझा जा सकता है. GBC-3 में करीब 1950 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव सामने आए थे. इसके बाद GBC-4 में गीडा के 153 प्रस्तावों के जरिए करीब 8751 करोड़ रुपये के निवेश की तैयारी हुई.
अब GBC-5.0 में अकेले गीडा स्तर पर 7400 करोड़ रुपये से अधिक की 164 परियोजनाएं ग्राउंड ब्रेकिंग के लिए तैयार हैं. गीडा की ओर से कुल 10 हजार करोड़ रुपये तक के निवेश को धरातल पर उतारने की तैयारी भी बताई गई है.


