दिल्ली-एनसीआर से उत्तर प्रदेश के पूर्वी कोनों (पूर्वांचल) की दूरी अब सिमटने जा रही है. दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (DME) के पांचवें चरण (खंड-5) का निर्माण कार्य अंतिम दौर में पहुंच चुका है. इसके पूरा होते ही दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे को उत्तर प्रदेश के सबसे लंबे ‘गंगा एक्सप्रेसवे’ से सीधी कनेक्टिविटी मिल जाएगी. इस नए रूट के चालू होने के बाद दिल्ली-नोएडा से प्रयागराज (इलाहाबाद) का सफर बेहद आसान हो जाएगा और यात्री महज 7 से 7.5 घंटे में यह दूरी तय कर सकेंगे.
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83% से अधिक काम पूरा, अक्टूबर में खुलेगा रूट
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के खंड-5 पर निर्माण कार्य बेहद युद्धस्तर पर चल रहा है. इस सेक्शन का 83 फीसदी से ज्यादा निर्माण कार्य सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है. NHAI का दावा है कि इसी साल अक्टूबर तक इसका निर्माण कार्य शत-प्रतिशत पूरा कर इसे आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा.
क्या है पूरा रूट और कैसे होगी कनेक्टिविटी?
गंगा एक्सप्रेसवे और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाला यह नया सेक्शन कुल साढ़े 14 किलोमीटर (14.5 किमी) लंबा है. इसका रूट इस प्रकार तैयार किया गया है. इस कॉरिडोर का करीब 9 किलोमीटर का हिस्सा मेरठ जिले में आता है, जबकि लगभग साढ़े 5 किलोमीटर का हिस्सा गाजियाबाद जिले से होकर गुजरता है. यह नया लिंक कॉरिडोर मेरठ के 7 गांवों और गाजियाबाद के 3 गांवों के बीच से होकर गुजरेगा. दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पहले से ही चालू है, बस इस आखिरी साढ़े 14 किलोमीटर के खंड-5 के जुड़ते ही वाहन सीधे गंगा एक्सप्रेसवे पर चढ़ सकेंगे, जिससे मेरठ से प्रयागराज की दूरी भी घटकर मात्र 5 से 6 घंटे रह जाएगी.
उत्तराखंड (हरिद्वार-ऋषिकेश-देहरादून) जाना भी होगा आसान
इस नए कॉरिडोर के शुरू होने से न सिर्फ दिल्ली और प्रयागराज बल्कि यूपी-उत्तराखंड के कई अन्य प्रमुख शहरों की कनेक्टिविटी में भी क्रांतिकारी बदलाव आएगा. बिजनौर, मेरठ और मुजफ्फरनगर जैसे जिलों को सीधा और तेज रफ्तार रास्ता मिलेगा. यह कॉरिडोर दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से भी जुड़ा हुआ है. इसके चलते दिल्ली-एनसीआर से हरिद्वार, ऋषिकेश और उत्तराखंड की राजधानी देहरादून तक का सफर पहले के मुकाबले काफी आसान और कम समय लेने वाला हो जाएगा.
बिहार बॉर्डर (बलिया-बक्सर) तक विस्तार की बड़ी योजना
गंगा एक्सप्रेसवे वर्तमान में भी उत्तर प्रदेश का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे है, लेकिन सरकार इसे और बड़ा आकार देने की तैयारी में है. सरकार गंगा एक्सप्रेसवे के एक छोर को मेरठ एक्सप्रेसवे से जोड़ रही है, तो वहीं दूसरे छोर यानी प्रयागराज वाले हिस्से को आगे बलिया और बिहार बॉर्डर तक विस्तारित करने का खाका तैयार किया जा चुका है. इसके अतिरिक्त, प्रयागराज-बलिया लिंक के जरिए इसे सीधे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से भी कनेक्ट किया जाएगा, जो बिहार के बक्सर बॉर्डर पर जाकर जुड़ता है. इस विस्तार के बाद यह रूट दिल्ली से लेकर सीधे बिहार तक निर्बाध (Seamless) कनेक्टिविटी प्रदान करेगा.


