Entertainment Desk: भारतीय सिनेमा में कुछ गाने ऐसे होते हैं जो वक्त के साथ और गहरे हो जाते हैं. वे सिर्फ सुने नहीं जाते, महसूस किए जाते हैं. साल 1997 में रिलीज़ हुई जे.पी. दत्ता की फिल्म ‘बॉर्डर’ का गीत ‘संदेशे आते हैं’ भी ऐसा ही एक अमर गीत है, जिसने देशप्रेम की भावना को नई ऊंचाई दी. लेकिन इस गाने की लोकप्रियता के पीछे एक ऐसा दर्दनाक और भावनात्मक किस्सा छिपा है, जिसे जानकर आज भी रोंगटे खड़े हो जाते हैं.
इस गाने की रिकॉर्डिंग किसी आम स्टूडियो सेशन जैसी नहीं थी. हाल ही में एक इंटरव्यू में संगीतकार अनु मलिक ने इस गीत से जुड़ा वह अनुभव साझा किया, जो उनके लिए आज भी बेहद भावुक करने वाला है. उन्होंने बताया कि ‘संदेशे आते हैं’ की लाइव रिकॉर्डिंग सुबह शुरू हुई और अगले दिन सुबह करीब 5 बजे जाकर खत्म हुई. स्टूडियो में 20-25 लोगों का कोरस लगातार गा रहा था और माहौल पूरी तरह देशभक्ति में डूबा हुआ था.

गले पर पड़ा था दबाव
अनु मलिक के मुताबिक, वे इस धुन को परफेक्ट बनाने के लिए बार-बार खुद गा रहे थे, सुर समझा रहे थे और ऊंची आवाज़ में निर्देश दे रहे थे. घंटों तक लगातार चिल्लाने और गाने की वजह से उनके गले पर असहनीय दबाव पड़ने लगा. जब वे रिकॉर्डिंग के दौरान बाथरूम गए और थूका, तो उन्होंने देखा कि उनके मुंह से खून निकल रहा है. यह स्थिति अत्यधिक थकान और गले की नसों पर खिंचाव की वजह से पैदा हुई थी. इसके बाद उन्हें डॉक्टर को दिखाना पड़ा.
दरअसल, बहुत कम लोग जानते हैं कि इस गाने की आत्मा रचने में अनु मलिक ने अपनी आवाज़ और सेहत की हदें पार कर दी थीं. ‘संदेशे आते हैं’ सिर्फ एक कम्पोज़िशन नहीं था, बल्कि एक ऐसा भावनात्मक विस्फोट था, जिसमें कलाकारों ने अपना सबकुछ झोंक दिया.

एक हिस्से को लेकर हुई थी नर्वसनेस
रिकॉर्डिंग के दौरान सेट का माहौल भी बेहद भावुक था. गायक रूपकुमार राठौड़, जो इस गीत की मुख्य आवाज़ थे, गाने के एक खास हिस्से को लेकर काफी नर्वस हो गए थे. उन्हें लग रहा था कि वे उस हिस्से को ठीक तरह से नहीं गा पा रहे हैं. यह दबाव उनके चेहरे और आवाज़ दोनों में झलक रहा था.
अनु मलिक ने स्थिति को भांपते हुए रूपकुमार राठौड़ को स्टूडियो के केबिन से बाहर ले गए. उन्होंने उन्हें गले लगाया और भरोसा दिलाया कि वे बिल्कुल सही गा रहे हैं और यह गाना इतिहास रचने वाला है. यह पल इतना भावुक था कि रूपकुमार राठौड़ खुद को रोक नहीं पाए और फूट-फूटकर रोने लगे. लेकिन उसी भावनात्मक टूटन के बाद जब वे दोबारा माइक के सामने आए, तो उन्होंने जो गाया, वह भारतीय सिनेमा के इतिहास में हमेशा के लिए दर्ज हो गया.
‘संदेशे आते हैं’ रिलीज़ के बाद केवल एक गीत नहीं रहा, बल्कि हर सैनिक, हर परिवार और हर देशवासी की भावना बन गया. यह गीत आज भी सुनते ही आंखें नम कर देता है.
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ऐतिहासिक गीत को फिल्म ‘बॉर्डर 2’ में रिप्राइज किया गया
अब, करीब 29 साल बाद, इस ऐतिहासिक गीत को फिल्म ‘बॉर्डर 2’ में रिप्राइज किया जा रहा है. इस बार गाने को सोनू निगम और रूपकुमार राठौड़ के साथ-साथ विशाल मिश्रा और दिलजीत दोसांझ ने भी अपनी आवाज़ दी है. हालांकि इस नए संस्करण का संगीत मिथुन ने दिया है और बोल मनोज मुंतशिर ने लिखे हैं, लेकिन मूल गाने की आत्मा आज भी वैसी ही है.


