Ayodhya News: अयोध्या स्थित डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के केंद्रीय पुस्तकालय में विद्यार्थियों व शोधार्थियों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने के उद्देश्य से कंप्यूटर लैब, आईसीटी रिसोर्स सेंटर, कंपटीशन सेल, भारतीय ज्ञान परंपरा दीर्घा, संदर्भ दीर्घा तथा शोध छात्रों के लिए ‘कीबो’ सॉफ्टवेयर का भव्य उद्घाटन विश्वविद्यालय के कुलपति कर्नल डॉ. बिजेंद्र सिंह द्वारा फीता काटकर किया गया.
इन नई सुविधाओं के शुरू होने से विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को डिजिटल संसाधनों के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा को समझने में अभूतपूर्व सहायता मिलेगी.
उद्घाटन के उपरांत आयोजित कार्यक्रम में छात्रों एवं संकाय सदस्यों को संबोधित करते हुए माननीय कुलपति प्रो. बिजेंद्र सिंह ने पुस्तकालय के महत्व पर एक प्रेरणादायी वक्तव्य में कहा कि पुस्तकालय किसी भी शैक्षणिक संस्थान का हृदय और ज्ञान की चेतना का केंद्र होता है. आधुनिक युग में डिजिटल संसाधनों और पारंपरिक ज्ञान का समन्वय ही शिक्षा को पूर्णता प्रदान करता है.
आज का युग तकनीक का युग है, और आईसीटी रिसोर्स सेंटर व कीबो सॉफ्टवेयर जैसी सुविधाएं हमारे समावेशी शिक्षा के संकल्प को और मजबूत करेंगी.’कीबो’ सॉफ्टवेयर की स्थापना पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि तकनीक के माध्यम से हर शोधार्थी, विद्यार्थी को मुख्यधारा में लाना विश्वविद्यालय की प्राथमिकता है.
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए दिशा में कंपटीशन सेल और संदर्भ दीर्घा के माध्यम से छात्रों को एक ही छत के नीचे उत्कृष्ट अध्ययन सामग्री और शांत वातावरण मिलेगा, जिससे वे राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकेंगे.
भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़ाव के तहत भारतीय ज्ञान परंपरा दीर्घा के माध्यम से युवा पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक और वैज्ञानिक जड़ों से जुड़ सकेगी, जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति के मूल सिद्धांतों के अनुरूप है. इस अवसर पर प्रभारी पुस्तकालयध्यक्ष, प्रो. सिद्धार्थ शुक्ल, प्रो. गंगाराम मिश्र, डॉ दिवाकर त्रिपाठी, डॉ. अवध नारायण, के के मिश्र, रामनिवास गौड़, हिमांशु मिश्र पूजा एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे.


