भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए एक बड़े सड़क प्रोजेक्ट को मंजूरी मिलने का रास्ता साफ हो गया है. केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने मिसरोद से एम्स, चेतक ब्रिज होते हुए अयोध्या बायपास जंक्शन तक 6-लेन एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है. करीब 2,471 करोड़ रुपये लागत वाली इस परियोजना को तीन चरणों में पूरा करने की योजना है. इसे केंद्र सरकार की वन टाइम इन्वेस्टमेंट (OTI) स्कीम में शामिल करने का प्रस्ताव रखा गया था, जिसे केंद्रीय मंत्री की ओर से मंजूरी दी गई है.
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तीन फेज में बनेगा एलिवेटेड कॉरिडोर
प्रस्ताव के मुताबिक, एलिवेटेड कॉरिडोर मिसरोद से शुरू होकर एम्स, चेतक ब्रिज और आगे अयोध्या बायपास जंक्शन तक जाएगा. इसके निर्माण से भोपाल के प्रमुख हिस्सों को जोड़ने वाले इस मार्ग पर ट्रैफिक का दबाव कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है. इसके साथ ही पुराने सड़क मार्गों पर वाहनों का दबाव कम करने के लिए भी योजना तैयार की जा रही है. परियोजना को तीन फेज में विकसित किया जाएगा.
सीएम आवास में हुई बैठक
इस प्रोजेक्ट को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की बैठक हुई. बैठक में मध्य प्रदेश लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव और अन्य विभागीय अधिकारी भी मौजूद रहे. बैठक में भोपाल के एलिवेटेड कॉरिडोर के अलावा मध्य प्रदेश के कई अन्य बड़े सड़क प्रोजेक्ट्स को लेकर भी केंद्र से मंजूरी की मांग रखी गई.
सतना-चित्रकूट 4-लेन प्रोजेक्ट भी प्रस्तावित
बैठक में करीब 77 किलोमीटर लंबे सतना-चित्रकूट 4-लेन प्रोजेक्ट का प्रस्ताव भी रखा गया. इसकी अनुमानित लागत करीब ₹4,550 करोड़ बताई गई है.इसके अलावा करीब 160 किलोमीटर लंबे भोपाल-इंदौर ग्रीनफील्ड हाई-स्पीड कॉरिडोर का प्रस्ताव भी चर्चा में रहा. इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब ₹7,000 करोड़ बताई गई है.
जबलपुर-रायपुर एक्सप्रेसवे और इंदौर बायपास पर भी चर्चा
बैठक में जबलपुर-रायपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे से जुड़े प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई. इसके तहत करीब 285 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे को लेकर योजना सामने रखी गई. वहीं, इंदौर इंटरनल बायपास के लिए करीब 85 किलोमीटर लंबे मार्ग का प्रस्ताव भी रखा गया, जिसकी अनुमानित लागत करीब ₹9,000 करोड़ बताई गई है. इसके अलावा करीब 414 किलोमीटर लंबे अटल एक्सप्रेसवे से जुड़े प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई. इसकी अनुमानित लागत करीब ₹15,000 करोड़ बताई गई है. अधिकारियों ने इन सभी परियोजनाओं के लिए केंद्र से आवश्यक मंजूरी और आगे की कार्रवाई की मांग रखी.
भोपाल में 6-लेन एलिवेटेड कॉरिडोर बनने से मिसरोद, एम्स, चेतक ब्रिज और अयोध्या बायपास के बीच यातायात को सुगम बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव होने की उम्मीद है.
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