नई दिल्ली: बाहरी दिल्ली के कंझावला में जल्द ही नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाएगा. दिल्ली राज्य औद्योगिक एवं बुनियादी ढांचा विकास निगम (DSIIDC) ने इसके लिए 21.71 करोड़ रुपये की लागत से बुनियादी ढांचा विकसित करने का काम शुरू कर दिया है. परियोजना को करीब नौ महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. औद्योगिक क्षेत्र विकसित होने के बाद यहां नए विनिर्माण उद्योगों के लिए जगह उपलब्ध होगी, जिससे आसपास के युवाओं के लिए रोजगार और कारोबार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है.
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कंझावला में 920 एकड़ जमीन चिन्हित
दिल्ली सरकार ने औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए कंझावला, रानीखेड़ा और बापरोला में जमीन चिन्हित की है. इनमें कंझावला में करीब 920 एकड़, रानीखेड़ा में 147 एकड़ और बापरोला में 81 एकड़ जमीन शामिल है. फिलहाल कंझावला औद्योगिक क्षेत्र के विकास का काम शुरू किया गया है. यहां सड़क और अन्य जरूरी बुनियादी सुविधाओं के साथ पूरे परिसर को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है.
चारों तरफ होगी सुरक्षा व्यवस्था
औद्योगिक क्षेत्र की सुरक्षा के लिए जल्द ही चारदीवारी का निर्माण शुरू किया जाएगा. परिसर में आधुनिक सुरक्षा गेट लगाए जाएंगे. इसके अलावा छह प्रीफेब्रिकेटेड गार्ड रूम बनाए जाएंगे. पूरे औद्योगिक क्षेत्र के चारों ओर करीब 4100 मीटर लंबी कांटेदार तार की फेंसिंग की जाएगी. उद्यमियों और आने-जाने वाले लोगों की सुविधा के लिए परिसर में सूचना एवं चेतावनी संबंधी बोर्ड भी लगाए जाएंगे.
निर्माण के दौरान प्रदूषण रोकने के इंतजाम
परियोजना के निर्माण के दौरान पर्यावरण नियमों का सख्ती से पालन करना होगा. धूल को आसपास फैलने से रोकने के लिए प्लास्टिक या CGI शीट से बनी ऊंची विंड-ब्रेकर दीवारें लगाई जाएंगी. निर्माण सामग्री ले जाने वाले वाहनों को तिरपाल से ढकना अनिवार्य होगा. वहीं, काम करने वाले श्रमिकों को धूल से बचाव के लिए मास्क उपलब्ध कराए जाएंगे. निर्माण स्थल पर केवल वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र वाले वाहनों का इस्तेमाल किया जाएगा.
डीजल जनरेटर भी निर्धारित पर्यावरण मानकों के अनुरूप चलाए जाएंगे. निर्माण गतिविधियों की निगरानी NGT और पर्यावरण मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के मुताबिक की जाएगी.
गुणवत्ता की निगरानी के लिए थर्ड पार्टी एजेंसी
सरकार ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर नजर रखने के लिए थर्ड पार्टी एजेंसी नियुक्त करने का फैसला किया है. निर्माण स्थल पर साइट लैब और कंप्यूटर-लैपटॉप से लैस साइट कार्यालय भी बनाया जाएगा, ताकि काम की नियमित निगरानी और रिकॉर्ड रखा जा सके.
स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा
औद्योगिक क्षेत्र के विकसित होने के बाद यहां विनिर्माण इकाइयों के लिए जगह उपलब्ध होगी. इससे नए उद्योगों के आने की संभावना बढ़ेगी और स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को गति मिल सकती है. इसके साथ ही आसपास के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर और स्थानीय कारोबार के विस्तार की उम्मीद है.
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