Saharanpur Industrial Corridor: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देने की तैयारी शुरू हो गई है. यूपीसीडा (उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण) रामपुर मनिहारान तहसील के छह गांवों में करीब 650 से 700 हेक्टेयर भूमि पर औद्योगिक कॉरिडोर विकसित करने की तैयारी कर रहा है. इसके लिए प्रशासन की ओर से भूमि चिह्नित कर रिपोर्ट जिला मुख्यालय भेज दी गई है. औद्योगिक कॉरिडोर विकसित होने के बाद यहां अलग-अलग औद्योगिक इकाइयों की स्थापना का रास्ता साफ होगा. इससे स्थानीय स्तर पर कारोबार को बढ़ावा मिलने के साथ हजारों लोगों के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है.
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इन छह गांवों में चिह्नित हुई जमीन
नई रिपोर्ट के मुताबिक रामपुर मनिहारान क्षेत्र के शिवदासपुर, नैनपुर नगला, मोहम्मदपुर गाडा, चकवाली, सिरसली कला और सिरसली खुर्द में करीब 650 से 700 हेक्टेयर भूमि चिह्नित की गई है. हालांकि, इस जमीन पर अंतिम निर्णय से पहले स्थलीय निरीक्षण किया जाएगा. निरीक्षण में भूमि की कनेक्टिविटी और अन्य जरूरी सुविधाओं की स्थिति देखी जाएगी. इसके बाद ही औद्योगिक कॉरिडोर के लिए जमीन को अंतिम रूप दिया जाएगा.
पहले भी चिह्नित की गई थी करीब 10 हजार बीघा जमीन
औद्योगिक क्षेत्र के लिए इससे पहले भी रामपुर मनिहारान तहसील में करीब 10 हजार बीघा भूमि चिह्नित की गई थी. मुंडीखेड़ी, उमरी कला, अंबेहटा चांद, चकवाली, मिर्जापुर समेत कई गांवों की जमीन का प्रस्ताव तैयार किया गया था. स्थलीय निरीक्षण के दौरान सामने आया कि चिह्नित जमीन पर पर्याप्त कनेक्टिविटी नहीं थी. इसके चलते उस जमीन को औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के लिहाज से उपयुक्त नहीं माना गया. इसके बाद प्रशासन से दोबारा जमीन चिह्नित कर रिपोर्ट मांगी गई.
सदर तहसील में भी 160 हेक्टेयर जमीन
रामपुर मनिहारान के अलावा सदर तहसील में भी औद्योगिक कॉरिडोर के लिए जमीन चिह्नित की गई है. कुराली, बडूली, उमाही और नौजली में राजस्व विभाग ने करीब 250 एकड़ जमीन चिह्नित की थी.
किसानों से सहमति बनने के बाद उमाही, कुराली और नौजली समेत अन्य क्षेत्रों की करीब 160 हेक्टेयर भूमि कॉरिडोर के लिए लिए जाने की तैयारी है.
पिलखनी में पहले से है औद्योगिक क्षेत्र
सहारनपुर में यूपीसीडा का पहले से ही अंबाला रोड पर पिलखनी में करीब 95 एकड़ का औद्योगिक क्षेत्र है. इसके विस्तार के लिए किसानों से जमीन लेने को लेकर सहमति नहीं बन सकी. इसी वजह से नए क्षेत्र में औद्योगिक कॉरिडोर विकसित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है. दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के आसपास औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मार्च 2026 में भूमि चिह्नित करने के निर्देश दिए गए थे.
जमीन खरीद के लिए 50 करोड़ रुपये जारी
यूपीसीडा के प्रोजेक्ट प्रभारी उमेश शुक्ला के मुताबिक, जमीन की खरीद के लिए करीब 50 करोड़ रुपये की राशि भेजी जा चुकी है. अक्टूबर में किसानों से भूमि के बैनामे की प्रक्रिया पूरी कराने के लिए कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने बताया कि रामपुर मनिहारान में औद्योगिक कॉरिडोर के लिए जमीन चिह्नित करने की प्रक्रिया प्रशासनिक स्तर पर जारी है. स्थलीय निरीक्षण समेत जरूरी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा.
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