नई दिल्ली: दिल्ली से कोलकाता जाने वालों के लिए आने वाले वर्षों में सफर काफी आसान हो सकता है. मौजूदा और निर्माणाधीन एक्सप्रेसवे को आपस में जोड़कर करीब 1,500 किलोमीटर लंबा एक्सेस कंट्रोल्ड सड़क नेटवर्क तैयार किया जा रहा है. इसके पूरी तरह तैयार होने के बाद दिल्ली से कोलकाता की दूरी सड़क मार्ग से करीब 16-17 घंटे में तय होने का अनुमान है.
इस पूरे नेटवर्क से दिल्ली-एनसीआर के अलावा उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के कई बड़े शहर सीधे या बेहतर सड़क संपर्क से जुड़ेंगे. खास बात यह है कि सफर के दौरान कई व्यस्त शहरों के भीतर जाने की जरूरत कम होगी, जिससे यात्रा का समय बच सकता है.
यह भी पढ़ें- Namo Bharat Train: गुरुग्राम में नमो भारत स्टेशनों के आसपास बनेंगी बहुमंजिला इमारतें, 1.5 KM तक लागू होगी TOD पॉलिसी
यमुना एक्सप्रेसवे से शुरू होगा सफर
दिल्ली-एनसीआर से निकलने वाले वाहन नोएडा के रास्ते यमुना एक्सप्रेसवे पकड़ सकेंगे. इसके बाद आगरा पहुंचकर आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के जरिए लखनऊ और फिर पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के रास्ते पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ा जा सकेगा. आगे गाजीपुर-वाराणसी संपर्क और निर्माणाधीन वाराणसी-रांची-कोलकाता एक्सप्रेसवे इस नेटवर्क को झारखंड होते हुए पश्चिम बंगाल से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएंगे.
वाराणसी से बंगाल तक बनेगी बड़ी कड़ी
इस पूरे नेटवर्क की सबसे महत्वपूर्ण कड़ियों में वाराणसी-रांची-कोलकाता एक्सप्रेसवे शामिल है. प्रस्तावित मार्ग वाराणसी से आगे बिहार के कैमूर और रोहतास क्षेत्रों से होते हुए झारखंड में प्रवेश करेगा. इसके बाद चतरा, हजारीबाग, रामगढ़ और बोकारो जैसे इलाकों को जोड़ते हुए यह पश्चिम बंगाल की तरफ बढ़ेगा. बंगाल में पुरुलिया, बांकुड़ा और हुगली क्षेत्र से होते हुए इसका संपर्क हावड़ा और डानकुनी की ओर होगा.
इस सड़क संपर्क का फायदा सिर्फ यात्रियों को ही नहीं, बल्कि कारोबार और माल ढुलाई को भी मिलने की उम्मीद है. झारखंड और पश्चिम बंगाल के औद्योगिक क्षेत्रों को उत्तर भारत के बड़े बाजारों तक पहुंचने के लिए तेज सड़क कनेक्टिविटी मिल सकती है.
शहरों के ट्रैफिक से मिलेगी राहत
दिल्ली और कोलकाता के बीच मौजूदा सड़क संपर्क में NH-19 एक महत्वपूर्ण मार्ग है. हालांकि कई जगहों पर शहरी और स्थानीय यातायात के कारण वाहनों की रफ्तार प्रभावित होती है. नए एक्सेस-कंट्रोल्ड नेटवर्क का उद्देश्य इसी समस्या को कम करना है. ऐसे मार्गों पर वाहनों का प्रवेश और निकास निर्धारित स्थानों से होता है. इससे स्थानीय ट्रैफिक और शहरों की भीड़ से बचते हुए लंबी दूरी की यात्रा को तेज बनाया जा सकता है.
यह भी पढ़ें- ग्रेटर नोएडा में 130 मीटर रोड तक 6 लेन होगी सड़क, एयरपोर्ट शुरू होने से बढ़े ट्रैफिक को संभालने की तैयारी
दिल्ली से रांची भी करीब 13 घंटे में
पूरे नेटवर्क की अधूरी कड़ियों के निर्माण और कनेक्टिविटी पूरी होने के बाद दिल्ली से कोलकाता की यात्रा करीब 16-17 घंटे में और दिल्ली से रांची की यात्रा लगभग 13 घंटे में पूरी होने का अनुमान जताया जा रहा है. हालांकि, वास्तविक यात्रा समय एक्सप्रेसवे के पूरी तरह तैयार होने, निर्धारित गति सीमा, मौसम और उस समय के ट्रैफिक पर निर्भर करेगा.


