Varanasi Local Train: बनारस की सड़कों पर बढ़ते ट्रैफिक के बीच रोजाना सफर करने वाले लोगों के लिए राहत की खबर है. रेलवे वाराणसी में ‘मुंबई लोकल’ की तर्ज पर लोकल ट्रेन सेवा शुरू करने की तैयारी कर रहा है. प्रस्तावित ट्रेन वाराणसी सिटी से राजातालाब के बीच चलेगी. माना जा रहा है कि इससे सड़क पर वाहनों का दबाव कम करने के साथ यात्रियों को कम खर्च में सफर का विकल्प मिलेगा.
रेलवे ने इस योजना को जमीन पर उतारने के लिए ट्रैफिक सर्वे शुरू कर दिया है. अधिकारियों की नजर इस बात पर है कि इस रूट पर किस समय सड़क पर सबसे ज्यादा भीड़ रहती है और उसी दौरान रेल ट्रैक पर मेल, एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों की आवाजाही कैसी रहती है. इसी अध्ययन के आधार पर लोकल ट्रेन के फेरे और परिचालन का समय तय किया जाएगा.
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चार कोच की MEMU ट्रेन चलाने की तैयारी
प्रस्तावित सेवा के लिए चार कोच वाली MEMU (मेनलाइन इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट) ट्रेन चलाने की योजना है. यह इलेक्ट्रिक ट्रेन कम दूरी के रूट पर कई स्टेशनों पर रुकते हुए यात्रियों को तेजी से एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने के लिए इस्तेमाल होती है. खास बात यह होगी कि ट्रेन को समयबद्ध तरीके से चलाने पर जोर रहेगा. कम दूरी और सीमित स्टेशनों के कारण यात्रियों को सड़क के जाम से बचकर अपने गंतव्य तक पहुंचने का विकल्प मिल सकेगा.
पांच स्टेशनों से होकर गुजरेगी ट्रेन
वाराणसी सिटी से वाराणसी जंक्शन- 3 किमी
वाराणसी जंक्शन से बनारस- 3 किमी
बनारस से भुलनपुर- 3 किमी
भुलनपुर से हरदत्तपुर- 5 किमी
हरदत्तपुर से राजातालाब- 6 किमी
इस रूट पर रोजाना बड़ी संख्या में लोग काम, पढ़ाई और दूसरे जरूरी कामों के लिए आवाजाही करते हैं. ऐसे में लोकल ट्रेन शुरू होने पर सड़क के बजाय रेल से सफर करने वालों की संख्या बढ़ सकती है.
अभी पैसेंजर ट्रेन पर निर्भर हैं यात्री
फिलहाल वाराणसी सिटी और राजातालाब के बीच सफर करने वाले यात्रियों के लिए गाड़ी संख्या 15131 बलिया-प्रयागराज रामबाग पैसेंजर एक विकल्प है. यह ट्रेन सुबह 8:20 बजे वाराणसी सिटी, 8:45 बजे वाराणसी जंक्शन, 9 बजे बनारस, 9:08 बजे भुलनपुर, 9:13 बजे हरदत्तपुर और 9:21 बजे राजातालाब पहुंचती है. नई लोकल ट्रेन सेवा शुरू होने पर इस रूट पर यात्रियों के पास आवागमन का एक और विकल्प होगा. हालांकि, ट्रेनों की संख्या, फेरे और समय का अंतिम फैसला ट्रैफिक सर्वे तथा रेलवे ट्रैक की उपलब्धता का अध्ययन पूरा होने के बाद ही होगा.
रेलवे अधिकारी फिलहाल इस प्रस्ताव पर आधिकारिक तौर पर ज्यादा जानकारी साझा नहीं कर रहे हैं, लेकिन योजना को खारिज भी नहीं किया गया है. अगर यह सेवा शुरू होती है तो बनारस में सड़क के बढ़ते दबाव के बीच कम दूरी के रोजाना सफर के लिए लोकल ट्रेन एक अहम विकल्प बन सकती है.
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