Aligarh News: अलीगढ़ शहर के चारों ओर प्रस्तावित रिंग रोड परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज हो गई है. सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने 22 सितंबर 2026 को राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम-1956 की धारा 3ए के तहत अधिसूचना जारी की है. इसके तहत अलीगढ़ की गभाना और कोल तहसील के 37 गांवों की कुल 357.6565 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण के दायरे में लाई गई है. प्रस्तावित रिंग रोड करीब 33.380 किलोमीटर लंबा छह लेन का ग्रीनफील्ड एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे होगा.
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37 गांवों की जमीन का गाटावार ब्योरा जारी
रिंग रोड परियोजना की अधिसूचना में पहली बार गांववार और गाटावार जमीन का विस्तृत विवरण सामने आया है. इसमें संबंधित गाटा संख्या, प्रस्तावित अधिग्रहीत क्षेत्रफल और भूमि की प्रकृति का उल्लेख किया गया है. इससे जमीन मालिकों को यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि उनके गांव की कौन-सी भूमि परियोजना के लिए चिह्नित की गई है.
अधिसूचना में निजी कृषि भूमि के साथ सरकारी नाली, सड़क, चकरोड, आबादी, बंजर और परती भूमि का भी उल्लेख है. संबंधित ग्रामीण राजपत्र में जारी विवरण के आधार पर अपने गाटे और क्षेत्रफल की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं.
गभाना तहसील के 10 और कोल के 27 गांव शामिल
जारी अधिसूचना के अनुसार, रिंग रोड के लिए गभाना तहसील के 10 और कोल तहसील के 27 गांवों की जमीन चिह्नित की गई है. इनमें गभाना तहसील के पला सल्लू, कोरह रुस्तमपुर, सांगौर, खेरिया हैबत खां, कलुआ, दादूपुर कोटा, सुमेरपुर, समस्तपुर कोटा और अमरौली समेत अन्य गांव शामिल हैं. वहीं, कोल तहसील के कस्तली वैश्य, पला मजरा कस्तली वैश्य, चंदौखा, छेरत सुढ़ियाल, साठा, खेरूपुरा, सपेरा भानपुर, किठारा, जटपुरा, बरौठ, मोरथल, मोहनपुर, नयाबांस नरेंद्रगढ़ी, आजमाबाद मछुआ, सिकंदरपुर मछुआ, खान आलमपुर, इमलानी, मई, महमूदपुर जमालपुर, चंगेरी, भोजपुर, अलहदादपुर, पनैठी, अदौन, जुलूपुर सिहोर, बरौठा और हरदुआगंज के नाम शामिल हैं.
21 दिन में दर्ज करा सकते हैं आपत्ति
भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना जारी होने के बाद संबंधित जमीन में हित रखने वाले लोगों को आपत्ति दर्ज कराने का अवसर दिया गया है. अधिसूचना के मुताबिक, राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से 21 दिन के भीतर प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण या उसके उपयोग को लेकर आपत्ति प्रस्तुत की जा सकती है. आपत्ति लिखित रूप में सक्षम प्राधिकारी यानी विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी, अलीगढ़ के समक्ष दर्ज करानी होगी. इसके बाद संबंधित अधिकारी आपत्तिकर्ता को सुनवाई का अवसर देंगे. जमीन से जुड़े लोग स्वयं या अपने विधिक प्रतिनिधि के माध्यम से अपना पक्ष रख सकते हैं. आपत्तियों पर सुनवाई और निर्णय के बाद अधिग्रहण की अगली प्रक्रिया आगे बढ़ेगी.
सर्वे के बाद आगे बढ़ेगी अधिग्रहण की प्रक्रिया
अधिसूचना में भूमि का विस्तृत विवरण जारी होने के बाद अब संबंधित गाटों और क्षेत्रफल को लेकर आपत्तियां सामने आ सकती हैं. इसके बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और राजस्व विभाग की टीमें सर्वे तथा रिकॉर्ड के सत्यापन से जुड़ी कार्रवाई करेंगी. सिटी मजिस्ट्रेट एवं विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी अतुल गुप्ता के मुताबिक, यदि किसी व्यक्ति को गाटा संख्या, क्षेत्रफल या भूमि की प्रकृति से संबंधित विवरण पर आपत्ति है, तो वह निर्धारित समयसीमा में सक्षम प्राधिकारी के समक्ष अपना पक्ष रख सकता है.
33.380 किलोमीटर लंबा होगा छह लेन का हाईवे
केंद्र सरकार की अधिसूचना में अलीगढ़ जिले में करीब 33.380 किलोमीटर लंबे छह लेन के ग्रीनफील्ड एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की घोषणा की गई है. प्रस्तावित परियोजना को अलीगढ़ शहर के चारों ओर रिंग रोड के रूप में विकसित किया जाना है. इसके निर्माण के साथ सड़क के रखरखाव, प्रबंधन और संचालन के लिए आवश्यक भूमि भी अधिग्रहण प्रक्रिया में शामिल होगी.
परियोजना के लिए कुल 357.6565 हेक्टेयर भूमि चिह्नित की गई है. अब अधिसूचना में दिए गए विवरण, आपत्तियों की सुनवाई और संबंधित विभागों की आगे की कार्रवाई के आधार पर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी.
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