Ganga Expressway Project: गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना को लेकर अमरोहा में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जल्द शुरू होने वाली है. प्रशासन ने हसनपुर और मंडी धनौरा तहसील के 52 गांवों की जमीनों पर धारा-80 की कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है. इसके लागू होने के बाद संबंधित जमीनों की खरीद-फरोख्त पर रोक लग जाएगी. किसानों को अपनी जमीन के स्वामित्व और अभिलेखों से जुड़ी आपत्तियां दर्ज कराने के लिए 9 अक्टूबर तक का समय दिया गया है.
यह भी पढ़ें- यूपी को मिलेंगे 8 नए लिंक और एक्सप्रेसवे, टेंडर फाइनल करने की डेडलाइन तय, मुख्य सचिव ने दिए तेजी के निर्देश
प्रशासन के मुताबिक, अब तक दोनों तहसीलों से 10 आपत्तियां प्राप्त हुई हैं, जिनमें से चार का निस्तारण किया जा चुका है. एक्सप्रेसवे के लिए हसनपुर तहसील के 17 और मंडी धनौरा तहसील के 35 गांवों की जमीन चिह्नित की गई है.
47 किलोमीटर हिस्सा अमरोहा से गुजरेगा
प्रस्तावित अमरोहा-हरिद्वार गंगा एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई करीब 116.85 किलोमीटर होगी. इसका लगभग 47 किलोमीटर हिस्सा अमरोहा जिले से होकर गुजरेगा. यह एक्सप्रेसवे प्रयागराज-मेरठ गंगा एक्सप्रेसवे के मंगरौला टी-पॉइंट से जुड़कर हरिद्वार तक पहुंचेगा. परियोजना पूरी होने के बाद अमरोहा से हरिद्वार की दूरी और यात्रा समय कम होने की उम्मीद है.
परियोजना के लिए जिले में 975 से अधिक किसानों की जमीन अधिग्रहित होने की संभावना है. प्रशासन जमीनों के अभिलेखों और स्वामित्व का सत्यापन कर रहा है, ताकि आगे की प्रक्रिया में किसी तरह की परेशानी न हो.
नए सर्किल रेट के आधार पर होगा बैनामा
जिले में 11 सितंबर से नए सर्किल रेट लागू हो चुके हैं. शासन स्तर पर गठित कमेटी जमीनों की दर निर्धारित करेगी और इसी आधार पर किसानों के साथ बैनामे किए जाएंगे. प्रशासन के अनुसार, जिन किसानों के गाटा नंबर, नाम या स्वामित्व संबंधी रिकॉर्ड में कोई गलती है, वे निर्धारित समय में आपत्ति दर्ज कर उसे दुरुस्त करा सकते हैं.
एक्सप्रेसवे से बढ़ेगा निवेश और रोजगार
प्रशासन को उम्मीद है कि एक्सप्रेसवे के निर्माण के बाद इसके आसपास उद्योग, वेयरहाउस, होटल, पेट्रोल पंप और लॉजिस्टिक हब जैसी सुविधाएं विकसित होंगी. इससे अमरोहा में निवेश और व्यापार को बढ़ावा मिलने के साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं.
एडीएम वित्त एवं राजस्व गरिमा सिंह के मुताबिक, जमीनों के सर्किल रेट लागू हो चुके हैं और विज्ञापन भी प्रकाशित किया जा चुका है. फिलहाल किसानों से स्वामित्व संबंधी आपत्तियां मांगी जा रही हैं. इसके बाद जमीनों के बैनामे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी.
यह भी पढ़ें- झांसी लिंक एक्सप्रेस-वे के लिए 49 गांवों में 316 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण, 89% भूमि खरीदी पूरी


