Aaj Ka Mausam: देशभर में मौसम तेजी से करवट ले रहा है. एक ओर दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य भारत के कई हिस्से भीषण गर्मी और लू से परेशान हैं, वहीं दूसरी ओर मौसम विभाग (IMD) ने कई राज्यों में तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और गर्म हवाओं के प्रभाव से मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिल रहा है.
17 राज्यों में खराब मौसम की चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार 27 मई को देश के करीब 17 राज्यों में मौसम बिगड़ सकता है. कई इलाकों में 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है. उत्तर और पूर्वी भारत में इसका असर ज्यादा देखने को मिल सकता है. बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल को अधिक संवेदनशील राज्यों में शामिल किया गया है. पहाड़ी क्षेत्रों में ओलावृष्टि और ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी की संभावना भी जताई गई है.
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साइक्लोनिक सिस्टम से बदला मौसम
IMD के मुताबिक दक्षिण बिहार और पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने साइक्लोनिक सिस्टम ने पूरे मौसम तंत्र को मजबूत कर दिया है. इसी वजह से उत्तर भारत, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत तक मौसम में बड़े बदलाव दिखाई दे रहे हैं. मौसम एजेंसियों IMD और स्काईमेट ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ दिनों में तेज आंधी, बिजली गिरने और भारी बारिश की घटनाएं बढ़ सकती हैं. कई क्षेत्रों में धूलभरी आंधी भी चल सकती है.
दिल्ली-एनसीआर में जल्द मिल सकती है राहत
दिल्ली-एनसीआर में अगले दो दिन तक गर्मी बनी रह सकती है. तापमान 43 से 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है. हालांकि 28 मई से मौसम में बदलाव की संभावना जताई गई है. हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाओं के चलते तापमान में गिरावट आ सकती है. मौसम विभाग का अनुमान है कि 29 मई तक तापमान 6 से 7 डिग्री तक कम हो सकता है.
यूपी में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मौसम अचानक बदल सकता है. सहारनपुर, मेरठ, नोएडा, गोरखपुर, प्रयागराज, आगरा और अयोध्या समेत कई क्षेत्रों में तेज बारिश और आंधी की संभावना है. मौसम विभाग ने 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चलने और बिजली गिरने का खतरा बताया है. लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
बिहार में सबसे ज्यादा खतरे की आशंका
बिहार को इस बार सबसे संवेदनशील राज्यों में माना जा रहा है. पश्चिम चंपारण, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, पूर्णिया, भागलपुर और किशनगंज जैसे जिलों में भारी बारिश और तेज तूफान की चेतावनी जारी की गई है. यहां 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. प्रशासन ने लोगों को खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है.
झारखंड और पश्चिम बंगाल में भी अलर्ट
झारखंड के कई जिलों में तेज हवा और बारिश की संभावना जताई गई है. राजधानी रांची समेत कई इलाकों में तापमान में गिरावट हो सकती है, लेकिन बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा. वहीं पश्चिम बंगाल के कई जिलों में भारी बारिश और गरज-चमक के साथ मौसम खराब हो सकता है.
राजस्थान और मध्य प्रदेश में गर्मी जारी
राजस्थान में फिलहाल भीषण गर्मी से राहत मिलने के आसार कम दिखाई दे रहे हैं. कई शहरों में तापमान 46 से 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है. हालांकि 28 मई के बाद कुछ क्षेत्रों में मौसम बदलने की संभावना है. मध्य प्रदेश में भी कई हिस्सों में लू का असर बना हुआ है, लेकिन कुछ जिलों में बारिश होने के संकेत मिले हैं.
पंजाब-हरियाणा में गर्मी का प्रकोप
पंजाब और हरियाणा के कई शहरों में अगले दो दिन तापमान 45 डिग्री के आसपास बना रह सकता है. मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है. महीने के अंत तक कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है.
पहाड़ी राज्यों में ओले और बर्फबारी
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में मौसम खराब रहने की संभावना है. कई इलाकों में तेज बारिश, आंधी और ओलावृष्टि हो सकती है. ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी भी देखने को मिल सकती है. प्रशासन ने यात्रियों और स्थानीय लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है.
पूर्वोत्तर राज्यों में बाढ़ का खतरा
असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड और मिजोरम में भारी बारिश जारी रहने की संभावना है. लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है. प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी जा रही है.
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दक्षिण भारत में मानसून ने पकड़ी रफ्तार
केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में मानसून की गतिविधियां तेज होती दिखाई दे रही हैं. कई हिस्सों में भारी बारिश और तेज हवाओं की संभावना बनी हुई है. समुद्री इलाकों में रहने वाले लोगों और मछुआरों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है. मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि जून के पहले सप्ताह तक मानसून और सक्रिय हो सकता है.


