UP Expressway: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले तीन नए एक्सप्रेसवे की आधारशिला रखने की तैयारी तेज हो गई है. योगी आदित्यनाथ सरकार की कैबिनेट से इन एक्सप्रेसवे के एलाइनमेंट को मंजूरी मिलने के बाद अब भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. तीनों परियोजनाओं के लिए प्रदेश के 10 जिलों के 656 गांवों में कुल 81,193 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहीत की जानी है.
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कुछ जिलों में भूमि अधिग्रहण के लिए गजट अधिसूचना जारी करने की प्रक्रिया चल रही है, जबकि कई जगहों पर संबंधित प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) की योजना विधानसभा चुनाव से पहले 15 से 30 दिसंबर के बीच इन परियोजनाओं का शिलान्यास कराने की है.
- विंध्य एक्सप्रेसवे: 4 जिलों के 342 गांवों में जमीन
प्रयागराज: 71 गांव, 862.76 हेक्टेयर
भदोही: 71 गांव, 472.74 हेक्टेयर
मिर्जापुर: 91 गांव, 1,258.79 हेक्टेयर
सोनभद्र: 109 गांव, 2,019.64 हेक्टेयर
यह एक्सप्रेसवे प्रयागराज में गंगा एक्सप्रेसवे से शुरू होकर सोनभद्र में छत्तीसगढ़ की सीमा तक जाएगा. इसके बनने से मेरठ से लेकर छत्तीसगढ़ की सीमा तक सीधी एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी का रास्ता तैयार होगा.
परियोजना की टेंडर प्रक्रिया भी तय समय में पूरी करने की तैयारी है. - विंध्य-पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा पूर्वांचल
इस एक्सप्रेसवे के लिए:
मिर्जापुर: 35 गांव, 318.30 हेक्टेयर
चंदौली: 62 गांव, 663.72 हेक्टेयर
गाजीपुर: 50 गांव, 576.91 हेक्टेयर
भूमि अधिग्रहण की जरूरत है. इसकी टेंडर प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है. योजना के मुताबिक दिसंबर में ही इसका शिलान्यास कराने की तैयारी है. - मेरठ-हरिद्वार लिंक एक्सप्रेसवे
अमरोहा: 52 गांव, 555.94 हेक्टेयर
बिजनौर: 109 गांव, 1,058.44 हेक्टेयर
हरिद्वार: 28 गांव, 406.39 हेक्टेयर
अमरोहा और बिजनौर में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. वहीं हरिद्वार में अभी प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है. राज्य सरकार की सहमति मिल चुकी है, लेकिन एमओयू की प्रक्रिया पूरी होना बाकी है. सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि हरिद्वार में इस एक्सप्रेसवे पर टोल की वसूली उत्तर प्रदेश द्वारा की जाएगी.
यूपी के एक्सप्रेसवे नेटवर्क को मिलेगी नई कनेक्टिविटी
इन तीनों परियोजनाओं के पूरा होने के बाद उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल, विंध्य क्षेत्र और पश्चिमी यूपी की कनेक्टिविटी को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है. खासतौर पर प्रयागराज, मिर्जापुर, सोनभद्र, चंदौली, गाजीपुर, मेरठ, अमरोहा और बिजनौर जैसे जिलों को तेज सड़क संपर्क मिलेगा. विंध्य एक्सप्रेसवे के जरिए पूर्वी उत्तर प्रदेश को छत्तीसगढ़ की सीमा तक सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी, जबकि विंध्य-पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पूर्वांचल को नए एक्सप्रेसवे नेटवर्क से जोड़ेगा. वहीं मेरठ-हरिद्वार लिंक एक्सप्रेसवे पश्चिमी यूपी और हरिद्वार के बीच आवागमन को आसान करेगा. चुनावी कैलेंडर से पहले दिसंबर में शिलान्यास की तैयारी के साथ अब इन तीनों परियोजनाओं के लिए जमीन अधिग्रहण और टेंडर प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है.


