नई दिल्ली: देश में एक्सप्रेसवे का नेटवर्क लगातार मजबूत हो रहा है. अब अलग-अलग एक्सप्रेसवे को आपस में जोड़कर ऐसा नेटवर्क तैयार किया जा रहा है, जिससे कई राज्यों और बड़े शहरों के बीच सफर आसान और तेज हो सके. गंगा एक्सप्रेसवे, यमुना एक्सप्रेसवे और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे को लिंक कॉरिडोर के जरिए जोड़ने की योजना इसी दिशा में बड़ा कदम है.
यह भी पढ़ें- UP में 3 नए एक्सप्रेसवे की तैयारी तेज! 10 जिलों के 656 गांवों में जमीन अधिग्रहण शुरू
इस कनेक्टिविटी के पूरी तरह विकसित होने के बाद दिल्ली, नोएडा, जेवर, आगरा, जयपुर, लखनऊ और प्रयागराज जैसे प्रमुख शहरों के बीच आवागमन आसान हो जाएगा. साथ ही उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों को इसका फायदा मिलने की उम्मीद है.
कैसे जुड़ेगा गंगा, यमुना और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे?
- गंगा-यमुना लिंक एक्सप्रेसवे
करीब 75 किलोमीटर लंबा लिंक एक्सप्रेसवे बुलंदशहर के सियाना क्षेत्र में गंगा एक्सप्रेसवे को यमुना एक्सप्रेसवे से जोड़ने की योजना का हिस्सा है. यह लिंक जेवर और बुलंदशहर के रास्ते दोनों एक्सप्रेसवे को कनेक्ट करेगा.
इससे गंगा एक्सप्रेसवे के जरिए आने वाले वाहनों को यमुना एक्सप्रेसवे तक सीधी पहुंच मिल सकेगी. - जेवर-बल्लभगढ़ लिंक कॉरिडोर
दूसरा महत्वपूर्ण लिंक जेवर एयरपोर्ट को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाला कॉरिडोर है. इसके जरिए यमुना एक्सप्रेसवे से आने वाले वाहन जेवर और फरीदाबाद-बल्लभगढ़ के रास्ते दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे तक पहुंच सकेंगे.
इससे दिल्ली में प्रवेश किए बिना कई शहरों और राज्यों के बीच आवाजाही का वैकल्पिक तेज मार्ग तैयार होगा.
7 राज्यों को मिलेगी बेहतर कनेक्टिविटी
उत्तर प्रदेश: गंगा एक्सप्रेसवे के जरिए प्रयागराज, वाराणसी, रायबरेली जैसे पूर्वी यूपी के शहर पश्चिमी यूपी के बुलंदशहर, मथुरा और आगरा से बेहतर तरीके से जुड़ सकेंगे. आगे यह नेटवर्क राजस्थान और गुजरात की ओर जाने वाले मार्गों से भी कनेक्टिविटी मजबूत करेगा.
- दिल्ली-NCR: नोएडा और जेवर के जरिए दिल्ली-NCR को इस पूरे एक्सप्रेसवे नेटवर्क का फायदा मिलेगा. कई वाहनों को दिल्ली के अंदर प्रवेश करने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
- हरियाणा: जेवर-बल्लभगढ़ लिंक के जरिए फरीदाबाद और बल्लभगढ़ क्षेत्र की दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे तक पहुंच आसान होगी.
- राजस्थान: जयपुर और दौसा जैसे शहरों की उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों से कनेक्टिविटी मजबूत होगी.
- मध्य प्रदेश: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का हिस्सा मध्य प्रदेश से होकर गुजरता है. ऐसे में रतलाम समेत राज्य के अन्य क्षेत्रों को भी इस नेटवर्क से फायदा मिल सकता है.
- गुजरात: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के जरिए वडोदरा और सूरत जैसे प्रमुख शहरों तक पहुंच आसान होगी.
- महाराष्ट्र: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के जरिए उत्तर भारत से महाराष्ट्र तक तेज सड़क कनेक्टिविटी का फायदा मिलेगा.
प्रयागराज से दिल्ली और जयपुर का सफर हो सकता है आसान
इस एक्सप्रेसवे नेटवर्क के तैयार होने के बाद कई रूट पर यात्रा का समय काफी कम होने की उम्मीद है. मौजूदा अनुमान के मुताबिक, प्रयागराज से जेवर या दिल्ली की यात्रा करीब 11-12 घंटे से घटकर 5-6 घंटे के आसपास रह सकती है. वहीं, आगरा से जयपुर के बीच सफर करीब 5-6 घंटे के बजाय लगभग 3 घंटे में पूरा होने की संभावना जताई जा रही है. प्रयागराज से जयपुर की यात्रा का समय भी मौजूदा समय के मुकाबले काफी कम हो सकता है.
पर्यटन और कारोबार को भी मिलेगा फायदा
इस पूरे नेटवर्क का फायदा सिर्फ यात्रियों को ही नहीं, बल्कि पर्यटन, उद्योग और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को भी मिलने की उम्मीद है. ब्रज क्षेत्र, आगरा और जयपुर जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होगी. जेवर एयरपोर्ट और इन एक्सप्रेसवे के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होने से यात्रियों के साथ-साथ माल ढुलाई और लॉजिस्टिक्स कंपनियों को भी तेज परिवहन नेटवर्क मिलेगा. इससे आगरा-प्रयागराज-जयपुर समेत कई शहरों के बीच सड़क संपर्क मजबूत होगा और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को गति मिल सकती है.
यह भी पढ़ें- दिल्ली से चेन्नई तक 2,200 KM का एक्सप्रेसवे, 7 राज्यों से होकर गुजरेगा, बुंदेलखंड के रास्ते कम होगी दूरी


